<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>गोवर्धन पूजा</title>
	<atom:link href="https://ujjawalprabhat.com/tag/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://ujjawalprabhat.com/tag/गोवर्धन-पूजा/</link>
	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
	<lastBuildDate>Wed, 22 Oct 2025 08:20:26 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2022/12/Ujjawal-Round-Corner.png</url>
	<title>गोवर्धन पूजा</title>
	<link>https://ujjawalprabhat.com/tag/गोवर्धन-पूजा/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>गोवर्धन पूजा में सादगीभरा अंदाज दिखाना है तो ऐसे हों तैयार&#8230;</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%ad%e0%a4%b0-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Oct 2025 08:19:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फैशन]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=903004</guid>

					<description><![CDATA[<img width="674" height="365" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/Screenshot-2025-10-22-011419.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%ad%e0%a4%b0-2/">गोवर्धन पूजा में सादगीभरा अंदाज दिखाना है तो ऐसे हों तैयार&#8230;</a></p>
<p>22 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा का आयोजन जगह-जगह किया जाएगा। ये पूजा दिवाली के बाद होती है। इसमें अगर आप अपना सादगी भरा अंदाज दिखाना चाहते हैं, तो हमसे टिप्स लेकर तैयार हों। 22 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। ये पर्व दिवाली के अगले दिन आता &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="674" height="365" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/Screenshot-2025-10-22-011419.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%ad%e0%a4%b0-2/">गोवर्धन पूजा में सादगीभरा अंदाज दिखाना है तो ऐसे हों तैयार&#8230;</a></p>

<p>22 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा का आयोजन जगह-जगह किया जाएगा। ये पूजा दिवाली के बाद होती है। इसमें अगर आप अपना सादगी भरा अंदाज दिखाना चाहते हैं, तो हमसे टिप्स लेकर तैयार हों।</p>



<p>22 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। ये पर्व दिवाली के अगले दिन आता है और विशेष रूप से उत्तर भारत में इसका धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से लोगों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को उठा लिया था।</p>



<p>इसी के चलते लोग इस दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर उसकी पूजा करते हैं और अन्नकूट का आयोजन करते हैं, जिसमें कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं। ये पूजा काफी हर्षोउल्लास के साथ मनाई जाती है, इसलिए इस दिन आपका लुक भी खास होना बनता है। तो अगर आप गोवर्धन पूजा पर सादगी भरा और पारंपरिक लुक रखना चाहते हैं, तो यहां कुछ आसान और सुंदर विकल्प दिए जा रहे हैं जो परंपरा के साथ-साथ स्टाइल को भी ध्यान में रखते हैं।</p>



<p><strong>महिलाएं पहनें पीली साड़ी</strong></p>



<p>हम आपको पीली साड़ी पहनने की सलाह इसलिए दे रहे हैं क्योंकि पहले तो श्रीकृष्ण की पूजा में पीला रंग पहनना शुभ माना जाता है। इसके अलावा दूसरा पीले रंग की साड़ी ज्यादातर हर महिला के पास होती ही है। इसलिए आप गोवर्धन पूजा के मौके पर पीले रंग की साड़ी पहन सकती हैं।</p>



<p><strong>पीला सूट भी चलेगा</strong></p>



<p>अगर आप साड़ी नहीं पहनना चाहतीं तो पीले रंग का सूट पहनकर अपना खूबसूरत अंदाज दिखाएं। पीला एक ऐसा रंग है, जिसे आउटफिट हर महिला के पास बेहद ही आसानी से मिल जाते हैं। ऐसे में आप गोवर्धन की पूजा में पीले रंग का प्लाजो, या शरारा सूट पहनें। आप साधारण सा सलवार सूट भी कैरी कर सकती हैं।</p>



<p><strong>पुरुष पहनें पीला कुर्ता</strong></p>



<p>अब बात करते हैं कि पुरुष इस मौके पर क्या पहनें तो पुरुषों को भी गोवर्धन की पूजा में पीले रंग के परिधान ही पहनने चाहिए। अगर आपके पास पीले रंग का कुर्ता है, तो उससे अच्छा विकल्प आपके लिए कुछ हो नहीं सकता। बिना सोचे गोवर्धन की पूजा में आप पीले रंग का कुर्ता पहन लें।</p>



