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	<title>दिल्ली &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
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	<title>दिल्ली &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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		<title>साकेत हादसे में बड़ा सवाल : निर्माण शुरू होते ही पहुंचते हैं MCD कर्मी</title>
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		<pubDate>Mon, 01 Jun 2026 11:17:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="628" height="358" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/ioyoi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2/">साकेत हादसे में बड़ा सवाल : निर्माण शुरू होते ही पहुंचते हैं MCD कर्मी</a></p>
<p>दक्षिणी दिल्ली के सैदुल्लाजाब में इमारत ढहने की घटना ने एक बार फिर एमसीडी के बिल्डिंग विभाग की कार्यप्रणाली और अवैध निर्माण पर नियंत्रण की व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। राजधानी में जब भी किसी इमारत के गिरने या अवैध निर्माण से जुड़ा हादसा सामने आता है, कुछ दिनों तक विभागीय कार्रवाई, &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="628" height="358" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/ioyoi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2/">साकेत हादसे में बड़ा सवाल : निर्माण शुरू होते ही पहुंचते हैं MCD कर्मी</a></p>

<p>दक्षिणी दिल्ली के सैदुल्लाजाब में इमारत ढहने की घटना ने एक बार फिर एमसीडी के बिल्डिंग विभाग की कार्यप्रणाली और अवैध निर्माण पर नियंत्रण की व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। राजधानी में जब भी किसी इमारत के गिरने या अवैध निर्माण से जुड़ा हादसा सामने आता है, कुछ दिनों तक विभागीय कार्रवाई, जांच और जवाबदेही की चर्चा होती है। संबंधित क्षेत्र के इंजीनियरों पर कार्रवाई भी होती है, लेकिन समय बीतने के साथ मामला ठंडा पड़ जाता है और अवैध निर्माण का सिलसिला फिर जारी रहता है।</p>



<p>एमसीडी के बिल्डिंग विभाग की जिम्मेदारी निर्माण गतिविधियों की निगरानी, अवैध निर्माण की पहचान और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना है। विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि किसी भी इलाके में निर्माण शुरू होते ही इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर विभाग तक पहुंच जाती है। बेलदार, जूनियर इंजीनियर और अन्य कर्मचारी मौके का निरीक्षण भी करते हैं। इसके बावजूद कई मामलों में निर्माण कार्य बिना रोक-टोक जारी रहता है और पूरी इमारत खड़ी हो जाती है।</p>



<p>हादसों के बाद विभागीय अधिकारी अक्सर यह दलील देते हैं कि संबंधित भवन को रिकॉर्ड में ‘बुक’ किया गया था और नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यदि निर्माण को अवैध माना गया था, तो उसे शुरुआती चरण में रोकने या ध्वस्त करने की प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यही वजह है कि हर हादसे के बाद केवल निचले स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठते हैं।</p>



<p><strong>तीन साल से अधिक बिल्डिंग विभाग में नहीं रखे जा सकते इंजीनियर&#8230;फिर कैसे सब चलता रहता है</strong><br />एमसीडी के भीतर बिल्डिंग विभाग को सबसे संवेदनशील और प्रभावशाली विभागों में माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, बेलदार से लेकर अधिशासी अभियंता तक की पोस्टिंग को लेकर हमेशा खींचतान रहती है। नियमों के मुताबिक किसी इंजीनियर को तीन वर्ष से अधिक समय तक बिल्डिंग विभाग में नहीं रखा जा सकता और चार्जशीट वाले अधिकारियों की नियुक्ति भी नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद लंबे समय तक तैनाती और तबादले के बाद दोबारा पोस्टिंग के आरोप समय-समय पर सामने आते रहे हैं।</p>



