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	<title>दिल्ली &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
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	<title>दिल्ली &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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		<title>दिल्ली में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को बढ़ावा, लेकिन 7.3% हिस्सेदारी बनी बड़ी चुनौती</title>
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		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 09:43:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
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		<category><![CDATA[इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर]]></category>
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<p>दिल्ली सरकार की हालिया घोषित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति के मसौदे में अप्रैल, 2028 से पारंपरिक इंजन वाले दोपहिया वाहनों के नए पंजीकरण पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी क्रिसिल रेटिंग्स का मानना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए दोपहिया वाहन श्रेणी के लिए यह बदलाव सबसे बड़ी चुनौती साबित हो &#8230;</p>
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<p>दिल्ली सरकार की हालिया घोषित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति के मसौदे में अप्रैल, 2028 से पारंपरिक इंजन वाले दोपहिया वाहनों के नए पंजीकरण पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी क्रिसिल रेटिंग्स का मानना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए दोपहिया वाहन श्रेणी के लिए यह बदलाव सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में इस श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी केवल 7.3 प्रतिशत रही है।</p>



<p><strong>&nbsp;इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के पंजीकरण की अनिवार्यता&nbsp;</strong><br />क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक पूनम उपाध्याय ने कहा कि अप्रैल, 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के पंजीकरण की अनिवार्यता उद्योग को इलेक्ट्रिक उत्पादों, उत्पादन क्षमता और वितरण नेटवर्क में निवेश तेज करने की स्पष्ट रूपरेखा देती है। इसके बावजूद निकट अवधि में आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाले मॉडल बाजार में प्रासंगिक बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली के दोपहिया वाहन बाजार की भविष्य की वृद्धि अब काफी हद तक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बाजार की तैयारियों पर निर्भर करेगी। आईसीई वाहन विनिर्माताओं पर प्रभाव विभिन्न वाहन श्रेणियों में अलग-अलग होगा।&nbsp;</p>



<p><strong>इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी केवल 7.3 प्रतिशत&nbsp;</strong><br />उपाध्याय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में दोपहिया वाहनों का पंजीकरण लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर 5.7 लाख इकाई रहा, लेकिन इनमें इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी केवल 7.3 प्रतिशत थी। नीति के मसौदे के तहत अप्रैल, 2028 से नए दोपहिया वाहनों में सिर्फ बिजलीचालित वाहन का पंजीकरण किया जाएगा। इसे बढ़ावा देने के लिए पहले वर्ष प्रति वाहन 30,000 रुपये तक का प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है, जिसे अगले दो साल में धीरे-धीरे कम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्क्रैप यानी कबाड़ लाभ और कर छूट जैसी सुविधाएं भी नीति में शामिल हैं, लेकिन जैसे-जैसे वित्तीय सहायता घटेगी, इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत, उनकी लागत प्रतिस्पर्धा और स्वामित्व का कुल खर्च उपभोक्ताओं के निर्णय में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>



<p><strong>निजी यात्री कारों के मामले में बदलाव</strong><br />&nbsp;क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार, निजी यात्री कारों के मामले में बदलाव अपेक्षाकृत धीमा रहने की संभावना है। नीति के मसौदे में निजी कारों के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का अनिवार्य पंजीकरण नहीं किया गया है, बल्कि प्रोत्साहनों के जरिये उनकी खरीद को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। उपाध्याय ने कहा कि इसलिए मध्यम अवधि में आईसीई कारें बाजार में बनी रहेंगी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति वाहन कीमत, चार्जिंग अवसंरचना की उपलब्धता और विभिन्न मॉडल की उपलब्धता जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।</p>



<p><strong>दो लाख चारपहिया वाहनों का पंजीकरण</strong><br />उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में लगभग दो लाख चारपहिया वाहनों का पंजीकरण हुआ, जिनमें करीब 77,000 इलेक्ट्रिक वाहन (39 प्रतिशत हिस्सेदारी) और लगभग 52,000 हाइब्रिड वाहन शामिल थे। नई नीति के तहत 30 लाख रुपये तक की शोरूम कीमत वाले इलेक्ट्रिक चारपहिया यात्री वाहनों को पथकर और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान किया गया है। क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार, विभिन्न वाहन श्रेणियों में सबसे पहले तिपहिया वाहन इलेक्ट्रिक व्यवस्था की ओर बढ़ेंगे। नीति के मसौदे के तहत एक जनवरी, 2027 से नए सिर्फ इलेकट्रिक तिपहिया के पंजीकरण का प्रस्ताव है। </p>
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		<title>लाल किले को मिली बम से उड़ाने की धमकी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 05:53:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लाल किले]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="629" height="350" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/2-13.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be/">लाल किले को मिली बम से उड़ाने की धमकी</a></p>
<p>दिल्ली में लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में मुंबई पुलिस के पास एक कॉल आया। जिसके बाद हड़कंप मच गया। हालांकि, प्रारंभिक जांच के बाद इस कॉल को फर्जी घोषित किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात कॉलर ने मुंबई पुलिस के &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="629" height="350" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/2-13.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be/">लाल किले को मिली बम से उड़ाने की धमकी</a></p>

