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	<title>केंद्र सरकार</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
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	<title>केंद्र सरकार</title>
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		<title>नागालैंड, सिक्किम, मिजोरम की तर्ज पर लद्दाख को मिलेंगे लोकतांत्रिक अधिकार और संवैधानिक सुरक्षा</title>
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		<pubDate>Sat, 23 May 2026 06:07:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्र सरकार]]></category>
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<p>केंद्र सरकार की ओर से नागालैंड, सिक्किम और मिजोरम की तर्ज पर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को लोकतांत्रिक अधिकार और संवैधानिक सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। फिलहाल, लद्दाख को राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा, लेकिन विधायी, कार्यकारी व वित्तीय शक्तियां निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास होंगी। नई दिल्ली में शुक्रवार की शाम को हुई गृह मंत्रालय की &#8230;</p>
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<p>केंद्र सरकार की ओर से नागालैंड, सिक्किम और मिजोरम की तर्ज पर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को लोकतांत्रिक अधिकार और संवैधानिक सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। फिलहाल, लद्दाख को राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा, लेकिन विधायी, कार्यकारी व वित्तीय शक्तियां निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास होंगी। नई दिल्ली में शुक्रवार की शाम को हुई गृह मंत्रालय की सब कमेटी की बैठक में यह सहमति बनी।</p>



<p>गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम चार बजे शुरू हुई बैठक में तय किया कि लद्दाख को नागालैंड, सिक्किम व मिजोरम में लागू अनुच्छेद 371ए, 371एफ और 371जी की तर्ज पर अधिकार मिलेंगे। बैठक में लेह अपेक्स बॉडी की ओर से पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पहली बार गृह मंत्रालय की बैठक में शामिल हुए।</p>



<p>लेह के हिंसक प्रदर्शन के बाद रासुका लगने पर जोधपुर जेल में रखे गए वांगचुक को लद्दाख के मुद्दे पर बातचीत के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए हाल ही में रिहा किया गया था।बैठक में गृह मंत्रालय के अधिकारियरों ने फिलहाल लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने से इन्कार कर दिया। इस दौरान तर्क दिया गया कि लद्दाख की राजस्व आय सरकारी खर्चों, विशेषकर कर्मचारियों के वेतन को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पूर्ण राज्य की मांग का बीच का रास्ता</h2>



<p>वहीं, दूसरी ओर गृह मंत्रालय ने लेजिस्लेटिव बॉडी के गठन का प्रस्ताव देकर संकेत दिए हैं कि यह व्यवस्था भविष्य में पूर्ण राज्य के दर्जे की दिशा में एक महत्वपूर्ण हो सकती है।</p>



<p>इससे पहले बैठक में लद्दाख के संगठनों ने लोकतंत्र की बहाली, संवैधानिक सुरक्षा, राज्य का दर्जा व छठी अनुसूची के संरक्षण जैसी मांगों को दोहराया। इस दौरान दोनों पक्षों ने लद्दाख के हित के लिए नागालैंड, सिक्किम, मिजोरम की तर्ज पर संवैधानिक सुरक्षा, अधिकार मिलने को महत्वपूर्ण बताया।</p>



<p>वहीं, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस व लेह अपेक्स बॉडी ने यहां जारी बयान में स्पष्ट किया है कि वे कानूनी व संवैधानिक विशेषज्ञों से परामर्श कर गृह मंत्रालय के साथ मिलकर इस व्यवस्था के विस्तृत संचालन तंत्र को अंतिम रूप देंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रदेश स्तरीय विधायिका का गठन किया जाएगा</h2>



<p>लद्दाख के संगठनों ने बैठक के बाद जानकारी दी कि प्रस्तावित माडल के तहत केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय लेजिस्लेटिव बॉडी (विधायिका) का गठन किया जाएगा। इसका नेतृत्व इस बॉडी के प्रधान करेंगे और मुख्यसचिव उनके अधीन होंगे।</p>



<p>लद्दाख के संगठनों के अनुसार, लेजिस्लेटिव बॉडी के प्रधान प्रस्तावित मुख्यमंत्री हो सकते हैं। लेजिस्लेटिव बॉडी के निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास फैसले लेने की शक्तियों होंगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">रणनीति बनाने के लिए अगली बैठक जल्द</h2>



<p>कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के सह अध्यक्ष असगर करबलई ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार लद्दाखियों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी।</p>