<p><strong>सफेद धोती-कुर्ता भी चलेगा</strong></p>



<p>अगर आपके पास पीले रंग का कुर्ता नहीं है तो परेशान न हों, आप सफेद रंग का धोती कुर्ता भी पूजा के मौके पर कैरी कर सकते हैं। सफेद रंग का कुर्ता सभी लड़कों के पास होता ही है ऐसे में आप गोवर्धन की पूजा में सफेद रंग का कुर्ता पाजयामा पहनकर अपना सादगीभरा अंदाज दिखाएं।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोवर्धन पूजा: सीएम धामी ने की गौ माता की पूजा-अर्चना</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Oct 2025 07:32:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=902970</guid>

					<description><![CDATA[<img width="728" height="409" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-665.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-665.png 728w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-665-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 728px) 100vw, 728px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87/">गोवर्धन पूजा: सीएम धामी ने की गौ माता की पूजा-अर्चना</a></p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौ माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जन कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण, मनुष्यों एवं जानवरों के बीच के प्रेम को दर्शाता है। यह पर्व हमें अपनी परंपराओं, &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="728" height="409" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-665.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-665.png 728w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-665-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 728px) 100vw, 728px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87/">गोवर्धन पूजा: सीएम धामी ने की गौ माता की पूजा-अर्चना</a></p>

<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौ माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जन कल्याण की कामना की।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण, मनुष्यों एवं जानवरों के बीच के प्रेम को दर्शाता है। यह पर्व हमें अपनी परंपराओं, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने रहने का भी संदेश देता है।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा मिला है। गौमाता सनातन संस्कृति और कृषि जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उनकी सेवा और संरक्षण, हमारे जीवन को आगे बढ़ाता है। कई परिवारों का भरण-पोषण गाय पालन और गो-सेवा से होता है। गौ-संवर्धन धार्मिक भावनाओं से जुड़े होने के साथ ही आजीविका और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ है।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि हम सभी मिलकर गायों की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के लिए गौ सदनों के निर्माण और संचालन को बढ़ावा दे रही है।</p>



<p>राज्य में निराश्रित पशु ( जिन्हें गौशालाओं में पाला जा रहा है) उनके भरण पोषण के लिए पहले पांच रुपए प्रति दिन प्रति पशु दिया जाता था, इसे बढ़ाकर अब 80 रुपए प्रति पशु/ प्रति दिन किया गया है। निजी रूप से गौशालाओं के निर्माण में राज्य सरकार ने 60 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा राज्य में करीब 54 गौ सदनों का निर्माण कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा आगे भी राज्य सरकार गौ संरक्षण के लिए कार्य करते रहेगी।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इस बार गोवर्धन पूजा पर बनाएं टेस्टी और मुलायम गुलगुले</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Oct 2025 06:02:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना-खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[गुलगुले]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=902874</guid>

					<description><![CDATA[<img width="670" height="344" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/Screenshot-2025-10-21-230048.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be/">इस बार गोवर्धन पूजा पर बनाएं टेस्टी और मुलायम गुलगुले</a></p>
<p>गोवर्धन पूजा दीवाली के बाद 22 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी, जब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर बृज वासियों की रक्षा की थी। इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर पूजा की जाती है और गुलगुले या मीठे पुए जैसे खास पकवान बनाए जाते हैं। आइए जानें इस खास मौके पर बनाने के लिए &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="670" height="344" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/Screenshot-2025-10-21-230048.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be/">इस बार गोवर्धन पूजा पर बनाएं टेस्टी और मुलायम गुलगुले</a></p>

<p>गोवर्धन पूजा दीवाली के बाद 22 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी, जब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर बृज वासियों की रक्षा की थी। इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर पूजा की जाती है और गुलगुले या मीठे पुए जैसे खास पकवान बनाए जाते हैं। आइए जानें इस खास मौके पर बनाने के लिए गुलगुले की रेसिपी।</p>