<p>दिल्ली में लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में मुंबई पुलिस के पास एक कॉल आया। जिसके बाद हड़कंप मच गया। हालांकि, प्रारंभिक जांच के बाद इस कॉल को फर्जी घोषित किया गया है।</p>



<p>मिली जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात कॉलर ने मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम में फोन कर लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी दी। इस सूचना के तुरंत बाद मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम ने दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम को इस धमकी के बारे में जानकारी दी। दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम ने तत्काल इस जानकारी को उत्तरी जिला पुलिस के साथ साझा किया।</p>



<p>सूचना मिलते ही उत्तरी जिला पुलिस हरकत में आ गई और लाल किले के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई। सुरक्षा कर्मियों द्वारा गहन जांच पड़ताल की गई, जिसमें किसी भी संदिग्ध वस्तु या खतरे का पता नहीं चला। जांच के बाद पुलिस ने इस कॉल को एक फर्जी या &#8216;हॉक्स&#8217; कॉल घोषित कर दिया।</p>



<p>यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली के किसी महत्वपूर्ण स्थल को इस तरह की धमकी मिली हो। हाल के दिनों में, दिल्ली के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों, जिनमें अदालतें और सरकारी इमारतें शामिल हैं, को भी बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं।</p>
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		<item>
		<title>सरकार ने शुरू किया &#8216;कर्मयोगी कर्तव्य-2.0&#8217; कार्यक्रम, सेवा भाव और जवाबदेही पर रहेगा जोर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 05:45:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम-2.0]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="811" height="466" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/122.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/122.jpg 811w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/122-768x441.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 811px) 100vw, 811px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%af%e0%a5%8b/">सरकार ने शुरू किया &#8216;कर्मयोगी कर्तव्य-2.0&#8217; कार्यक्रम, सेवा भाव और जवाबदेही पर रहेगा जोर</a></p>
<p>दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों की कार्यसंस्कृति में बदलाव लाने के उद्देश्य से &#8221;कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम-2.0&#8221; शुरू किया है। कार्यक्रम का लक्ष्य सरकारी कर्मचारियों में सेवा भाव, जवाबदेही, पारदर्शिता और नागरिक केंद्रित कार्यशैली विकसित करना है, ताकि लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर और सम्मानजनक तरीके से मिल सकें। इसके लिए राजस्व विभाग ने छह &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="811" height="466" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/122.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/122.jpg 811w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/122-768x441.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 811px) 100vw, 811px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%af%e0%a5%8b/">सरकार ने शुरू किया &#8216;कर्मयोगी कर्तव्य-2.0&#8217; कार्यक्रम, सेवा भाव और जवाबदेही पर रहेगा जोर</a></p>

<p>दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों की कार्यसंस्कृति में बदलाव लाने के उद्देश्य से &#8221;कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम-2.0&#8221; शुरू किया है। कार्यक्रम का लक्ष्य सरकारी कर्मचारियों में सेवा भाव, जवाबदेही, पारदर्शिता और नागरिक केंद्रित कार्यशैली विकसित करना है, ताकि लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर और सम्मानजनक तरीके से मिल सकें। इसके लिए राजस्व विभाग ने छह अधिकारियों को स्टेट मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया है, जो विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे।</p>



<p>प्रशिक्षण निदेशालय (यूटीसीएस) इन अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देगा। सचिव (राजस्व) एवं मंडलायुक्त की मंजूरी के बाद शुरू हुई इस पहल के तहत प्रशिक्षित अधिकारी अपने-अपने जिलों और विभागों में कर्मयोगी मॉडल को लागू करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। स्टेट मास्टर ट्रेनर के रूप में दक्षिण-पूर्वी जिले के जंगपुरा तहसीलदार गौतम के अलावा अनुभाग अधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव (मध्य-उत्तर), आशना सोलंकी (उत्तर-पश्चिम), अनिल (पश्चिम), अनिल ठाकरान (पूर्व) और अरविंद कुमार सिंह (दक्षिण) को नामित किया गया है। इन अधिकारियों का चयन अलग-अलग जिलों से किया गया है, ताकि पूरे दिल्ली क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।</p>



<p>सरकार का कहना है कि सुशासन केवल नई योजनाएं बनाने से नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यशैली में सुधार से भी सुनिश्चित होता है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को समयबद्ध कार्य निष्पादन, पारदर्शिता, ईमानदारी, जिम्मेदारी और नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही यह भी सिखाया जाएगा कि शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक समाधान कैसे किया जाए तथा सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों तक बिना अनावश्यक देरी के कैसे पहुंचाया जाए।</p>



