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	<title>ऑस्ट्रेलिया</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
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	<title>ऑस्ट्रेलिया</title>
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		<title>ऑस्ट्रेलिया में काकाडू नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ भारतीय युद्धपोत नीलगिरि</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 06:16:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="716" height="380" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/03/iopuu.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%82-%e0%a4%a8/">ऑस्ट्रेलिया में काकाडू नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ भारतीय युद्धपोत नीलगिरि</a></p>
<p>भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि ऑस्ट्रेलिया में आयोजित सैन्य अभ्यास काकाडू के समुद्री चरण में भाग ले रहा है। नौसेना ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि पश्चिमी प्रशांत में विदेशी तैनाती के दौरान आईएनएस नीलगिरि ने काकाडू अभ्यास में हिस्सा लिया है। इसका उद्देश्य सहयोगी देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सहयोग &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="716" height="380" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/03/iopuu.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%82-%e0%a4%a8/">ऑस्ट्रेलिया में काकाडू नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ भारतीय युद्धपोत नीलगिरि</a></p>

<p>भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि ऑस्ट्रेलिया में आयोजित सैन्य अभ्यास काकाडू के समुद्री चरण में भाग ले रहा है। नौसेना ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि पश्चिमी प्रशांत में विदेशी तैनाती के दौरान आईएनएस नीलगिरि ने काकाडू अभ्यास में हिस्सा लिया है।</p>



<p>इसका उद्देश्य सहयोगी देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सहयोग और समुद्री समझ को और मजबूत करना है। अभ्यास काकाडू ऑस्ट्रेलिया की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र की कई नौसेनाएं हिस्सा लेती हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&#8220;तारागिरि&#8221; को नौसेना में शामिल करने की तैयारी</h3>



<p>इस बीच स्वदेशी तकनीक से निर्मित अत्याधुनिक स्टेल्थ युद्धपोत &#8220;तारागिरि&#8221; को नौसेना में शामिल करने की तैयारी चल रही है। &#8220;तारागिरि&#8221; को तीन अप्रैल को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस समारोह की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। यह युद्धपोत भारत की &#8220;आत्मनिर्भर&#8221; नौसैनिक शक्ति बनने की दिशा में मील का पत्थर है।</p>



<p>&#8220;तारागिरि&#8221; प्रोजेक्ट 17ए (नीलगिरि क्लास) का चौथा युद्धपोत है। इसे मझगांव डाक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्मित किया गया है। यह युद्धपोत &#8220;मेक इन इंडिया&#8221; की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।</p>



<p>भारतीय नौसेना का युद्धपोत आइएनएस नीलगिरि ने आस्ट्रेलिया में पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में आयोजित काकाडू 2026 अभ्यास में भाग लिया। इसमें अभ्यास में सहयोगी नौसेनाओं के साथ संयुक्त समुद्री अभियानों को प्रदर्शित किया गया।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>ऑस्ट्रेलिया में एक अरब डॉलर खर्च कर सबसे ऊंची इमारत बनाएगी ट्रंप की कंपनी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 06:07:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="864" height="474" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-24-220541.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-24-220541.png 864w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-24-220541-768x421.png 768w" sizes="(max-width: 864px) 100vw, 864px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%a1%e0%a5%89/">ऑस्ट्रेलिया में एक अरब डॉलर खर्च कर सबसे ऊंची इमारत बनाएगी ट्रंप की कंपनी</a></p>
<p>ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची इमारत बनाने की योजना की जानकारी दी है। यह टावर क्वींसलैंड के गोल्ड कोस्ट पर बनाया जाएगा और इसकी ऊंचाई 335 मीटर (1,100 फीट) होगी, जो लंदन के प्रसिद्ध शार्ड से भी अधिक होगी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कंपनी ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने ऑस्ट्रेलिया में एक विशाल &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="864" height="474" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-24-220541.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-24-220541.png 864w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-24-220541-768x421.png 768w" sizes="auto, (max-width: 864px) 100vw, 864px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%a1%e0%a5%89/">ऑस्ट्रेलिया में एक अरब डॉलर खर्च कर सबसे ऊंची इमारत बनाएगी ट्रंप की कंपनी</a></p>

