शनि अमावस्या के साथ आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, होगा ये बड़ा प्रभाव

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साल का आखिरी और तीसरा सूर्य ग्रहण आज पड़ेगा जो कि आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। ये सूर्य ग्रहण धरती के उत्तरी गोलार्द्ध में दिखाई देगा यानी कि भारत के लोग इस सूर्य ग्रहण का दीदार नहीं कर पाएंगे।शनि अमावस्या के साथ आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, होगा ये बड़ा प्रभाव

आज भारतीय समयानुसार आज दोपहर 01 बजकर 32 मिनट 08 सेकेंड बजे से आंशिक सूर्य ग्रहण शुरू होगा। दोपहर करीब 03 बजकर 16 मिनट और 24 सेकेंड पर यह मैक्सिमम होगा और शाम 5 बजे यह समाप्त हो जाएगा। आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण हमेशा चंद्र ग्रहण के दो सप्ताह पहले या बाद में लगता है। इस बार सूर्य ग्रहण का समय कुल 3 घंटे 30 मिनट तक होगा।

धार्मिक महत्व के लिहाज से आज सूर्यग्हण के साथ-साथ शनि अमावस्या भी है। ज्योतिष के जानकार पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि जिनका कार्य विदेशों से संबंधित है उन पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव पड़ सकता है। वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि पर कुछ असर देखने को मिल सकता है।

कुंभ राशि वालों के लिए यह थोड़ा परेशानी का कारण बन सकता है, उन्हें हर फैसले संभल कर लेने होंगे। कन्या राशि वालों को लाभ हो सकता है। वहीं वृषभ राशि वालों को भी थोड़ी सचेत रहने की जरूरत है। सिंह राशि वाले सेहत को लेकर सचेत रहें। यह सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, कनाडा उत्तर पश्चिमी एशिया, दक्षिण कोरिया, मास्को, चीन और लंदन में दिखाई देगा। भारत में ग्रहण का प्रभाव बिल्कुल नहीं होगा। 

जानिए क्या होता है आंशिक सूर्य ग्रहण? 

पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने के साथ-साथ अपने सौरमंडल के सूर्य के चारों ओर भी चक्कर लगाती है। दूसरी ओर, चंद्रमा दरअसल पृथ्वी का उपग्रह है और उसके चक्कर लगता है, इसलिए, जब भी चंद्रमा चक्कर काटते-काटते सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है।

इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण आंशिक और पूर्ण दोनों तरह का हो सकता है। आंशिक सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के कुछ ही हिस्से को ढकता है और जब इस नजारे को पृथ्वी से देखा जाए तो सूर्य एक डिस्क की तरह दिखाई देता है।

यूट्यूब पर नासा लाइव स्ट्रीमिंग कर दिखाता है सूर्य ग्रहण की खगोलीय घटना 
जब भी सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण आता है तो नासा लाइव स्ट्रीमिंग करता है। लोग इसे यूट्यूब पर आसानी से देख सकते हैं।  

कहां-कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
आज का आंशिक सूर्य ग्रहण भारत में तो नहीं दिखाई देगा, लेकिन उत्तरी यूरोप से लेकर पूर्वी एशिया, रूस समेत नॉर्थ अमेरिका, नॉर्थ पश्चिमी एशिया, साउथ कोरिया, मास्को, चीन जैसे कई देशों के लोग देख पाएंगे। नासा के मुताबिक, इन इलाकों में रहने वाले लोग 65 फीसदी आंशिक सूर्य ग्रहण का दीदार कर पाएंगे। 

ग्रहण को नग्न आंखों से न देखें
एक तरफ जहां यह भारत में आज का आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा लेकिन उत्तरी गोलार्ध में यह दिखाई देगा। इस बार का सूर्य ग्रहण साइबेरिया में अच्छे से दिखाई देगा। यहां लोग 65 फीसदी सूर्य ग्रहण देख पाएंगे। इसलिए यह सलाह दी गई कि लोग इसे देखने के लिए स्पेशल ग्लास या फिर लेंस का इस्तेमाल करें। ग्रहण को नग्न आंखों से बिल्कुल न देखें।

सूर्य ग्रहण की मान्यताएं

1. सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और मूर्ति पूजा नहीं करनी चाहिए। 
2. मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान तुलसी और शामी के पौधे को नहीं छूना चाहिए।
3. ग्रहण काल के दौरान खाना खाने और पकाने की मनाही होती है। 
4. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए।
5. ग्रहण के वक्त मंत्रों का उच्चारण करने का चलन है। 
6. हिन्दू मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल खत्म होने के बाद पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। 
7. अगर घर पर ही हैं तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। 
8. ग्रहण काल के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देने का विधान है। 

जूते चप्पल का दान शुभ

आज शनिवार को विशेष संयोग बन रहा है। आज शनि अमावस्या के साथ-साथ सूर्य ग्रहण भी है। इसके अलावा इस दिन हरियाली अमावस्या का त्योहार भी है। शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शनि अमावस्या पर जूते चप्पल का दान शुभ माना जाता है। शमी के पेड़ की पूजा करना भी फलदायी होगा। मान्यता कि जो भक्त हनुमान जी की पूजा करते हैं उन्हें शनि देव कभी भी पीड़ा नहीं पहुंचाते। शनि अमावस्या पर तेल चढ़ाने और दीपक जलाने से शनि दोष और पितृ दोष आसानी से दूर हो जाता है। काली गाय की सेवा करने से शनि दोष से मुक्ति मिल जाती है। 
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