हरियाणा में टाॅयलेट फिल्‍म देख कर गांव वासियों ने प्रेरणा ले लिया यह बड़ा फैसला

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डबवाली। राजस्‍थान की सीमा से सटे हरियाणा के गांव गाेदिकां के लोगों ने अक्षय कुमार अभिनीत बॉलीवुड फिल्‍म टाॅयलेट देखी। इस फिल्‍म ने गांव के लोगों को इतना प्रभावित किया कि अाज इस गांव के हर घर में टॉयलेट है। इसके साथ ही गांव की पंचायत बड़ा फैसला है। पंचायत ने कहा है कि गांव के लोग अपनी बेटियों की शादी उसी घर में करें जहां टॉयलेट बना हो।हरियाणा में टाॅयलेट फिल्‍म देख कर गांव वासियों ने प्रेरणा ले लिया यह बड़ा फैसला

गांव गोदिकां की पंचायत ने पारित किया प्रस्ताव, बेटी की शादी उसी घर में करें जहां शौचालय हो

डबवाली के गांव गोदिकां की पंचायत ने इसके लिए प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्‍ताव में कहा गया है कि गांव की बेटी उसी घर में ब्याही जाएगी, जिस घर में शौचालय बना होगा। गांव के पंचायत के इस कदम की पूरे क्षेत्र में तरीफ हाे रही है। ऐेसे में वधू पक्ष के लिए अब शादी के लिए जमीन-जायदाद या फिर पैसा की जगह घर में स्‍वच्‍छता और टॉयलेट को आधार बन गया है। पंचायत में शामिल लोगों का कहना है कि यह मामला स्‍वच्‍छता के साथ ही बेटियों की हिफाजत से भी जुड़ा है।

गांव के हर घर में है शौचालय, कोई खुले में नहीं जाता है शौच

यह गांव राजस्थान की सीमा करीब 12 किलोमीटर है। इस वजह से यहां कि अधिकतर बेटियां राजस्थान में ब्याही जाती हैं। ससुराल में शौचालय न होने के कारण बेटियों को असुरक्षा महसूस होती है। गांव गोदिकां में अब कोई खुले में शौच नहीं जाता। प्रत्येक घर में शौचालय बना हुआ है। गांव के इसी गौरवमयी पहलू को देखते हुए पंचायत ने ग्रामीणों की सहमति से उपरोक्त प्रस्ताव पारित किया।   

खुले में खुले में शौच से मुक्त गांव है गोदिकां, प्रत्येक घर में बना है शौचालय

पिछले दिनों हरियाणा सरकार ने अक्षय कुमार की फिल्म टॉयलेट पंचायत प्रतिनिधियों को दिखाई थी। जिस दिन गांव गोदिकां के सरपंच धर्मपाल मुंदलिया ने फिल्म देखी थी, उसी दिन निर्णय लिया था कि वे बेटियों की हिफाजत के लिए अनोखा निर्णय लेंगे। पिछले दिनों ग्राम सभा की बैठक में उन्होंने यह बात ग्रामीणों के आगे रखी तो पूरा गांव सहमत हो गया। इसके बाद पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर दिया।

यह लिखा है प्रस्ताव में

8 जून 2018 को पंचायत की बैठक में पारित हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि गांव गोदिकां खुले में शौचमुक्त गांव है। गांव में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। गांव के इस गौरवमयी बिंदु को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत ने यह फैसला लिया है कि गांव का प्रत्येक व्यक्ति अपनी बहन-बेटी की शादी केवल उसी घर में करेगा, जिस घर में सुलभ शौचालय बना हुआ है।

” ग्रामीणों की सहमति से पंचायत ने बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव को लागू कराने के लिए उपायुक्त के माध्यम से सरकार के पास भेजा जाएगा।

” पंचायत ने बहुत अच्छी पहल की है। बेटी का रिश्ता तय करते समय प्रत्येक माता-पिता को लड़के वालों के आगे यह शर्त रखनी चाहिए कि शादी से पहले शौचालय जरूर बना लें। कोशिश रहेगी कि जिले की सभी 338 पंचायतें इसका अनुसरण करें। पंचायतों को यह भी समझाया जाएगा कि अगर कोई बेटी उनके गांव की बहू बनकर आती है तो संबंधित घर में भी शौचालय बनाना जरूरी करें।

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