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	<title>हरियाणा &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
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	<title>हरियाणा &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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		<title>आर्थिक रूप से कमजोर ITI छात्रों को हर महीने 2000 रुपये&#8230;हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला</title>
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		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:50:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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		<category><![CDATA[हरियाणा सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="989" height="578" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-42.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-42.jpg 989w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-42-768x449.jpg 768w" sizes="(max-width: 989px) 100vw, 989px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b0-iti-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/">आर्थिक रूप से कमजोर ITI छात्रों को हर महीने 2000 रुपये&#8230;हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला</a></p>
<p>हरियाणा सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक मदद देकर तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित करने की तैयारी में है। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की पहल की है। बता दें कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="989" height="578" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-42.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-42.jpg 989w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-42-768x449.jpg 768w" sizes="(max-width: 989px) 100vw, 989px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b0-iti-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/">आर्थिक रूप से कमजोर ITI छात्रों को हर महीने 2000 रुपये&#8230;हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला</a></p>

<p>हरियाणा सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक मदद देकर तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित करने की तैयारी में है। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की पहल की है।</p>



<p>बता दें कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से कोई भी छात्र तकनीकी प्रशिक्षण बीच में न छोड़े। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहयोग मिलने से आईटीआई में दाखिले बढ़ेंगे, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।</p>



<p>जानकारी के अनुसार वर्ष 2026-27 के प्रवेश सत्र में हरियाणा के 377 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 197 सरकारी और 180 निजी ITI शामिल हैं। इन संस्थानों में करीब एक लाख सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। विद्यार्थियों को 89 से अधिक इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेडों में प्रशिक्षण का विकल्प मिलेगा, जिनमें पारंपरिक ट्रेडों के साथ आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।</p>



<p>सरकार इस समय ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) पर विशेष जोर दे रही है। इस मॉडल में विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान ही उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव दिया जाता है। मशीनों पर काम करने, उत्पादन प्रक्रिया समझने, सुरक्षा मानकों का पालन करने और औद्योगिक कार्यप्रणाली सीखने का अवसर मिलने से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को रोजगार के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ती।</p>



<p>हरियाणा सरकार तकनीकी शिक्षा को सीधे उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। एक ओर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को स्टाइपेंड देकर प्रशिक्षण जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पाठ्यक्रमों को उद्योग आधारित बनाया जा रहा है। इससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं के रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और राज्य को कुशल कार्यबल भी मिलेगा। &nbsp;</p>
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		<item>
		<title>हरियाणा ने रचा इतिहास: नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में बना देश का नंबर-1 राज्य</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:42:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="971" height="509" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/5-59.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/5-59.jpg 971w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/5-59-768x403.jpg 768w" sizes="(max-width: 971px) 100vw, 971px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%8f-%e0%a4%86/">हरियाणा ने रचा इतिहास: नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में बना देश का नंबर-1 राज्य</a></p>
<p>नए आपराधिक कानूनों के लागू होने की दूसरी वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर हरियाणा ने देशभर में एक नई मिसाल कायम की है। हरियाणा, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निर्धारित 95 अंकों के लक्ष्य को प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस उपलब्धि को राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="971" height="509" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/5-59.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/5-59.jpg 971w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/5-59-768x403.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 971px) 100vw, 971px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%8f-%e0%a4%86/">हरियाणा ने रचा इतिहास: नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में बना देश का नंबर-1 राज्य</a></p>

<p>नए आपराधिक कानूनों के लागू होने की दूसरी वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर हरियाणा ने देशभर में एक नई मिसाल कायम की है। हरियाणा, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निर्धारित 95 अंकों के लक्ष्य को प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस उपलब्धि को राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली का परिणाम माना जा रहा है।</p>



<p>राज्य सरकार ने नए आपराधिक कानूनों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने, जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया। इसी का परिणाम है कि हरियाणा ने निर्धारित सभी प्रमुख मानकों को पूरा करते हुए 95 अंकों का लक्ष्य हासिल कर लिया।</p>



<p>इस उपलब्धि के साथ हरियाणा ने यह संदेश दिया है कि न्याय व्यवस्था में सुधार और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में वह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से अपराधों की जांच में तेजी, पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।</p>



<p>गौरतलब है कि 1 जुलाई 2024 से देशभर में नए आपराधिक कानून लागू किए गए थे, जिनके तहत भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह नए कानून लागू किए गए। इनका उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और नागरिक-केंद्रित बनाना है।</p>



