सफल हुई दुनिया के सबसे भारी बच्चे की सर्जरी, 237 किलो था वजन

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एक सामान्य व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स(बीएमआई) यानि कि लंबाई और वजन का अनुपात 22.5 कीलोग्राम प्रति मीटर स्क्वायर(किग्रा/मी2) होता है. अगर किसी व्यक्ति का बीएमआई 32.5 हो जाता है तो वो मोटापा के दायरे में आ जाता है और उसे डॉक्टर सर्जरी कि सलाह दे सकते हैं. वहीं अगर किसी का बीएमआई 40, 50 और 60 होता है तो वो ज्यादा मोटापा, बहुत ज्यादा मोटापा और बहुत-बहुत ज्यादा मोटापा की श्रेणी में आता है. लेकिन जरा सोचिए अगर किसी 14 साल के बच्चे की बीएमआई 92 है तो उसके मोटापे का स्तर क्या होगा?

पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर के रहने वाले 14 साल के मिहिर जैन का वजन 237 किलोग्राम था. पिछले कुछ महीनों से मिहिर का साकेत के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. हालांकि सर्जरी के जरिए डॉक्टर्स ने मिहिर के वजन को कम करने में सफलता हासिल की है. अस्पताल के सर्जन प्रदीप चौबे ने बताया कि मिहिर जब अस्पताल में लाया गया था तो उसका वजन 237 कीलो था. गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी कराने वाला मिहिर दुनिया का सबसे भारी बच्चा है.

पास्ता और पिज्जा खाना सबसे ज्यादा पसंद है- मिहिर

मिहिर का जन्म 2003 में हुआ था और उस समय उसका वजन सामान्य बच्चों की तरह 2.5 किलोग्राम था. लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया उसका वजन बढ़ता गया. पांच साल की उम्र में मिहिरा का वजन 60-70 किलो हो गया. घरवालों का कहना है कि शुरू में उन्हें लगा कि ये सामान्य बात है क्योंकि उनके घर के सभी लोगों का वजन ज्यादा है. लेकिन धीरे-धीरे मोटापे की वजह से उसकी हालत ऐसी हो गई कि वो सही से चल भी नहीं पा रहा था. मिहिर ने स्कूल जाना भी बंद कर दिया था.

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घरवालों ने 2010 में बच्चे का इलाज कराने कोशिश की थी लेकिन डॉक्टरों का कहना था कि बच्चा बहुत छोटा है इसलिए अभी सर्जरी नहीं की जा सकती है.

मिहिर ने कहा कि उसका सबसे पसंदीदा खाना पास्ता है. पिज्जा भी उसे बहुत पसंद है. डॉक्टर चौबे ने बच्चे के लिए बेहद कम कैलोरी वाला खाना खाने का सुझाव दिया. सामान्य भोजन में 2,500 से 3,000 कैलोरी होता है लेकिन बेहद कम कैलोरी वाले भोजन में लगभग 800 कैलोरी होती है. डॉक्टर ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि बच्चा अपने खाना-पद्धति में इतने कम कैलोरी का भोजन ले पाएगा. लेकिन कुछ दिनों बाद मिहिर और उसके परिवारवाले वापस आए. उस समय मिहिर का वजन 10 किलो कम हो गया था. और इसी तरह दो महीने में उसका वजन 237 किलो से 196 किलो पर आ गया.

इसके बाद और वजन कम करने के लिए बच्चे की सर्जरी की गई. डॉक्टर ने कहा कि सबसे बड़ा चैलेंज ये था कि इतने ज्यादा वजनी बच्चे को एनीस्थीसिया कैसे दी जाए. हालांकि इसके लिए डॉक्टर्स ने एक विशेष तरह के यंत्रों का इस्तेमाल किया. हालांकि सफलतापूर्वक सर्जरी की गई और मिहिर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है.

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