<p>ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची इमारत बनाने की योजना की जानकारी दी है। यह टावर क्वींसलैंड के गोल्ड कोस्ट पर बनाया जाएगा और इसकी ऊंचाई 335 मीटर (1,100 फीट) होगी, जो लंदन के प्रसिद्ध शार्ड से भी अधिक होगी।</p>



<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कंपनी ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने ऑस्ट्रेलिया में एक विशाल गगनचुंबी इमारत बनाने का एलान किया है। कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष एरिक ट्रंप के अनुसार यह प्रस्तावित टावर देश की अब तक की सबसे ऊंची इमारत होगी।</p>



<p>परियोजना क्वींसलैंड के गोल्ड कोस्ट पर विकसित की जाएगी और इसकी ऊंचाई 335 मीटर होगी जो लंदन के प्रसिद्ध शार्ड से भी अधिक है। एरिक ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में यह कंपनी की पहली आधिकारिक परियोजना होगी, जो देश में विश्वस्तरीय लग्जरी ब्रांड की प्रतिष्ठा व आकर्षण लेकर आएगी। बीबीसी के अनुसार ट्रंप इंटरनेशनल होटल एंड टावर, गोल्ड कोस्ट की अनुमानित लागत कम से कम 1 अरब डॉलर बताई गई है। होटल डेवलपर ऑल्टस प्रॉपर्टी ग्रुप के अनुसार इस 91 मंजिला इमारत का निर्माण अगस्त से शुरू होने की उम्मीद है।</p>



<p><strong>कारोबारी हितों पर उठते सवाल</strong><br />राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि उन्होंने कंपनी प्रबंधन से दूरी बना ली है। लेकिन उनकी कंपनी के अनुचित लाभ पर सवाल उठे हैं। ट्रंप ऑर्गनाइजेशन दुनिया भर में 20 से अधिक जगहों में सक्रिय है, जिनमें यूके, एशिया शामिल हैं। डोनाल्ड ट्रंप को इस बात की आलोचना का सामना करना पड़ा है कि राष्ट्रपति के रूप में उनके प्रभाव के कारण कंपनी को अनुचित रूप से लाभ हो रहा है, जबकि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से पहले यह वादा किया था कि पद पर रहते हुए वे व्यवसाय के प्रबंधन में कोई दखल नहीं देंगे।</p>



<p><strong>वाशिंगटन होटल विवाद</strong><br />फोर्ब्स के अनुसार 2023 के बाद से ट्रंप की नेट वर्थ लगभग दोगुनी हो चुकी है। हालांकि कंपनी विवादों में भी रही है। 2021 में एक कांग्रेस समिति की जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्रंप ने अपने वॉशिंगटन डीसी होटल के मुनाफे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>ऑस्ट्रेलिया की बड़ी खोज, हेपेटाइटिस बी की जांच अब होगी आसान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 04:59:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[हेल्थ]]></category>
		<category><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="729" height="386" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/02/687yui.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%9c-%e0%a4%b9/">ऑस्ट्रेलिया की बड़ी खोज, हेपेटाइटिस बी की जांच अब होगी आसान</a></p>
<p>आस्ट्रेलिया में दुनिया के पहले ट्रायल में पता चला है कि हेपेटाइटिस बी डीएनए के लिए एक सामान्य फिंगरस्टिक टेस्ट&#160; स्टैंडर्ड लैब टेस्टिंग जितना ही सटीक है, जिससे दूरदराज और सीमित संसाधनों वाली जगहों के ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच का रास्ता खुल गया है।&#160; यह अध्ययन जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलाजी में प्रकाशित हुआ। सिन्हुआ &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="729" height="386" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/02/687yui.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%9c-%e0%a4%b9/">ऑस्ट्रेलिया की बड़ी खोज, हेपेटाइटिस बी की जांच अब होगी आसान</a></p>