<p>गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे ने हमें कहा है कि लद्दाख को लोकतांत्रिक अधिकार, संवैधानिक सुरक्षा अधिकारों को लेकर आगे की रणनीति बनाने के लिए अगले कुछ दिनों में फिर से बैठक बुलाई जाएगी।</p>
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		<title>केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर सितंबर तक लगाई रोक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 06:11:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्र सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="775" height="449" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/७६ऊय़ीज्ञः.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/७६ऊय़ीज्ञः.jpg 775w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/७६ऊय़ीज्ञः-768x445.jpg 768w" sizes="(max-width: 775px) 100vw, 775px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%bf/">केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर सितंबर तक लगाई रोक</a></p>
<p>केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक चीनी के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी है। सरकार ने यह कदम कम उत्पादन की चिंताओं के बीच घरेलू कीमतों को काबू में रखने और स्थानीय स्तर पर पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="775" height="449" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/७६ऊय़ीज्ञः.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/७६ऊय़ीज्ञः.jpg 775w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/७६ऊय़ीज्ञः-768x445.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 775px) 100vw, 775px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%bf/">केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर सितंबर तक लगाई रोक</a></p>

<p>केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक चीनी के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी है। सरकार ने यह कदम कम उत्पादन की चिंताओं के बीच घरेलू कीमतों को काबू में रखने और स्थानीय स्तर पर पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।</p>



<p>विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी किए गए एक नोटिफिकेशन में, सरकार ने ITC (HS) कोड 1701 14 90 और 1701 99 90 के तहत चीनी के लिए एक्सपोर्ट नीति को प्रतिबंधित से बदलकर निषिद्ध कर दिया है। इस आदेश में कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी के एक्सपोर्ट को शामिल किया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कुछ एक्सपोर्ट पर दी गई है छूट</h2>



<p>नोटिफिकेशन में कहा गया है कि, यह रोक 30 सितंबर तक लागू रहेगी या जब तक कि इसे आगे न बढ़ाया जाए। अगर इसे आगे नहीं बढ़ाया जाता है, तो एक्सपोर्ट नीति वापस प्रतिबंधित श्रेणी में आ जाएगी।</p>



<p>हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि एक्सपोर्ट पर लगी यह रोक CXL और TRQ कोटे के तहत यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका को भेजे जाने वाले शिपमेंट पर लागू नहीं होगी।</p>



<p>इसके साथ ही एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (AAS) के तहत किए जाने वाले एक्सपोर्ट और खाद्य सुरक्षा के उद्देश्यों के लिए सरकार से सरकार (G2G) स्तर पर भेजे जाने वाले शिपमेंट को भी जारी रखने की अनुमति होगी। नोटिफिकेशन में आगे कहा गया है कि जो खेप पहले से ही एक्सपोर्ट की प्रक्रिया में हैं, उन्हें कुछ विशेष शर्तों के तहत भेजने की अनुमति दी जाएगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">घरेलू कीमतों को काबू में रखने के लिए लिया गया फैसला</h2>



<p>वहीं, अगर लोडिंग नोटिफिकेशन की तारीख से पहले शुरू हो गई थी, या अगर शिपिंग बिल पहले ही फाइल हो चुका था और ऑर्डर लागू होने से पहले जहाज किसी भारतीय बंदरगाह पर लग चुका था या लंगर डाला जा चुका था, तो शिपमेंट आगे बढ़ सकते हैं। उन मामलों में भी एक्सपोर्ट की इजाजत होगी; जहां नोटिफिकेशन जारी होने से पहले ही कंसाइनमेंट कस्टम अधिकारियों या कस्टोडियन को सौंप दिए गए थे।</p>



<p>बता दें कि, सरकार के इस फैसले का मकसद घरेलू कीमतों को काबू में रखना है, क्योंकि मुख्य गन्ना उत्पादक इलाकों में गन्ने की पैदावार कम होने के कारण लगातार दूसरे साल उत्पादन खपत से पीछे रहने की उम्मीद है। इस बात का भी डर है कि अल नीनो की स्थितियां आने वाले मॉनसून को बिगाड़ सकती हैं, जिससे अगले सीजन के उत्पादन को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।</p>



<p>वहीं, ब्राजील के बाद भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी एक्सपोर्टरों में से एक है। इससे पहले भारत सरकार ने सभी चीनी मिलों को 1.59 मिलियन मीट्रिक टन चीनी एक्सपोर्ट करने की इजाजत दी थी। व्यापारियों ने पहले ही लगभग 800,000 टन के कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिए थे, जिसमें से 600,000 टन से ज्यादा चीनी एक्सपोर्ट की जा चुकी है।</p>
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		<title>2029 से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी, लोकसभा सीटें 850 करने का प्रस्ताव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 05:36:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्र सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="733" height="398" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/iuio.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/2029-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87/">2029 से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी, लोकसभा सीटें 850 करने का प्रस्ताव</a></p>
<p>&#160;केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन जैसे बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। हालांकि इस मुद्दे पर विपक्ष और कुछ राज्यों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार ने लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़ाकर &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="733" height="398" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/iuio.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/2029-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87/">2029 से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी, लोकसभा सीटें 850 करने का प्रस्ताव</a></p>

