बिहार में कोसी नदी ने शुरू की तबाही, लोगों का हुआ कुछ ऐसा हाल

पटना। कोसी और सीमांचल में कई नदियां खतरे के निशान से उपर बहने लगीं हैं। नदी किनारे बसे गांवों के लोग रतजगा करने पर विवश हैं। कोसी तटबंध के अंदर रहने वाले लोगों को फिर विस्थापन की चिंता सताने लगी है। शुक्रवार को अररिया में डूबने से एक बच्ची की मौत हो गई। किशनगंज और मधेपुरा में भी अब तक तीन-तीन लोग डूब चुके हैं। बिहार में कोसी नदी ने शुरू की तबाही, लोगों का हुआ कुछ ऐसा हाल

सुपौल में कोसी तटबंध के अंदर  कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मरौना प्रखंड क्षेत्र के आधा दर्जन गांव में बाढ़ का पानी जमा है। इसके अलावा दो दर्जन नये गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है। सहरसा में पूर्वी कोसी तटबंध पर महिषी के कुंदह, नवहट्टा के 64.95 किलोमीटर स्पर पर हो रहे कटाव पर नियंत्रण पा लिया गया है।

मधेपुरा के दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कोसी के जलस्तर में वृद्धि से फुलौत के निचले इलाकों में पानी फैल चुका है। अररिया जिले की बकरा व नूना समेत अन्य नदियों के जलस्तर में गिरावट आई है। कई जगहों पर पानी घटने के साथ ही कटाव तेज हो गया है। जोकीहाट प्रखंड क्षेत्र की चैनपुर-मसुरिया पंचायत में परमान नदी पर बने चंद्रशेखर बांध के टूटने से दर्जनों गांवों में पानी फैल गया है। यहां एक बच्ची की डूबकर मौत हुई है। कटिहार में महानंदा का पानी खतरे के निशान से उपर बह रहा है, वहीं गंगा-कोसी फिलहाल शांत  हैं। अमदाबाद प्रखंड के आठ गांवों में पानी घुसने से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की तैयारी कर रहे हैं।

पूर्णिया के अमौर प्रखंड में कनकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई गांवों में पानी घुस गया है। गुरुवार को एसएच 99 के शीशाबाड़ी स्थित ध्वस्त पुल के समीप डायवर्सन पर करीब एक फीट पानी बहने के कारण यातायात पूरी रात बंद रहा । इससे पूर्णिया-किशनगंज का सड़क संपर्क बाधित रहा। इधर, उत्तर बिहार में शुक्रवार सुबह बारिश के बावजूद दिनभर तेज धूप रही। पानी घटने से चंपारण में लोगों ने राहत की सांस ली है। मिथिलांचल में परेशानी बरकरार है। पश्चिमी चंपारण में गंडक शांत हो गई है, लेकिन कटाव जारी है।

मधुबनी जिले में तीसरे दिन भी कमला बलान खतरे के निशान से ऊपर रही। धौस व अन्य नदियों में जलस्तर में भी वृद्धि जारी रही। बेनीपट्टी में महराजी बांध जगह-जगह दरकने से दहशत है। कोसी नदी भी उछाल पर है। लदनियां में एनएच -104 पर पानी बह रहा है। यहां के लोगों का चौथे दिन भी संपर्क भंग रहा। शिवहर में बागमती खतरे के निशान के पार रही। पांचवें दिन भी मोतिहारी से संपर्क बाधित रहा। सीतामढ़ी में बागमती के जलस्तर में कमी आई है। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड क्षेत्र में कहर जारी है। 

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