<p><strong>पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता</strong><br />एमसीडी सदन और विभिन्न समितियों की बैठकों में अवैध निर्माण लगातार चर्चा का विषय रहा है। भ्रष्टाचार और विभागीय कर्मचारियों की गिरफ्तारी के मामलों ने भी विभाग की छवि पर सवाल खड़े किए हैं। सैदुल्लाजाब हादसे के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि अवैध निर्माण की जिम्मेदारी केवल क्षेत्रीय इंजीनियरों तक सीमित है या फिर पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता है। सबसे बड़ा प्रश्न आज भी वही है-यदि निर्माण की जानकारी पहले से थी, तो उसे समय रहते रोका क्यों नहीं गया?</p>
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		<title> बारिश के साथ होगी जून की शुरुआत, दो दिन बरसेंगे दिल्ली-NCR में बदरा</title>
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		<pubDate>Mon, 01 Jun 2026 11:09:13 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[पश्चिमी विक्षोभ]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="650" height="323" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/image.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b6/"> बारिश के साथ होगी जून की शुरुआत, दो दिन बरसेंगे दिल्ली-NCR में बदरा</a></p>
<p>पहाड़ों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसका असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 1 से 4 जून तक मौसम बदला रहेगा। आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा इस दौरान बहुत हल्की से हल्की बारिश की एक-दो बौछारें पड़ सकती हैं।&#160; दो दिन बारिश का &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="650" height="323" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/image.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b6/"> बारिश के साथ होगी जून की शुरुआत, दो दिन बरसेंगे दिल्ली-NCR में बदरा</a></p>

<p>पहाड़ों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसका असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 1 से 4 जून तक मौसम बदला रहेगा। आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा इस दौरान बहुत हल्की से हल्की बारिश की एक-दो बौछारें पड़ सकती हैं।&nbsp;</p>



<p><strong>दो दिन बारिश का अलर्ट</strong><br />बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहेगी। दोपहर या शाम के समय हवाओं के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने 1 और 2 जून को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में 1 जून से 6 जून तक अधिकतम तापमान 35 से 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 से 29 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।</p>



<p><strong>दो दिन छाए रहेंगे बादल</strong><br />मौसम विभाग के अनुसार, 5 और 6 जून को बारिश की संभावना कम है, लेकिन आसमान में बादल बने रहेंगे। हवा की दिशा ज्यादातर दक्षिण-पूर्व से पश्चिम की तरफ रहेगी। मौसम विभाग ने लोगों को तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। </p>



<p><strong>रविवार को भी बारिश का अलर्ट</strong><br />रविवार को सुबह से ही सूरज और बादलों के बीच लुका छिपी का खेल जारी रहा। दिन के समय जरूर धूप निकली, लेकिन मौसम ठंडा रहा। इसी बीच दिन के समय मौसम बदला। तेज हवाओं के साथ बादलों ने आसमान में डेरा जमा लिया। देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। इससे मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने बारिश का यलो अलर्ट जारी किया हुआ है। </p>



<p><strong>कहां कितनी बारिश हुई</strong><br />वहीं मौसम विभाग के अनुसार, शाम 4:00 बजे तक सफदरजंग मानक केंद्र में 1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। ऐसे में लगातार तीसरे दिन पारा 40 के नीचे रहा। साथ ही, अधिकतम तापमान 35.8 और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री दर्ज हुआ। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 75 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 51 प्रतिशत रही।</p>
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		<title>दिल्ली: भोजन की नली में फंसे कांच के टुकड़े को डाॅक्टरों ने निकाला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:19:43 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[कांच के टुकड़े]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="786" height="455" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-72.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-72.jpg 786w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-72-768x445.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 786px) 100vw, 786px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ab%e0%a4%82%e0%a4%b8/">दिल्ली: भोजन की नली में फंसे कांच के टुकड़े को डाॅक्टरों ने निकाला</a></p>
<p>दिल्ली के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने 40 वर्षीय मरीज की भोजन की नली (इसोफेगस) में फंसे 2 गुणा 1 सेंटीमीटर आकार के नुकीले कांच के टुकड़े को सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जान बचाई। मरीज पिछले 15 दिनों से खाना निगलने के दौरान दर्द की शिकायत से परेशान था। जांच में पता चला कि भोजन &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="786" height="455" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-72.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-72.jpg 786w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/4-72-768x445.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 786px) 100vw, 786px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ab%e0%a4%82%e0%a4%b8/">दिल्ली: भोजन की नली में फंसे कांच के टुकड़े को डाॅक्टरों ने निकाला</a></p>