<p>हरियाणा की यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण मानी जा रही है। नए आपराधिक कानूनों की दूसरी वर्षगांठ से पहले मिली यह सफलता राज्य की प्रशासनिक दक्षता और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। &nbsp;</p>
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		<item>
		<title>हरियाणा-राजस्थान के बीच जल समझौता: गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में MOU साइन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:37:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[गृहमंत्री अमित शाह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="817" height="463" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/45.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/45.jpg 817w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/45-768x435.jpg 768w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/45-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 817px) 100vw, 817px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%9c/">हरियाणा-राजस्थान के बीच जल समझौता: गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में MOU साइन</a></p>
<p>समझौते के तहत वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड के जल बंटवारा समझौते के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा और राजस्थान के बीच जल बंटवारे को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। दोनों &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="817" height="463" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/45.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/45.jpg 817w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/45-768x435.jpg 768w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/45-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 817px) 100vw, 817px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%9c/">हरियाणा-राजस्थान के बीच जल समझौता: गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में MOU साइन</a></p>

<p>समझौते के तहत वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड के जल बंटवारा समझौते के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।</p>



<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा और राजस्थान के बीच जल बंटवारे को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ।</p>



<p>दोनों राज्यों की सरकारों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहे। समझौते के तहत मानसून के दौरान हरियाणा पाइप लाइन के जरिए राजस्थान को पानी भेजेगा।</p>



<p>समझौते के तहत वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड के जल बंटवारा समझौते के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे लंबे समय से लंबित जल वितरण से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।</p>



<p>इस समझौते के बाद रेणुका डैम, किशाऊ डैम और लखवार डैम जैसी बहुप्रतीक्षित बांध परियोजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भी तेजी आने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पेयजल उपलब्धता, सिंचाई क्षमता और जल संरक्षण को बड़ा लाभ मिलेगा।</p>



<p>केंद्र सरकार ने इस समझौते को राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। माना जा रहा है कि इससे जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, अंतरराज्यीय समन्वय और भविष्य की जल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।</p>



<p><strong>राजस्थान जल समझौते का इनेलो ने किया विरोध,<br /></strong>इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व वित्त मंत्री प्रो. संपत सिंह ने हरियाणा और राजस्थान के बीच हुए हालिया जल समझौते का कड़ा विरोध किया है। संपत सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के जल अधिकारों पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने हरियाणा के हितों की अनदेखी करते हुए राजस्थान के साथ समझौता किया है, जबकि एसवाईएल नहर का निर्माण आज भी अधूरा है और राज्य लगातार जल संकट का सामना कर रहा है।</p>



<p>चंडीगढ़ में इनेलो मुख्यालय पर प्रेस वार्ता के दौरान प्रो. संपत सिंह ने कहा कि हरियाणा के गठन के बाद राज्य को यमुना जल पर वैधानिक अधिकार मिला था, लेकिन 1994 के समझौते में हरियाणा की हिस्सेदारी घटा दी गई। इससे पहले राजस्थान और दिल्ली को केवल अतिरिक्त उपलब्ध जल दिया जाता था, जिसे बाद में स्थायी आवंटन का स्वरूप दे दिया गया। उन्होंने रेणुका, किशाऊ और लखवार-व्यासी जैसी परियोजनाओं के वर्षों से लंबित रहने तथा मसानी जलाशय से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया।</p>



<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में तत्कालीन नेता चौधरी ओम प्रकाश चौटाला के नेतृत्व में इनेलो के 17 विधायकों ने जल समझौते के विरोध में इस्तीफा देकर हरियाणा के हितों की लड़ाई लड़ी थी। प्रो. संपत सिंह ने भाजपा और कांग्रेस पर राज्य के जल अधिकारों की रक्षा में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि इनेलो लोकतांत्रिक तरीके से हरियाणा के पानी की एक-एक बूंद की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में पार्टी की बैठक बुलाकर आगामी रणनीति तय की जाएगी।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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		<title>अंबाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट जल्द भरेगा उड़ान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 11:23:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[डोमेस्टिक एयरपोर्ट]]></category>
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<p>&#160;अंबाला छावनी में वर्षों से प्रतीक्षित डोमेस्टिक एयरपोर्ट अब उद्घाटन के बेहद करीब पहुंच चुका है। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने विश्वास जताया है कि एयरपोर्ट का शुभारंभ शीघ्र होगा। उनका दावा है कि यह भारत का पहला ऐसा डोमेस्टिक एयरपोर्ट होगा, जहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से जीरो विजिबिलिटी &#8230;</p>
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<p>&nbsp;अंबाला छावनी में वर्षों से प्रतीक्षित डोमेस्टिक एयरपोर्ट अब उद्घाटन के बेहद करीब पहुंच चुका है। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने विश्वास जताया है कि एयरपोर्ट का शुभारंभ शीघ्र होगा। उनका दावा है कि यह भारत का पहला ऐसा डोमेस्टिक एयरपोर्ट होगा, जहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से जीरो विजिबिलिटी में भी विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकेंगे और उतर सकेंगे।</p>



