चीन और भारत के टकराव से मालदीव को नहीं पड़ता फर्क

मालदीव के राजदूद मोहम्मद फैजल चीन गए हुए हैं। वहां उन्होंने कहा कि भारत हमारा भाई है लेकिन चीन बरसों बाद मिले चचेरे भाई की तरह है। फैजल ने कहा कि उनका देश दिल्ली की चिंताओं के बावजूद चीनी परियोजनाओं के साथ आगे बढ़ेगा। मालदीव चीनी निवेश को भी गले लगाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह जानता है कि चीन और भारत के बीच जो टकराव है उसमें फंसने के खतरे भी हैं। 

चीन और भारत के टकराव से मालदीव को नहीं पड़ता फर्कफैजल ने कहा कि चीन बरसों पहले बिछड़ा हुआ चचेरा भाई है जो अब मिल गया है। अब यह हमारी मदद करना चाहता है। उन्होंने कहा कि हम कई परियोजनाएं लेकर भारत के पास गए थे लेकिन भारत से हमें आवश्यक पूंजी नहीं मिली। बता दें कि चीन मालदीव को हिंद महासागर में समुद्री रेशम मार्ग का एक प्रमुख भागीदार मानता है और उसने वहां भारी निवेश किया है। 

गौरतलब है कि चीन में 45 दिन तक आपातकाल रहा है इस दौरान चीन ने मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन का पुरजोर समर्थन किया था। इसके बाद से चीन और मालदीव के रिश्तों में और ज्यादा नजदीकियां आ गई हैं।  

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