<p>दीवाली के बाद आती है गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2025)। इस साल यह त्योहार 22 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने गोवरधन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर बृज वासियों की रक्षा की थी। तभी से गोवर्धन पूजा को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।</p>



<p>गोवर्धन पूजा के दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है और उसकी पूजा की जाती है। इस खास अवसर पर कुछ खास चीजें भी बनाई जाती हैं, जिनमें गुलगुले या मीठे पुए भी शामिल हैं। गोवर्धन पूजा के दिन गुलगुलों का खास महत्व होता है। आइए जानें गुलगुले बनाने की रेसिपी (Gulgule Recipe)।</p>



<p><strong>गुलगुले बनाने की रेसिपी</strong></p>



<p>तैयारी का समय- 20 मिनट</p>



<p>पकाने का समय- 10-15 मिनट</p>



<p>कितने लोगों के लिए- 4-5</p>



<p><strong>जरूरी सामग्री-</strong></p>



<p>गेहूं का आटा- 1.5 कप</p>



<p>गुड़- 1/2 कप</p>



<p>पानी- 1/2 से 3/4 कप</p>



<p>सौंफ- 1 छोटा चम्मच (हल्की कुटी हुई)</p>



<p>इलायची पाउडर- 1/4 छोटा चम्मच</p>



<p>बेकिंग सोडा/मीठा सोडा- 1/4 छोटा चम्मच</p>



<p>तेल या घी- तलने के लिए</p>



<p><strong>बनाने की विधि</strong></p>



<p>सबसे पहले एक बड़े बर्तन में 1/2 कप गुड़ और 1/2 कप पानी लें।</p>



<p>अब गुड़ को पानी में अच्छी तरह घोल लें। आप चाहें तो गुड़ को छोटे टुकड़ों में तोड़कर गर्म पानी में घोल सकते हैं, या सीधे पानी में भिगोकर थोड़ी देर के लिए छोड़ सकते हैं।</p>



<p>जब गुड़ पूरी तरह घुल जाए, तो घोल को किसी छलनी से छान लें ताकि उसमें कोई गंदगी या टुकड़ा न रहे।</p>



<p>अब गुड़ के छने हुए घोल में गेहूं का आटा डालें।</p>



<p>इसमें सौंफ (हल्की कुटी हुई), इलायची पाउडर और बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिलाएं।</p>



<p>अब मिश्रण को अच्छी तरह फेंटें ताकि उसमें कोई गुठली न रहे। अगर बैटर ज्यादा गाढ़ा लगे, तो 1/4 कप पानी और मिलाएं।</p>



<p>बैटर की गाढ़ापन ऐसा होना चाहिए कि वह चम्मच से आसानी से गिराया जा सके, लेकिन बहुत पतला न हो (यह पकौड़े के घोल से थोड़ा पतला हो सकता है)।</p>



<p>इस बैटर को ढककर कम से कम 15-20 मिनट के लिए रख दें। इससे गुलगुले अंदर से सॉफ्ट और फूले हुए बनेंगे।</p>



<p>एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। तलने के लिए तेल मध्यम गर्म होना चाहिए।</p>



<p>जब तेल गर्म हो जाए, तो आंच को मध्यम कर दें।</p>



<p>अब हाथ या एक छोटे चम्मच की मदद से बैटर के छोटे-छोटे हिस्से तेल में डालें।</p>



<p>कड़ाही में उतने ही गुलगुले डालें जितने आसानी से तैर सकें।</p>



<p>गुलगुलों को मध्यम आंच पर सुनहरा भूरा होने तक और अंदर तक पकने तक तलें। उन्हें बीच-बीच में पलटते रहें।</p>



<p>जब गुलगुले सुनहरे और फूल जाएं, तो उन्हें तेल से निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें ताकि एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाए।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सीएम योगी ने की गोरखनाथ मंदिर में गोवर्धन पूजा</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%ae%e0%a4%82/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Oct 2025 05:32:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[वायरल]]></category>
		<category><![CDATA[गोरखनाथ मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=902839</guid>

