पीएम मोदी ने ट्रिपल तलाक बिल में किए ये तीन अहम संशोधन

नई दिल्ली: कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद ट्रिपल तलाक बिल (triple talaq bill) को तीन संशोधनों के साथ आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा. अब ये तय किया गया है कि संशोधित बिल में दोषी को ज़मानत देने का अधिकार मेजिस्ट्रेट के पास होगा और कोर्ट की इजाज़त से समझौते का प्रावधन भी होगा. ये सत्र शुक्रवार को ख़त्म हो रहा है.

अगर इस सत्र में सरकार इस बिल को राज्यसभा में पारित नहीं करा पाती है तो उसने अध्यादेश लाकर इसे लागू करने का विकल्प खुला रखा है. आपको बता दें कि बिल के प्रावधानों पर विपक्ष और कुछ मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद सरकार ने थोड़ा नरम रुख़ अपनाते हुए बिल में कुछ संशोधन किए हैं. 

तीन तलाक को लेकर संसद भवन में अमित शाह, रविशंकर प्रसाद, अनंत कुमार, राजनाथ सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी आदि बैठक कर रहे है. कांग्रेस तीन तलाक बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग कर सकती है. विपक्ष के विरोध की वजह से ये बिल राज्यसभा में लंबे समय से अटका पड़ा है. हालांकि इसे लोकसभा में सरकार पारित करा चुकी है. कांग्रेस और एनसीपी ने सरकार के फैसले पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने एनडीटीवी से कहा कि सरकार ने जो बदलाव किया है वो आंशिक तौर पर ही कांग्रेस की चिंताओं को दूर करता है और बिल जब राज्यसभा में आएगा जब पार्टी अपना रुख साफ करेगी.

पहला संशोधन
पहले का प्रावधान 
इस मामले में पहले कोई भी केस दर्ज करा सकता था. इतना ही नहीं पुलिस खुद की संज्ञान लेकर मामला दर्ज कर सकती थी. 
संशोधन
अब पीड़िता, सगा रिश्तेदार ही केस दर्ज करा सकेगा

दूसरा संशोधन
पहले का प्रावधान 
पहले गैर जमानती अपराध और संज्ञेय अपराध था. पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती थी. 
संशोधन
मजिस्ट्रेट को ज़मानत देने का अधिकार होगा. 

तीसरा संशोधन
पहले का प्रावधान 
पहले समझौते का कोई प्रावधान नहीं था. 
संशोधन
मजिस्ट्रेट के सामने पति-पत्नी में समझौते का विकल्प भी खुला रहेगा

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