महाराष्ट्र के बहुचर्चित गोसीखुर्द घोटाले के आरोपी ने किया सुसाइड, चार्जशीट में था नाम

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महाराष्ट्र के बहुचर्चित गोसीखुर्द सिंचाई प्रकल्प घोटाले के आरोपी कॉन्ट्रेक्टर जिगर ठक्कर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस के मुताबिक, जिगर पर बिजनेस में घाटे के कारण करोड़ों रुपये का कर्ज हो गया था.

महाराष्ट्र के बहुचर्चित गोसीखुर्द घोटाले के आरोपी ने किया सुसाइड, चार्जशीट में था नामवह देर शाम मुंबई के मरीन ड्राइव पर पहुंचा. यहां उसने होटल मरीन प्लाजा के सामने कार खड़ी की और अपने ही रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली.

गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया. अस्पताल पहुंचाने तक उसकी मौत हो चुकी थी.

टेंडर घोटाले में बड़ी गड़बड़ियां…

गौरतलब है कि गोसीखुर्द प्रोजेक्ट के टेंडर में गड़बड़ी करने वाले आरोपियों में ठक्कर का नाम भी है. महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कुछ समय पहले इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें ठक्कर का नाम भी शामिल था.

गोसीखुर्द डैम और घोटाला…

 

गोसीखुर्द डैम भंडारा जिले में वैनगंगा नदी पर बनने वाला महत्वपूर्ण सिंचाई प्रोजेक्ट है. 70 हजार करोड़ के इस सिंचाई घोटाले में गोसीखुर्द परियोजना सियासत के इतिहास में अपनी तरह का मील का पत्थर है. इंदिरा गांधी ने इस परियोजना का नोटिफिकेशन किया. राजीव गांधी के समय इसकी लागत 372 करोड़ थी, लेकिन उसके बाद कीमत तेजी से बढ़ी और पहुंच गई 15 हजार करोड़ के पार. प्रोजेक्ट मार्च 1990 तक पूरा होना था, लेकिन मंजूरी के 33 साल बाद अब तक यह अधूरा है.

कैसे हुआ लूट का खुला खेल…

गोसीखुर्द का काम शुरु होता उससे पहले ही परियोजना की 22358 हेक्टेयर जमीन पर बसे 200 गांव के 15 हजार परिवारों को नोटिस दे दिया गया कि वह जमीन खाली कर दें. एक तरफ मुआवजे और पुनर्वास के आंदोलन होने लगे तो वहीं दूसरी तरफ आंदोलन की आड़ में ठेकेदारों की लूट का खुला खेल गोसीखुर्द में शुरु हुआ.

पेशे से बिल्डर थे जिगर

बताया जाता है कि जिगर ठक्कर की डी ठक्कर कंस्ट्रक्शन कंपनी थी. इस कंपनी पर 90 करोड़ का कर्ज बाकी था. चर्चा है कि वे कर्ज के चलते पिछले काफी समय से परेशान चल रहे थे. 

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