					<description><![CDATA[<img width="737" height="413" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-644.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-644.png 737w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-644-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 737px) 100vw, 737px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%ae%e0%a4%82/">सीएम योगी ने की गोरखनाथ मंदिर में गोवर्धन पूजा</a></p>
<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में गोवर्धन पूजा की और गायों को खाना खिलाया। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 16 लाख गौवंश ऐसे हैं जिन पर हम राज्य सरकार के माध्यम से सब्सिडी दे रहे हैं। किसानों की फसलों को नुकसान न हो, यह सुनिश्चित करने के &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="737" height="413" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-644.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-644.png 737w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-644-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 737px) 100vw, 737px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%ae%e0%a4%82/">सीएम योगी ने की गोरखनाथ मंदिर में गोवर्धन पूजा</a></p>

<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में गोवर्धन पूजा की और गायों को खाना खिलाया। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 16 लाख गौवंश ऐसे हैं जिन पर हम राज्य सरकार के माध्यम से सब्सिडी दे रहे हैं। किसानों की फसलों को नुकसान न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए यह प्रयास शुरू किया गया है।</p>



<p>गोवर्धन पूजा के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और गौ-सेवा की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि &#8220;दीपोत्सव के पंचदिवसीय महापर्वों की श्रृंख्ला में आज पावन गोवर्धन पूजा है।</p>



<p>भारत की कृषि प्रधान व्यवस्था का प्रतीक गोवर्धन पूजा का यह कार्यक्रम रहा। मैं इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हृदय से बधाई देता हूं। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गौ और गौवंश का महत्व क्या है, गोवर्धन पूजा इस बात का प्रतीक है और दीपावली जैसे महापर्व के साथ इस आयोजन को जोड़कर इसके महत्व को और भी प्रभावी बनाया गया है।</p>



<p>ये मेरा सौभाग्य है कि आज सुबह मुझे गौ पूजन और गौ सेवा करने का अवसर यहां प्राप्त हुआ है। भारत की समृद्धि का आधार भारतीय गौवंश रहा है। आज भी प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देश में गोवर्धन योजना के अंतर्गत गाय के गोबर से बायो कंपोस्ट और इथेनॉल बनाने के जो अभिनव कार्यक्रम प्रारंभ हुए हैं, यह गौवंश के संवर्धन और उनके संरक्षण में एक बड़ी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।</p>



<p>मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि केवल पूजन ही नहीं बल्कि उसके अनुरूप कार्ययोजना भी प्रारंभ की जा रही है। प्रदेश में 16 लाख गौवंश ऐसे हैं जिन पर हम राज्य सरकार के माध्यम से सब्सिडी दे रहे हैं। किसानों की फसलों को नुकसान न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए यह प्रयास शुरू किया गया है। तीन प्रकार की योजनाएं हैं।<br />निराश्रित गोशाला योजना, जिसमें हम सरकारी स्तर पर प्रत्येक गाय के लिए 1500 रुपये प्रति माह प्रदान करते हैं। इसी प्रकार, एक सहभागिता योजना है, जिसमें यदि कोई किसान गोवंश संरक्षण के हमारे कार्यक्रम से जुड़ता है, तो उसे 4 गोवंश प्रदान किए जाते हैं।</p>



<p><strong>&#8216;परिवार सरकार से आसानी से 6000 रुपये मासिक प्राप्त कर सकता&#8217;<br /></strong>हम उसे हर महीने प्रति गाय 1500 रुपये देते हैं, यानी अगर उसके पास चार गोवंश हैं, तो वह परिवार सरकार से आसानी से 6000 रुपये मासिक प्राप्त कर सकता है। ऐसी ही एक तीसरी योजना कुपोषित परिवारों के लिए है। कुपोषित माताओं और बच्चों वाले परिवारों को निराश्रित गोशालाओं में छोड़ी गई गायें मिलती हैं।</p>