<p>सरकार का मानना है कि यदि अधिकारी नागरिकों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करेंगे, समय पर सेवाएं उपलब्ध कराएंगे और अपने निर्णयों की जिम्मेदारी निभाएंगे तो सरकारी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा। इसी उद्देश्य से कर्मयोगी कर्तव्य-2.0 को प्रशासनिक सुधार की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।</p>



<p><strong>अब सेवा भाव बनेगा कार्यसंस्कृति का हिस्सा<br /></strong>कर्मयोगी कर्तव्य-2.0 का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों में यह भावना विकसित करना है कि वे केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए जिम्मेदार कर्मयोगी हैं। कार्यक्रम के जरिए नागरिकों के प्रति संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को बढ़ावा दिया जाएगा।</p>



<p><strong>कार्यक्रम से ये बदलाव आने की उम्मीद<br /></strong>सरकारी कर्मचारियों में सेवा भाव और कर्तव्यबोध बढ़ेगा<br />समयबद्ध और जवाबदेह कार्यसंस्कृति विकसित होगी<br />नागरिकों की शिकायतों का तेज और संतोषजनक समाधान होगा<br />सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी<br />पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा<br />नागरिकों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा मिलेगा</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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		<title>दिल्ली में स्वच्छ हवा के लिए सरकार खर्च करेगी 8300 करोड़</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 05:39:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता]]></category>
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<p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम की ओरिएंटेशन कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान वर्ल्ड बैंक ने परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय ग्रांट सुविधा की औपचारिक पुष्टि दिल्ली सरकार को सौंपी। दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुक्रवार को बड़े संस्थागत अभियान ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ (दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम) की औपचारिक शुरुआत &#8230;</p>
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<p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम की ओरिएंटेशन कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान वर्ल्ड बैंक ने परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय ग्रांट सुविधा की औपचारिक पुष्टि दिल्ली सरकार को सौंपी।</p>



<p>दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुक्रवार को बड़े संस्थागत अभियान ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ (दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम) की औपचारिक शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम की ओरिएंटेशन कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान वर्ल्ड बैंक ने परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय ग्रांट सुविधा की औपचारिक पुष्टि दिल्ली सरकार को सौंपी। करीब 8300 करोड़ रुपये की लागत वाली यह सात वर्षीय परियोजना राजधानी में वैज्ञानिक, जवाबदेह और तकनीक आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर केंद्रित होगी।</p>



<p>कार्यशाला में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों, केंद्र सरकार के आर्थिक कार्य विभाग, वर्ल्ड बैंक और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों को वर्ल्ड बैंक की वित्तीय प्रक्रिया, खरीद प्रणाली, पर्यावरण एवं सामाजिक मानकों तथा संस्थागत तैयारियों की जानकारी दी गई। साथ ही प्रोग्राम फॉर रिजल्ट्स (पी-फॉर-आर) मॉडल के तहत परियोजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।</p>



<p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण किसी एक विभाग की समस्या नहीं है। इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पर्यावरण, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, दिल्ली ट्रांसको और दिल्ली जल बोर्ड समेत सभी एजेंसियों के बीच समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य केवल एक्यूआई में सुधार करना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को जवाबदेह, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाना है।</p>



<p><strong>तकनीक और डेटा से चलेगा प्रदूषण नियंत्रण अभियान<br /></strong>परियोजना के पहले चरण में आधुनिक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट और डेटा एनालिटिक्स आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए विभिन्न विभागों की कार्रवाई की रीयल टाइम निगरानी होगी। जनजागरूकता, अधिकारियों का प्रशिक्षण और तकनीकी नवाचार भी अभियान का अहम हिस्सा होंगे।</p>



<p><strong>पुराने वाहन, धूल और कचरा होंगे मुख्य निशाने पर<br /></strong>दूसरे चरण में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर कार्रवाई होगी। पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन मजबूत करने, अत्याधुनिक प्रदूषण जांच प्रणाली विकसित करने, सड़क व निर्माण स्थलों की धूल नियंत्रित करने और ठोस कचरा प्रबंधन सुधारने पर विशेष जोर रहेगा।</p>