<p>आस्ट्रेलिया में दुनिया के पहले ट्रायल में पता चला है कि हेपेटाइटिस बी डीएनए के लिए एक सामान्य फिंगरस्टिक टेस्ट&nbsp; स्टैंडर्ड लैब टेस्टिंग जितना ही सटीक है, जिससे दूरदराज और सीमित संसाधनों वाली जगहों के ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच का रास्ता खुल गया है।&nbsp;</p>



<p>यह अध्ययन जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलाजी में प्रकाशित हुआ। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह प्वॉइंट ऑफ केयर टेस्ट एक घंटे के अंदर नतीजे दे सकता है और इसे विकेंद्रीकृत क्लीनिकों में भी किया जा सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">टेस्ट में देरी को करेगा कम&nbsp;</h2>



<p>आस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के किर्बी इंस्टीट्यूट के एक बयान के अनुसार, फिंगरस्टिक टेस्ट प्रयोगशाला आधारित टेस्टिंग की वजह से होने वाली देरी को दूर करने में मदद कर सकता है। किर्बी इंस्टीट्यूट में अनुसंधान का नेतृत्व करने वाली प्रोफेसर गैल मैथ्यूज ने कहा, परिणामों ने पाया कि फिंगरस्टिक प्वाइंट आफ केयर परीक्षण अत्यधिक सटीक है, जो पारंपरिक परीक्षणों की सटीकता के करीब है। मैथ्यूज ने कहा कि यह खोज वैश्विक स्तर पर परीक्षण और उपचार की पहुंच को बढ़ाने की क्षमता रखती है, विशेष रूप क्लिनिक में फिंगर स्टिक ब्लड सैंपल का से जहां परीक्षण की पहुंच सीमित है ।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें&nbsp;</h2>



<p>हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है जो लिवर पर हमला करता है । ग्लोबल डाटा के मुताबिक, दुनिया भर में लगभग 25 करोड़ 40 लाख लोग इससे पीड़ित हैं और हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। हालांकि वैक्सीन से इसे रोका जा सकता है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, क्रानिक हेपेटाइटिस बी से पीड़ित लोगों में से सिर्फ आठ प्रतिशत को ही इलाज मिल पाता है।</p>



<p>अभी हेपेटाइटिस बी डीएन टेस्टिंग, निदान और निगरानी दोनों के लिए, एक केंद्रीय प्रयोगशाला में प्रोसेस करने के लिए वीनस ब्लड सैंपल इकट्ठा करने की जरूरत होती है। इसका मतलब है कि टेस्ट के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है और फिर अक्सर रिजल्ट के लिए कई दिनों या हफ्तों तक इंतज़ार करना पड़ सकता है। यह देरी इलाज और देखभाल में रुकावट डाल सकती हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">60 मिनट के अंदर रिजल्ट&nbsp;&nbsp;</h2>



<p>इसकी तुलना में नया प्वाइंट आफ केयर टेस्ट छोटे हेल्थ इस्तेमाल करके किया जा सकता है, जिसे ज्यादा हेल्थ केयर वर्कर कर सकते हैं और 60 मिनट के अंदर रिजल्ट मिल जाता है। यह कई संक्रामक रोगों जिसमें हेपेटाइटिस सी भी शामिल है, के लिए लैब टेस्ट का एक प्रभावी विकल्प है। नया परीक्षण डब्ल्यूएचओ के 2030 तक हेपेटाइटिस बी को स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वैश्विक प्रयासों का समर्थन कर सकता है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>ऑस्ट्रेलिया की राह पर फ्रांस: 15 साल से छोटे बच्चे नहीं चला पाएंगे सोशल मीडिया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 06:23:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="792" height="422" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/01/hfyu-1.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/01/hfyu-1.png 792w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/01/hfyu-1-768x409.png 768w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0/">ऑस्ट्रेलिया की राह पर फ्रांस: 15 साल से छोटे बच्चे नहीं चला पाएंगे सोशल मीडिया</a></p>
<p>मीडिया के बढ़ते प्रभाव और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले उसके असर के मद्देनजर एक बड़े वैश्विक बदलाव के संकेत के रूप में आस्ट्रेलिया के बाद अब फ्रांस की नेशनल असेंबली ने भी एक ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="792" height="422" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/01/hfyu-1.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/01/hfyu-1.png 792w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/01/hfyu-1-768x409.png 768w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0/">ऑस्ट्रेलिया की राह पर फ्रांस: 15 साल से छोटे बच्चे नहीं चला पाएंगे सोशल मीडिया</a></p>

