सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आफ इंडिया, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स (ओबीसी) तथा सिंडिकैट बैंक ने कर्ज पर ब्याज दरें 0.05-0.15 प्रतिशत तक बढ़ाने की आज घोषणा की. यह वृद्धि अगले सप्ताह से प्रभावी होगी.  इसके तहत बैंक आफ इंडिया ने विभिन्न अवधियों के लिए अपनी सीमांत लागत आधारित उधारी दर (एमसीएलआर) में 0.10 प्रतिशत वृद्धि की है. ओबीसी ने ब्याज दर में 0.10-0.15 प्रतिशत तक की बढोतरी की है. सिंडिकैट बैंक ने एक साल अवधि वाले कर्ज पर ब्याज दर में 0.05 प्रतिशत बढोतरी की है.

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने इसी सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में बढोतरी के कारण मुद्रास्फीतिक चिंताओं के बीच नीतिगत ब्याज दर में 0.25% तक बढ़ोतरी की है. एसबीआई , आईसीआईसीआई बैंक व एचडीएफसी बैंक पहले ही एमसीएलआर बढ़ा चुके हैं जिससे आटो, आवास और कारोबारी कर्ज महंगा होगा. बैंक आफ इंडिया ने कहा कि उसने एक साल के कर्ज पर एमसीएलआर बढ़ाकर 8.50 प्रतिशत, जबकि एक दिन की अल्पावधि के कर्ज की दर 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर 7.90 प्रतिशत कर दी. एक माह और तीन माह के लिये एमसीएलआर दर को 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर क्रमश: 8.20 प्रतिशत और 8.30 प्रतिशत कर दिया.

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बैंक आफ इंडिया ने कहा है कि बढ़ी दर 10 जून 2018 से प्रभाव में आयेगी. आरिएंटल बैंक आफ कामर्स (ओबीसी) ने चुनींदा अवधि के कर्ज पर अपनी ब्याज दरें 0.15 प्रतिशत तक बढ़ाईहैं.यह वृद्धि 11 जून से प्रभावी होगी. सिंडीकेट बैंक ने एक साल की अवधि के कर्ज पर एमसीएलआर दर को 8.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.55 प्रतिशत कर दिया.अन्य अवधि के कर्ज पर दरें पूर्ववत रखी गई हैं.ताजा वृद्धि 10 जून से प्रभावी होगी.