<p><strong>65% राशि वर्ल्ड बैंक देगा, सितंबर से लागू होगी योजना<br /></strong>यह परियोजना सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक दिल्ली के सभी जिलों में लागू रहेगी। इसकी कुल लागत 8300 करोड़ रुपये है, जिसमें 65 प्रतिशत वित्तीय सहायता वर्ल्ड बैंक और शेष 35 प्रतिशत राशि दिल्ली सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी वित्तीय सहयोग के साथ वैश्विक विशेषज्ञता और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली को भी दिल्ली तक लाएगी। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली को स्वच्छ वायु और जलवायु अनुकूल विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां अपनाने में मदद करेगी तथा भविष्य में देश के अन्य शहरों के लिए भी मॉडल बन सकती है।</p>
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		<title>सीएम रेखा गुप्ता ने &#8216;स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली&#8217; ओरिएंटेशन वर्कशॉप का किया उद्दघाटन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 11:17:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[ओरिएंटेशन वर्कशॉप]]></category>
		<category><![CDATA[सीएम रेखा गुप्ता]]></category>
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<p>स्वच्छ और स्वस्थ दिल्ली बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को वर्ल्ड बैंक और पर्यावरण विभाग द्वारा आयोजित &#8216;स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली&#8217; (दिल्ली स्वच्छ वायु कार्यक्रम) पर एक ओरिएंटेशन कार्यशाला का उद्घाटन किया।&#160;X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, &#8220;माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodiji के नेतृत्व में और वर्ल्ड बैंक &#8230;</p>
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<p>स्वच्छ और स्वस्थ दिल्ली बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को वर्ल्ड बैंक और पर्यावरण विभाग द्वारा आयोजित &#8216;स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली&#8217; (दिल्ली स्वच्छ वायु कार्यक्रम) पर एक ओरिएंटेशन कार्यशाला का उद्घाटन किया।&nbsp;X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, &#8220;माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodiji के नेतृत्व में और वर्ल्ड बैंक के सहयोग से 8,300 करोड़ रुपये के सात साल के &#8216;स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली&#8217; (दिल्ली स्वच्छ वायु कार्यक्रम) की शुरुआत दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।&#8221; उन्होंने कहा कि बेहतर निगरानी, ​​आधुनिक तकनीक, विभागों के बीच समन्वय और प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से यह कार्यक्रम प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को नई गति देगा।</p>



<p>X पर अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा, &#8220;नई EV नीति, इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार, 32,000 EV चार्जिंग पॉइंट, धूल और खुले में कचरा जलाने पर सख्त नियंत्रण, 70 लाख पेड़ लगाने और यमुना के कायाकल्प जैसे ठोस कदमों के साथ, दिल्ली सरकार एक स्वच्छ और स्वस्थ राष्ट्रीय राजधानी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।&#8221; एक बयान के अनुसार, इस अवसर पर मौजूद अन्य लोगों में वर्ल्ड बैंक के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी, दिल्ली कैबिनेट मंत्री प्रवेश सिंह, आशीष सूद और एम.एस. सिरसा शामिल थे।</p>



<p> एक अन्य घटनाक्रम में, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर दक्षिण दिल्ली में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मंडी रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने और इसके विकास का जिम्मा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सौंपने का आग्रह किया। अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 8.8 किलोमीटर लंबी मंडी रोड दिल्ली-NCR में एक प्रमुख रणनीतिक परिवहन गलियारा है।</p>



<p>यह छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास महरौली-गुरुग्राम रोड (NH-148A) को दिल्ली-हरियाणा सीमा पर गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जोड़ती है। यह सड़क दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे पड़ोसी आर्थिक केंद्रों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती है, साथ ही राज्यों के बीच सुचारू यातायात आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) सेंटर (UTTIPEC) की गवर्निंग बॉडी ने 27 सितंबर, 2023 को हुई अपनी 68वीं बैठक में मंडी रोड के महत्व को माना था और इसे चौड़ा करने और इसके व्यापक विकास के प्रस्ताव का समर्थन किया था। </p>



<p>उन्होंने कहा कि सड़क के रणनीतिक महत्व, मौजूदा और भविष्य में ट्रैफिक की ज़रूरत और नेशनल हाईवे-148A से इसके सीधे जुड़ाव को देखते हुए, इसे NHAI के अधिकार क्षेत्र में शामिल करने पर विचार किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मंडी रोड को नेशनल हाईवे घोषित करने और इसके विकास की ज़िम्मेदारी NHAI को सौंपने का अनुरोध किया, ताकि एक इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जा सके, एक जैसे इंजीनियरिंग स्टैंडर्ड अपनाए जा सकें और इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर का समय पर अपग्रेडेशन सुनिश्चित किया जा सके।</p>



<p>उन्होंने कहा कि इस पहल से रोज़ाना इस सड़क का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए यात्रा बेहतर और आसान हो जाएगी। इससे दिल्ली-NCR में कनेक्टिविटी भी मज़बूत होगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। बयान में कहा गया है कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी से प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आग्रह किया और मामले को आगे बढ़ाने में उनके निरंतर समर्थन की उम्मीद जताई।</p>
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