<p>मीडिया के बढ़ते प्रभाव और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले उसके असर के मद्देनजर एक बड़े वैश्विक बदलाव के संकेत के रूप में आस्ट्रेलिया के बाद अब फ्रांस की नेशनल असेंबली ने भी एक ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी दे दी है।</p>



<p>इसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोमवार देर रात हुए मतदान में इस विधेयक को 130-21 के भारी अंतर से पारित किया गया।</p>



<p>यह कानून न केवल इंटरनेट मीडिया प्लेटफा‌र्म्स को विनियमित करेगा, बल्कि हाई स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">15 साल से छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन</h3>



<p>फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस कानून को &#8216;फास्ट-ट्रैक&#8217; करने का अनुरोध किया है, ताकि इसे सितंबर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से लागू किया जा सके। मैक्रों ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा, &#8216;हमारे बच्चों के दिमाग बिक्री के लिए नहीं हैं &#8211; न तो अमेरिकी प्लेटफा‌र्म्स के लिए और न ही चीनी नेटवर्क के लिए। उनके सपने एल्गोरिदम द्वारा तय नहीं होने चाहिए।&#8217;</p>



<p>क्यों पड़ी इस सख्त कानून की जरूरत? फ्रांस की स्वास्थ्य निगरानी संस्था की हालिया रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 12 से 17 वर्ष की आयु के लगभग 90 प्रतिशत बच्चे रोजाना इंटरनेट का उपयोग करते हैं। इनमें से 58 प्रतिशत किशोर इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय हैं।</p>



<p>औसतन हर दूसरा किशोर दिन में दो से पांच घंटे स्मार्टफोन पर बिता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट मीडिया के अत्यधिक उपयोग से किशोरों में आत्म-सम्मान की कमी, अवसाद और आत्मघाती प्रवृत्तियों में वृद्धि हुई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हाई स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी पूर्ण रोक</h3>



<p>फ्रांस में कई परिवारों ने &#8216;टिकटाक&#8217; जैसे प्लेटफा‌र्म्स पर मुकदमा भी दायर किया है, जिसमें दावा किया गया है कि उनके बच्चों की आत्महत्या के पीछे प्लेटफार्म का हानिकारक कंटेंट जिम्मेदार था। यूरोप और दुनिया में बढ़ता रुझान यह विधेयक यूरोपीय संघ के &#8216;डिजिटल सेवा अधिनियम&#8217; के अनुरूप तैयार किया गया है।</p>



<p>वर्तमान में पूरे यूरोप में नाबालिगों की आनलाइन सुरक्षा के लिए न्यूनतम आयु 16 वर्ष करने पर विचार चल रहा है। ब्रिटिश सरकार भी किशोरों को हानिकारक कंटेंट और अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बचाने के लिए इंटरनेट मीडिया प्रतिबंध पर विचार कर रही है।</p>



<p>आस्ट्रेलिया पहले ही 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया प्रतिबंधित कर चुका है, जिसके बाद वहां लगभग 47 लाख बच्चों के अकाउंट बंद किए गए हैं। क्या है इस कानून का दायरा? हालांकि यह कानून सख्त है, लेकिन इसमें कुछ अपवाद भी रखे गए हैं।</p>



<p>यह प्रतिबंध आनलाइन विश्वकोश (जैसे विकिपीडिया), शैक्षिक या वैज्ञानिक निर्देशिकाओं और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर साझा करने वाले प्लेटफा‌र्म्स पर लागू नहीं होगा। विपक्ष के कुछ नेताओं ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है, लेकिन बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट को देखते हुए इसे फ्रांस की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु यह ऐतिहासिक कदम</h3>



