दिहाड़ी मांगने पर एक मजदूर की निर्मम तरीके से पीट-पीट कर हत्या करने के जुर्म में स्थानीय अदालत ने तीन भाइयों को उम्र कैद की सजा सुनाई है. साथ ही अदालत ने तीनों हत्‍यारों के खिलाफ दस-दस हज़ार रूपये का जुर्माना भी लगाया. 2015 में तीनों भाइयों ने मोनू नाम के मजदूर की हत्या कर दी थी. मृतक के पिता ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था.

मजदूरी मांगने पर मिली मौत

अभियोजन के मुताबिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रामसुध सिंह ने मनोहर सिंह और उसके भाइयों सतीश सिंह तथा हरपाल को मजदूर मोनू की हत्या के मामले में मंगलवार शाम उम्र कैद की सजा सुनाई. अदालत ने दोषियों पर दस -दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. अभियोजन के मुताबिक, मंसूरपुर थाना क्षेत्र के सिंधवाली गांव में ईंट भट्ठे पर काम करने बाद मोनू ने जब अपनी मजदूरी मांगी तो पांच मार्च 2015 को तीनों भाइयों ने बेहद निर्दयता से उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. मृतक मजदूर मोनू के पिता रमेश ने तीनों के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी.

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यह था मामला

शिकायत में बताया था कि आठ मार्च, 2015 को संधावली गांव के मोहर सिंह उर्फ भाटुल, सतीश व हरपाल पुत्र दयाराम काम करने के लिए रोहटा रोड हनुमान भट्टा पर अपने साथ उसके पुत्र मोनू को ले गए थे. पांच हजार रुपये प्रतिमाह मजूदरी तय करने के बावजूद उन्होंने होली पर मोनू को केवल हजार रुपये देकर भेज दिया था. इसके बाद और पैसे मांगने पर गाली-गलौज भी की थी. बताया कि कुछ दिन बाद भाटुल, सतीश व हरपाल फिर घर आए थे और बकाया रुपये देने की बात कहकर मोनू को साथ लेकर चले गए थे. लेकिन फिर वो जीवित वापस नहीं लौटा.

नाले में पड़ा मिला था शव

बताया जाता है कि घटना के पांच दिन बाद ही सिर में चोट लगा मोनू का शव गांव के चांद मियां के खेत के पास एक नाले में पड़ा मिला था. जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी यशपाल सिंह व सहायक शासकीय अधिवक्ता कय्यूम अली त्यागी ने बताया कि घटना के मुकदमे की सुनवाई एडीजे चतुर्थ रामसुध सिंह के न्यायालय में हुई. कोर्ट में सात गवाह पेश हुए थे. ( इनपुट एजेंसी )