केजरीवाल के सलाहकार जैन ने किया कबूल, अमानतुल्लाह-जारवाल ने की CS की पिटाई

- in दिल्ली, राज्य

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर सोमवार देर रात दिल्ली के मुख्य सचिव से आप विधायकों की हाथापाई के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन सरकारी गवाह बन गए हैं। उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने बयान में कबूल किया है कि उस रात मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की पिटाई हुई थी।

 केजरीवाल के सलाहकार जैन ने किया कबूल, अमानतुल्लाह-जारवाल ने की CS की पिटाई
वीके जैन ने अपने बयान में कहा कि सोमवार की रात उन्होंने ही अंशु प्रकाश को केजरीवाल के घर बुलाया था और वहां बहस बढ़ने के बाद अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जारवाल ने मुख्य सचिव की पिटाई की थी। माना जा रहा है कि इस बयान के बाद आप के दोनों विधायकों की मुश्किल बढ़ सकती है। इसका असर इनकी जमानत याचिका पर भी पड़ सकता है।

वहीं इससे पहले आज सुबह इस मामले में आप विधायकों और कार्यकर्ताओं ने आज केंद्रीय गृह मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।

बता दें कि दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ कथित तौर पर आप विधायकों ने मारपीट की। इस मामले में आप विधायक अमानतुल्लाह खां और प्रकाश जारवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
आज होगी जामनत पर होगी सुनवाई

मुख्य सचिव से मारपीट मामले में अदालत से पुलिस को कल झटका लगा। आम आदमी पार्टी के दो विधायकों प्रकाश जारवाल और अमानतुल्लाह खान की पुलिस रिमांड का आवेदन अदालत ने खारिज कर दिया था। अदालत ने इसे राजनीतिक और संवेदनशील मामला बताते हुए कहा कि जब आरोपी मामले में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, तो पुलिस रिमांड की जरूरत नहीं है।

लिहाजा अदालत ने दोनों आरोपियों को बुधवार को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। आरोपियों की जमानत याचिका पर आज सुनवाई होनी है। पुलिस पक्ष के वकील अतुल कुमार श्रीवास्तव ने अदालत के समक्ष दलील दी कि घटना वाली रात मुख्य सचिव पर मुख्यमंत्री निवास पर दोनों आरोपी विधायकों ने किसी बात को लेकर पहले दबाव बनाया और फिर उनके साथ मारपीट की।

उन्होंने दलील दी कि घटना के वक्त वहां आरोपी विधायकों समेत 11 लोग मौजूद थे और किसी ने भी मुख्य सचिव के साथ हुई मारपीट के दौरान उन्हें नहीं बचाया। उन्होंने कहा कि पीड़ित मुख्य सचिव ने घटना के वक्त मौजूद चार लोगों की पहचान कर ली थी, जबकि बाकी लोगों की पहचान करने के लिए दो दिन की पुलिस रिमांड प्रदान करने की मांग की थी।

उन्होंने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर इरादतन हमला किया गया, उन्हें धमकी दी गई और उन्हें चोट पहुंचाई गई। इस बीच अभियोजन पक्ष ने एमएलसी के आधार पर मुख्य सचिव को लगी चोटों का हवाला भी दिया था।

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