<p>अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन के निकट विकसित इस एयरपोर्ट के लिए रक्षा मंत्रालय से लगभग 20 एकड़ भूमि 133 करोड़ रुपये में प्राप्त की गई, जबकि लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक टर्मिनल, यात्री सुविधाएं और आवश्यक उपकरण स्थापित किए गए हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा अधिकांश तकनीकी कार्य पूरे किए जा चुके हैं और अब अंतिम तैयारियां चल रही हैं।<br /><br /><strong>निरीक्षण के बाद दिए अंतिम तैयारियां पूरी करने के निर्देश</strong><br /><br />हाल ही में अनिल विज ने एयरपोर्ट का विस्तृत निरीक्षण किया और पीडब्ल्यूडी तथा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। विज ने यात्रियों की सुविधाओं जैसे बैठने की व्यवस्था, खान-पान, वाहन पार्किंग, बैगेज स्कैनर, सुरक्षा उपकरण, आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।</p>



<p>उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम बनाकर एयरपोर्ट का तकनीकी निरीक्षण कराने के निर्देश दिए ताकि उद्घाटन से पहले सभी लंबित कार्य पूरे किए जा सकें। सीसीटीवी इंस्टॉलेशन, कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था, ऑनलाइन यूपीएस, छोटे सिविल कार्य, कार्यालय संबंधी व्यवस्थाएं तथा पर्याप्त स्टाफ और वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऑफ-एयरपोर्ट एयर कार्गो टर्मिनल विकसित करने के भी निर्देश दिए गए।</p>



<p><strong>अयोध्या, श्रीनगर, लखनऊ, आगरा और बनारस से जुड़ेगा अंबाला</strong><br /><br />अनिल विज ने बताया कि अंबाला से अयोध्या के लिए प्रस्तावित उड़ान को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। इसके अलावा श्रीनगर रूट पर एक कंपनी को संचालन का कार्य दिए जाने की प्रक्रिया जारी है, जबकि लखनऊ सहित अन्य शहरों के लिए विभिन्न एयरलाइंस ने आवेदन किए हैं।</p>



<p>एलायंस एयर के साथ हुए अनुबंध के तहत शुरुआती चरण में अंबाला से आगरा, बनारस और श्रीनगर के लिए उड़ानें शुरू किए जाने की योजना है। प्रारंभ में एटीआर-42 विमान से सेवाएं शुरू होंगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ भविष्य में यहां से लगभग 15 उड़ानों को जोड़ने की संभावना भी जताई जा रही है।</p>



<p><strong>हरियाणा ही नहीं, चार राज्यों को मिलेगा लाभ</strong></p>



<p>अनिल विज का कहना है कि अंबाला एयरपोर्ट का लाभ केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा। जीटी रोड पर स्थित होने के कारण चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। हरियाणा के कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल, करनाल, पानीपत सहित अनेक जिलों के लोगों को हवाई यात्रा के लिए अब दिल्ली या चंडीगढ़ पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।</p>



<p><strong>विज के प्रयासों से साकार हुआ ड्रीम प्रोजेक्ट</strong></p>



<p>अंबाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट का निर्माण आसान नहीं था। प्रारंभ में जिस जमीन का चयन किया गया था, उसे तकनीकी कारणों से अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया। इसके बाद नई जमीन की तलाश शुरू हुई और कई स्थानों का सर्वे किया गया। अंततः सेना के अधिकार क्षेत्र की भूमि उपयुक्त पाई गई। सेना से जमीन प्राप्त करना बड़ी चुनौती थी, लेकिन अनिल विज ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट मानते हुए लगातार लगभग दो वर्षों तक रक्षा मंत्रालय और सेना के अधिकारियों के साथ लगातार प्रयास किए। अंततः हरियाणा सरकार को एयरफोर्स स्टेशन से सटी लगभग 20 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई। सेना के साथ हुए समझौते के अनुसार भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर हरियाणा सरकार उसी मूल्य के बराबर सेना को आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगी।</p>