<p>&nbsp;केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन जैसे बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। हालांकि इस मुद्दे पर विपक्ष और कुछ राज्यों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।</p>



<p>सरकार ने लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। इन कुल सीटों में से 33 प्रतिशत यानी 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।</p>



<p>सरकार 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में संविधान संशोधन विधेयक लाने की योजना बना रही है, ताकि 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण लागू किया जा सके। इसके लिए संबंधित विधेयकों का ड्राफ्ट सांसदों को भेज दिया गया है और प्रधानमंत्री 17 अप्रैल को इस पर जवाब दे सकते हैं।</p>



<p>इस प्रस्ताव के तहत महिला आरक्षण 15 साल के लिए लागू होगा, यानी 2029, 2034 और 2039 के चुनावों तक। इसके बाद इसे बढ़ाने का फैसला संसद करेगी। आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी और इसमें अनुसूचित जाति व जनजाति की महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">परिसीमन और सीट बढ़ोतरी का प्लान</h2>



<p>इस पूरी प्रक्रिया में परिसीमन अहम भूमिका निभाएगा। सरकार 2011 की जनगणना को आधार बनाकर नई सीटों का निर्धारण करना चाहती है। अभी तक सीटों का आधार 1971 की जनगणना थी।</p>



<p>परिसीमन आयोग बनाया जाएगा, जिसका अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या पूर्व जज होंगे। यह आयोग सभी लोकसभा सीटों को दोबारा तय करेगा और उसका फैसला अंतिम होगा, जिसे अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकेगी। इस बदलाव का असर राज्यसभा और सभी राज्य विधानसभाओं पर भी पड़ेगा, जहां सीटों की संख्या में बदलाव हो सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या है राजनीतिक विवाद?</h2>



<p>इस प्रस्ताव को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि महिला आरक्षण का समर्थन है, लेकिन परिसीमन और सीट बढ़ोतरी को इससे जोड़ना ठीक नहीं है।</p>



<p>तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी सीट बढ़ाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है। वहीं कपिल सिब्बल और शशि थरूर ने भी परिसीमन पर व्यापक चर्चा की मांग की है। सरकार की ओर से किरण रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण पर अब और देरी नहीं होनी चाहिए, जबकि एकनाथ शिंदे ने इसे 2029 से पहले लागू करने की वकालत की है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कानूनी प्रक्रिया</h2>



<p>संविधान संशोधन पास कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होगा। मौजूदा संख्या के हिसाब से लोकसभा में कम से कम 360 सांसदों का समर्थन चाहिए। वर्तमान में एनडीए के पास 292 सांसद हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन के पास 233 सांसद हैं। ऐसे में सरकार को बिल पास कराने के लिए अन्य दलों का समर्थन जुटाना होगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या कहते हैं आंकड़े?</h2>



<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीट बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 40 सीटें बढ़ सकती हैं और कुल संख्या 120 हो सकती है। महाराष्ट्र में सीटें 72 तक और बिहार में 60 तक पहुंचने का अनुमान है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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		<title>&#8216;घबराहट में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की खरीदारी न करें लोग&#8217;: केंद्र सरकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Ranjeet Gupta]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 05:46:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्र सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="721" height="401" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/jhio.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%98%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%9f-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%b5/">&#8216;घबराहट में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की खरीदारी न करें लोग&#8217;: केंद्र सरकार</a></p>
<p>केंद्र सरकार ने शनिवार को लोगों से अपील की कि वह पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी करने से बचें। सरकार ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से चलते आई बाधा के बावजूद ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति है और स्थिति नियंत्रण में है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="721" height="401" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/jhio.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%98%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%9f-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%b5/">&#8216;घबराहट में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की खरीदारी न करें लोग&#8217;: केंद्र सरकार</a></p>

<p>केंद्र सरकार ने शनिवार को लोगों से अपील की कि वह पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी करने से बचें। सरकार ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से चलते आई बाधा के बावजूद ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति है और स्थिति नियंत्रण में है।</p>



