धोखेबाज एनआरआई पतियों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम…

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भारत सरकार देश की लड़कियों से शादी करके विदेश भाग जाने वाले अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) पुरुष पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार कानून में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार जानबूझकर कोर्ट की कार्यवाही को नजरअंदाज करने वाले एनआरआई पतियों की संपत्ति को जब्त करने के लिए कानून में बदलाव करेगी। जिसकी वजह से ऐसा करने वाले पतियों पर कोर्ट के समन का जवाब देने के लिए दबाव बनाया जा सकेगा। धोखेबाज एनआरआई पतियों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम...

बहुत से मामले सामने आने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। खासतौर से पंजाब में एनआरआई लड़के -लड़कियों से एक बेहतरीन जीवन देने का वादा करते हुए शादी करते हैं लेकिन बहुत जल्द महिला को छोड़कर विदेश भाग जाते हैं। मंत्रियों के एक समूह ने ऐसे पतियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कुछ संभावित उपाय सुझाए हैं। इन उपायों में विदेश मंत्रालय द्वारा एक वेबसाइट का निर्माण करना शामिल है जिसके जरिए एनआरआई पतियों को कोर्ट का समन दिया जाएगा।

इस वेबसाइट पर पति के खिलाफ समन डाला जाएगा और यह माना जाएगा कि आरोपी ने उसे स्वीकार कर लिया है। इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए कानून में कुछ जरूरी संशोधन भी किए जाएंगे। यदि कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहा पति समन जारी होने के बाद भी कोर्ट में पेशी के लिए नहीं आया तो उसे भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। ऐसे अपराधियों से निपटने के लिए जो दूसरे देश चले जाते हैं या फिर कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपनी पहचान बदल लेते हैं उनके पासपोर्ट को रद्द कर दिया जाएगा।

आरोपी एनआरआई की पैतृक संपत्ति को तब तक के लिए जब्त कर लिया जाएगा जब तक कि वह अदालत में पेश नहीं हो जाता। इसके अलावा एनआरआई को शादी के 48 घंटे के अंदर पंजीकृत करवाना होगा। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें विदेश में रहने वाले लड़के शादी के बाद अपनी पत्नी को भारत में ही छोड़कर जाते हैं। इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी, कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बैठक की।

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