<p><strong>योजना के तहत दिए जाते हैं 1500 रुपये प्रति माह<br /></strong>वे गायों की सेवा भी करते हैं, गायों का दूध भी निकालते हैं, और इस योजना के तहत उन्हें 1500 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। मुझे खुशी है कि बड़ी संख्या में लोगों को इस योजना का लाभ मिला है।</p>



<p><strong>किसानों को गोबर का मूल्य मिल रहा<br /></strong>अन्नदाता किसान समृद्धि की ओर अग्रसर हुआ है और प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रदेश में क्रियान्वित गोवर्धन योजना के तहत संपीड़ित बायोगैस और इथेनॉल उत्पादन के अभिनव कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं, जिससे किसानों को गोबर का मूल्य मिल रहा है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोवर्धन पूजा के दिन जरूर करें ये आरती, बरसेगी गिरिराज महाराज की कृपा</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Oct 2025 04:47:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[गिरिराज महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=902802</guid>

					<description><![CDATA[<img width="553" height="255" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-640.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95/">गोवर्धन पूजा के दिन जरूर करें ये आरती, बरसेगी गिरिराज महाराज की कृपा</a></p>
<p>गोवर्धन पूजा हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर यानी दिवाली के एक दिन बाद मनाई जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से भगवान कृष्ण को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन पर भगवान श्रीकृष्ण ने घनघोर वर्षा से ब्रजवासियों के बचाव के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="553" height="255" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/10/unnamed-file-640.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95/">गोवर्धन पूजा के दिन जरूर करें ये आरती, बरसेगी गिरिराज महाराज की कृपा</a></p>

<p>गोवर्धन पूजा हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर यानी दिवाली के एक दिन बाद मनाई जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से भगवान कृष्ण को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन पर भगवान श्रीकृष्ण ने घनघोर वर्षा से ब्रजवासियों के बचाव के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया था। इस बार गोवर्धन पूजा बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 को की जाएगी।</p>



<p>गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। कई साधक इस दिन पर विश्वकर्मा जी की भी पूजा करते हैं और अपने मशीनों व उपकरणों का पूजन करते हैं। मान्यता है कि इस दिन गिरीराज महाराज की पूजा करने से धन, संतान और गौ रस में वृद्धि होती है। चलिए पढ़ते हैं गोवर्धन महाराज जी की आरती, जिसके बिना पूजन अधूरा होता है।</p>



<p><strong>॥ आरती श्री गोवर्धन महाराज की ॥<br /></strong>श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।</p>



<p>तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,तोपे चढ़े दूध की धार।</p>



<p>तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।</p>



<p>तेरी सात कोस की परिकम्मा,चकलेश्वर है विश्राम।</p>



<p>तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।</p>



<p>तेरे गले में कण्ठा साज रहेओ,ठोड़ी पे हीरा लाल।</p>



<p>तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।</p>



<p>तेरे कानन कुण्डल चमक रहेओ,तेरी झाँकी बनी विशाल।</p>



<p>तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।</p>



<p>गिरिराज धरण प्रभु तेरी शरण,करो भक्त का बेड़ा पार।</p>



<p>तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।</p>



<p><strong>आरती कुंज बिहारी की<br /></strong>आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की<br />गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।<br />श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला।</p>



<p>आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥<br />गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली।<br />लतन में ठाढ़े बनमाली; भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक,<br />ललित छवि श्यामा प्यारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की।<br />आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥</p>



<p>कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।<br />गगन सों सुमन रासि बरसै; बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग, ग्वालिन संग;<br />अतुल रति गोप कुमारी की॥ श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥<br />आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥</p>



<p>जहां ते प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्रीगंगा।<br />स्मरन ते होत मोह भंगा; बसी सिव सीस, जटा के बीच, हरै अघ कीच;<br />चरन छवि श्रीबनवारी की॥ श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥<br />आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥</p>



<p>चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू।<br />चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू; हंसत मृदु मंद,चांदनी चंद, कटत भव फंद।।<br />टेर सुन दीन भिखारी की॥ श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥<br />आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥<br />आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥<br />आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: ujjawalprabhat.com @ 2026-06-24 09:31:08 by W3 Total Cache
-->