<p><strong>केंद्र सरकार का मिला पूरा सहयोग</strong></p>



<p>अनिल विज ने बताया कि वह हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मिले थे। इसके बाद एयरपोर्ट पर कार्यों की गति और तेज कर दी गई है। जल्द ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक अंबाला में होगी, जिसमें एयरपोर्ट संचालन से जुड़े अंतिम कार्यों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के सहयोग तथा केंद्र सरकार की मंजूरी से यह परियोजना आगे बढ़ सकी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ भी कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद सुरक्षा संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी की जा सकीं।</p>



<p><strong>&#8216;अंबा एयरपोर्ट&#8217; नाम रखने का प्रस्ताव</strong></p>



<p>अनिल विज चाहते हैं कि अंबाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट का नाम &#8216;अंबा एयरपोर्ट, अंबाला छावनी&#8217; रखा जाए। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा है। उनका कहना है कि अंबाला का नाम मां अंबा देवी के नाम पर पड़ा है और यहां स्थित प्राचीन अंबा मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। इसलिए एयरपोर्ट का नाम भी स्थानीय आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा होना चाहिए।</p>



<p><strong>रोजगार और व्यापार को मिलेगा नया आयाम</strong></p>



<p>एयरपोर्ट शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। होटल, परिवहन, टैक्सी, लॉजिस्टिक्स, खान-पान, पर्यटन और अन्य सेवा क्षेत्रों को नई गति मिलेगी। कार्गो सुविधा शुरू होने से उद्योगों और व्यापारियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।</p>



<p><strong>उत्तर भारत का नया विमानन केंद्र बनने की ओर अंबाला</strong></p>



<p>क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (उड़ान) के तहत विकसित यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के महत्वपूर्ण विमानन केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता रखता है। आधुनिक तकनीक, जीरो विजिबिलिटी ऑपरेशन, उत्कृष्ट सड़क और रेल संपर्क तथा रणनीतिक स्थिति के कारण अंबाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट भविष्य में हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण हवाई केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p>
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		<title>कबीर जयंती की छुट्टी पर भी खुले रहेंगे खेल कार्यालय, खिलाड़ियों को CET आवेदन में बड़ी राहत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 11:21:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[कबीर जयंती]]></category>
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<p>प्रदेश सरकार ने स्पोटर्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट नीति में बदलाव के तुरंत बाद खिलाड़ियों को एक और राहत दी है। शनिवार को अवकाश के बावजूद खेल विभाग के कार्यालय खोले गए। इसी तरह रविवार और सोमवार को संत कबीर जयंती के सरकारी अवकाश के बावजूद सभी जिला खेल कार्यालय खुले रहेंगे। इससे पात्र युवा चतुर्थ श्रेणी &#8230;</p>
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<p>प्रदेश सरकार ने स्पोटर्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट नीति में बदलाव के तुरंत बाद खिलाड़ियों को एक और राहत दी है। शनिवार को अवकाश के बावजूद खेल विभाग के कार्यालय खोले गए। इसी तरह रविवार और सोमवार को संत कबीर जयंती के सरकारी अवकाश के बावजूद सभी जिला खेल कार्यालय खुले रहेंगे। इससे पात्र युवा चतुर्थ श्रेणी पदों की सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के लिए आसानी से आवेदन कर सकेंगे, जिसकी अंतिम तिथि तीन जुलाई रखी गई है।</p>



<p> खेल निदेशक पार्थ गुप्ता ने उपनिदेशकों और जिला खेल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खिलाड़ियों के स्पोट्र्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट जारी किए जाएं। सभी अधिकारी अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे और संशोधित अधिसूचना के अनुसार स्पोर्ट्स ग्रेडेशन प्रमाणपत्र देना सुनिश्चित करेंगे। दरअसल, 2025 में 27वें हरियाणा स्टेट गेम्स के पहले चरण में करीब 8500 खिलाड़ि‌यों ने भाग लिया था। </p>



<p>इनमें 2662 खिलाड़ी पदक जीतने में सफल रहे। संशोधित स्पोट्र्स ग्रेडेशन नीति लागू होने के बाद इन सभी को पहली बार ग्रेडेशन सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। हरियाण ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष कीटन जसविन्द्र सिंह &#8216;मीनू बेनीवाल&#8217; ने कहा कि इससे खिलाड़ियों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा।</p>
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