<p>इंटरनेट मीडिया के बढ़ते प्रभाव और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले उसके असर के मद्देनजर एक बड़े वैश्विक बदलाव के संकेत के रूप में आस्ट्रेलिया के बाद अब फ्रांस की नेशनल असेंबली ने भी एक ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी दे दी है।</p>



<p>इसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोमवार देर रात हुए मतदान में इस विधेयक को 130-21 के भारी अंतर से पारित किया गया।</p>



<p>यह कानून न केवल इंटरनेट मीडिया प्लेटफा‌र्म्स को विनियमित करेगा, बल्कि हाई स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगाएगा। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस कानून को &#8216;फास्ट-ट्रैक&#8217; करने का अनुरोध किया है, ताकि इसे सितंबर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से लागू किया जा सके।</p>



<p>मैक्रों ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा, &#8216;हमारे बच्चों के दिमाग बिक्री के लिए नहीं हैं &#8211; न तो अमेरिकी प्लेटफा‌र्म्स के लिए और न ही चीनी नेटवर्क के लिए। उनके सपने एल्गोरिदम द्वारा तय नहीं होने चाहिए।&#8217;</p>



<p>क्यों पड़ी इस सख्त कानून की जरूरत? फ्रांस की स्वास्थ्य निगरानी संस्था की हालिया रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 12 से 17 वर्ष की आयु के लगभग 90 प्रतिशत बच्चे रोजाना इंटरनेट का उपयोग करते हैं।</p>



<p>इनमें से 58 प्रतिशत किशोर इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय हैं। औसतन हर दूसरा किशोर दिन में दो से पांच घंटे स्मार्टफोन पर बिता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट मीडिया के अत्यधिक उपयोग से किशोरों में आत्म-सम्मान की कमी, अवसाद और आत्मघाती प्रवृत्तियों में वृद्धि हुई है।</p>



<p>फ्रांस में कई परिवारों ने &#8216;टिकटाक&#8217; जैसे प्लेटफा‌र्म्स पर मुकदमा भी दायर किया है, जिसमें दावा किया गया है कि उनके बच्चों की आत्महत्या के पीछे प्लेटफार्म का हानिकारक कंटेंट जिम्मेदार था। यूरोप और दुनिया में बढ़ता रुझान यह विधेयक यूरोपीय संघ के &#8216;डिजिटल सेवा अधिनियम&#8217; के अनुरूप तैयार किया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">47 लाख बच्चों के अकाउंट बंद&nbsp;</h3>



<p>वर्तमान में पूरे यूरोप में नाबालिगों की आनलाइन सुरक्षा के लिए न्यूनतम आयु 16 वर्ष करने पर विचार चल रहा है। ब्रिटिश सरकार भी किशोरों को हानिकारक कंटेंट और अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बचाने के लिए इंटरनेट मीडिया प्रतिबंध पर विचार कर रही है।</p>



<p>आस्ट्रेलिया पहले ही 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया प्रतिबंधित कर चुका है, जिसके बाद वहां लगभग 47 लाख बच्चों के अकाउंट बंद किए गए हैं। क्या है इस कानून का दायरा? हालांकि यह कानून सख्त है, लेकिन इसमें कुछ अपवाद भी रखे गए हैं।</p>



<p>यह प्रतिबंध आनलाइन विश्वकोश (जैसे विकिपीडिया), शैक्षिक या वैज्ञानिक निर्देशिकाओं और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर साझा करने वाले प्लेटफा‌र्म्स पर लागू नहीं होगा। विपक्ष के कुछ नेताओं ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है, लेकिन बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट को देखते हुए इसे फ्रांस की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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		<item>
		<title>11 दिन में ही ऑस्ट्रेलिया के सिर पर सजा एशेज का ताज&#8230; एडिलेड में टूटी इंग्लैंड की आखिरी उम्मीदें</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/11-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ranjeet Gupta]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Dec 2025 06:56:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="725" height="401" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/12/khl.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/11-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87/">11 दिन में ही ऑस्ट्रेलिया के सिर पर सजा एशेज का ताज&#8230; एडिलेड में टूटी इंग्लैंड की आखिरी उम्मीदें</a></p>
<p>ऑस्ट्रेलिया की टीम ने एक और एशेज सीरीज पर अपना कब्जा जमा लिया है। एडिलेड ओवल में खेले गए तीसरे एशेज टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 82 रन से हराकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है, जबकि इंग्लैंड का &#8216;बैजबॉल शो&#8217; ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर फ्लॉप हो &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="725" height="401" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2025/12/khl.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/11-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87/">11 दिन में ही ऑस्ट्रेलिया के सिर पर सजा एशेज का ताज&#8230; एडिलेड में टूटी इंग्लैंड की आखिरी उम्मीदें</a></p>