<p>पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और ऊर्जा की बचत करने की सलाह दी गई है।</p>



<p>सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलिंडर और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को प्राथमिकता दी है। मांग को संतुलित करने और आपूर्ति बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ाया गया है और गैस सि¨लडर भरवाने के बीच का अंतराल भी बढ़ाया गया है।</p>



<p>केंद्र ने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्ती बढ़ाई गई है। अब तक देशभर में 3,700 से अधिक छापेमारी की गई हैं। एलपीजी वितरकों को लगभग 1,000 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और 27 डीलरशिप निलंबित की जा चुकी हैं।</p>
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		<title>सोशल मीडिया पर न्यूज कंटेंट शेयर करने वालों पर भी लागू होगा ये नियम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 05:32:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्र सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="256" height="167" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/03/ytyui.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87/">सोशल मीडिया पर न्यूज कंटेंट शेयर करने वालों पर भी लागू होगा ये नियम</a></p>
<p>केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के तहत मध्यस्थों के लिए सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की बाध्यताओं का विस्तार करने और ऑनलाइन सामग्री पर विनियामक निगरानी के दायरे को व्यापक बनाने का प्रस्ताव किया गया है। &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="256" height="167" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/03/ytyui.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87/">सोशल मीडिया पर न्यूज कंटेंट शेयर करने वालों पर भी लागू होगा ये नियम</a></p>

<p>केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है।</p>



<p>इस प्रस्ताव के तहत मध्यस्थों के लिए सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की बाध्यताओं का विस्तार करने और ऑनलाइन सामग्री पर विनियामक निगरानी के दायरे को व्यापक बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें नॉन-पब्लिशर यूजर्स की ओर से शेयर की गई न्यूज और करंट अफेयर्स शामिल हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">निर्धारित की गई समय सीमा</h2>



<p>मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधनों पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी है और इसके लिए 14 अप्रैल, 2026 की समय सीमा निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि इन संशोधनों में आईटी नियमों के भाग III की प्रयोज्यता को उन मध्यस्थों पर स्पष्ट करने का प्रस्ताव है, जो ऐसे उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट की गई समाचार और करंट अफेयर्स की सामग्री को होस्ट करते हैं और रजिस्टर्ड पब्लिशर नहीं हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या है प्रावधान?</h2>



<p>इस कदम से उपयोगकर्ताओं द्वारा समाचार सामग्री के प्रसार को प्रभावी रूप से उस विनियामक ढांचे के दायरे में लाया गया है, जो डिजिटल मीडिया की नैतिकता को नियंत्रित करता है।</p>



<p>मसौदे के अनुसार, ये प्रावधान समाचार और करंट अफेयर्स से जुड़ी उस सामग्री पर लागू होंगे, जिसे मध्यस्थों के कंप्यूटर रिसोर्स पर ऐसे यूजर्स द्वारा होस्ट, प्रदर्शित, अपलोड, संशोधित, प्रकाशित, प्रसारित, संग्रहीत, अपडेट या शेयर किया जाता है, जो खुद पब्लिशर नहीं हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ड्राफ्ट में और क्या?</h2>



<p>भाग II के तहत एक और अहम प्रस्तावित बदलाव करके एक नए नियम 3(4) को शामिल करना है। यह नियम बिचौलियों के लिए यह साफ तौर पर अनिवार्य कर देगा कि वे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के तहत अपने &#8216;ड्यू डिलिजेंस&#8217; (उचित सावधानी) दायित्वों के हिस्से के तौर पर मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरणों, सलाहों, निर्देशों, SOPs और दिशानिर्देशों का पालन करें।</p>



<p>इस ड्राफ्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियम 3(1)(g) और 3(1)(h) के तहत डेटा को सुरक्षित रखने के दायित्व, अन्य लागू कानूनों के तहत जरूरतों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना प्रभावी रहेंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">समिति के दायरे को बढ़ाने का भी प्रस्ताव</h2>



<p>इस ड्राफ्ट में नियम 14 को और मजबूत बनाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए नियमों के तहत बनाई गई अंतर-विभागीय समिति के दायरे को बढ़ाया जाएगा। इस समिति को न सिर्फ कंटेंट के खिलाफ मिली शिकायतों पर विचार करने का अधिकार होगा, बल्कि उन मामलों पर भी विचार करने का अधिकार होगा जिन्हें मंत्रालय सीधे उसके पास भेजेगा। इस तरह डिजिटल कंटेंट के रेगुलेशन पर कार्यपालिका की निगरानी की भूमिका का दायरा और बढ़ जाएगा।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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