स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की तस्वीर इस्तेमाल करना अमेरिकी डाक विभाग को पड़ा महंगा, लगा 24 करोड़ का जुर्माना

स्टांप पर गलती से ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ की तस्वीर छापना अमेरिकी डाक विभाग को बहुत महंगा पड़ गया। कॉपीराइट उल्लंघन के आरोप में अमेरिकी अदालत ने डाक विभाग पर करीब 24 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। 2010 में स्टांप बनाने के दौरान अमेरिकी डाक सेवा ने लास वेगास की एक मूर्ति की तस्वीर की जगह ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ की तस्वीर लगा दी। अब एक अदालत ने आदेश दिया है कि कॉपीराइट का उल्लंघन करने पर डाक विभाग को मूर्तिकार को करीब 24 करोड़ रुपये देने होंगे।स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की तस्वीर इस्तेमाल करना अमेरिकी डाक विभाग को पड़ा महंगा, लगा 24 करोड़ का जुर्माना

‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ बनाने वाले कलाकार रॉबर्ट डेविडसन लास वेगास में रहते हैं, जो न्यूयॉर्क स्थित इस मूर्ति से एक हजार किलोमीटर दूर स्थित है। वह बताते हैं कि जब उन्हें इसका पता चला तो उन्होंने 2013 में डाक विभाग पर कॉपीराइट उल्लंघन का मामला दर्ज किया। विभाग पर आरोप लगाया कि उसने डेविडसन की बनाई कलाकृति को कॉपी किया है, जिसे अदालत ने भी माना।

गेट्टी इमेज से उठाई थी तस्वीर
डाक विभाग ने वास्तव में स्टॉक फोटो एजेंसी ‘गेट्टी इमेज’ से इस फोटो को उठाया था और समझा कि यह असली फोटो है। इसे क्रॉप करके साइज में लाने के बाद इसे दिसंबर, 2010 में सार्वजनिक रूप से जारी किया गया था। डाक विभाग ने अदालत के फैसले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

सास के चेहरे से प्रेरित हो बनाई थी मूर्ति
डेविडसन ने अदालत में कहा कि उनकी सास के चेहरे ने उन्हें मूर्ति के डिजाइन को बनाने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने आगे कहा कि यह स्टैच्यू आधुनिकता और नारित्व  की भावना को बताती है।

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