<p>ऑस्ट्रेलिया की टीम ने एक और एशेज सीरीज पर अपना कब्जा जमा लिया है। एडिलेड ओवल में खेले गए तीसरे एशेज टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 82 रन से हराकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है, जबकि इंग्लैंड का &#8216;बैजबॉल शो&#8217; ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर फ्लॉप हो गया। एक भी मैच में ऐसा नहीं लगा कि इंग्लैंड की टीम उस मैच को जीत पाएगी।</p>



<p>एडिलेड टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने दूसरी पारी में 349 रन बनाए और इस तरह इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 435 रन का विशाल टारगेट रखा था। इतने बड़े स्कोर का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम 352 रन ही बना सकी और ये मैच कंगारू टीम ने 82 रन से जीत लिया।&nbsp;</p>



<h3 class="wp-block-heading">Ashes 2025 AUS vs ENG: पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया टीम ने जीता मैच</h3>



<p>ऑस्ट्रेलियाई टीम (Australia National Cricket Team Wins Ashes 2025) ने पहले टेस्ट मैच सिर्फ दो दिन में 8 विकेट से जीता था। इसके बाद दूसरा टेस्ट मैच कंगारू टीम ने 4 दिन में 8 विकेट से अपने नाम किया था और अब तीसरा मैच पांचवें दिन तक चला। इंग्लैंड ने कई सेशन में टक्कर देने की पूरी कोशिश की, लेकिन अंत में जीत ऑस्ट्रेलिया के ही हाथ लगी और उसने पांचवें दिन मैच जीत लिया। इस तरह एशेज सीरीज के 11 दिनों में ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने एशेज सीरीज को अपने नाम कर लिया, जबकि इंग्लैंड की टीम के हाथ निराशा ही लगी।</p>



<p>आखिरी बार इंग्लिश टीम ने साल 2017 में एशेज सीरीज जीती थी। उसके बाद से वह इस बड़ी सीरीज को नहीं जीत सके। मौजूदा सीरीज में इंग्लैंड की ओर से केवल जो रूट ने ही शतक लगाया। उनके अलावा कोई भी खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर सका।&nbsp;</p>



<h3 class="wp-block-heading">ऑस्ट्रेलिया के लिए एलेक्स और ट्रेविस चमके</h3>



<p>एडिलेड ओवल में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी में एलेक्स कैरी ने शतक जड़ा था और 106 रन की पारी खेली थी। उनकी इस पारी की बदौलत पहली पारी में कंगारू टीम 371 रन का स्कोर बना सकी थी। इसके बाद कंगारू टीम की ओर से दूसरी पारी में ट्रेविस हेड ने 170 रन बनाए थे।</p>



<p>इन दोनों प्लेयर्सने तीसरे टेस्ट में कंगारू टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। वहीं, इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 286 रन और दूसरी पारी में 352 रन बना सकी। इंग्लैंड की ओर से पहली पारी में कप्तान बेन स्टोक्स ने 83 रन की पारी खेली थी, जबकि जोफ्रा आर्चर ने 51 रन बनाए थे। दूसरी पारी में इंग्लैंड की ओर से जैक क्राउली ने 85 रन , तो विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने 60 रन की पारी खेली।&nbsp;</p>



<p>वहीं, कंगारू टीम की ओर से मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और नाथन लियोन ने दूसरी पारी में 3-3 विकेट क्रमश: लिए। एक विकेट स्कॉट बोलैंड के खाते में आया। इस तरह इंग्लिश टीम 435 रन का टारगेट नहीं चेज कर पाई।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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