<p>दिल्ली के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने 40 वर्षीय मरीज की भोजन की नली (इसोफेगस) में फंसे 2 गुणा 1 सेंटीमीटर आकार के नुकीले कांच के टुकड़े को सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जान बचाई। मरीज पिछले 15 दिनों से खाना निगलने के दौरान दर्द की शिकायत से परेशान था।</p>



<p>जांच में पता चला कि भोजन नली में कांच का टुकड़ा फंसा हुआ है। इसके बाद अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व पांडे और जनरल सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. संजीव चोपड़ा की टीम ने आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक की मदद से बिना किसी अतिरिक्त चोट या जटिलता के इसे सुरक्षित रूप से बाहर निकाल दिया।</p>



<p>डॉक्टरों ने बताया कि भोजन नली में फंसी नुकीली वस्तु गंभीर खतरा बन सकती है और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उपचार के बाद मरीज को निगरानी में रखा गया और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>विश्व तंबाकू निषेध दिवस: एक फोन कॉल, सवा दो लाख से अधिक युवाओं ने छोड़ी लत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:13:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[विश्व तंबाकू निषेध दिवस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="382" height="316" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/po.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%82-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a7-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-%e0%a4%8f/">विश्व तंबाकू निषेध दिवस: एक फोन कॉल, सवा दो लाख से अधिक युवाओं ने छोड़ी लत</a></p>
<p>एक फोन कॉल आपकी तंबाकू की आदत दूर कर सकती है। देशभर में सवा दो लाख से अधिक युवा राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन सेवा पर संपर्क कर अपनी तंबाकू की लत छोड़ चुके हैं।&#160;दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट में 30 मई 2016 को राष्ट्रीय तंबाकू परामर्श हेल्पलाइन 1800112356 की &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="382" height="316" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/po.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%82-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a7-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-%e0%a4%8f/">विश्व तंबाकू निषेध दिवस: एक फोन कॉल, सवा दो लाख से अधिक युवाओं ने छोड़ी लत</a></p>

<p>एक फोन कॉल आपकी तंबाकू की आदत दूर कर सकती है। देशभर में सवा दो लाख से अधिक युवा राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन सेवा पर संपर्क कर अपनी तंबाकू की लत छोड़ चुके हैं।&nbsp;दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट में 30 मई 2016 को राष्ट्रीय तंबाकू परामर्श हेल्पलाइन 1800112356 की शुरुआत हुई थी। इंस्टीट्यूट के निदेशक और राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन सेवा के समन्वयक डॉ. राज कुमार ने बताया कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर हेल्पलाइन सेवा ने अपने दस वर्ष पूरे कर लिए हैं।&nbsp;</p>



<p>अप्रैल 2026 तक देश की इस एकमात्र हेल्पलाइन पर तंबाकू की लत छोड़ने संबंधी करीब एक करोड़ कॉल प्राप्त हुईं। इसकी मदद से 2,32,870 लोग सफलतापूर्वक तंबाकू का सेवन छोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में क्विट लाइन ने 6.75 लाख तंबाकू उपयोगकर्ताओं का पंजीकरण किया और 37 लाख से अधिक काउंसलिंग सत्र संचालित किए। देश में लगभग 26.7 करोड़ तंबाकू उपयोगकर्ता हैं, जो दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।</p>



<p><strong>दिल्ली के 25 हजार से अधिक युवाओं ने लिया परामर्श</strong><br />राष्ट्रीय तंबाकू परामर्श हेल्पलाइन पर दिल्ली के 25,310 लोगों ने परामर्श प्राप्त किया। इनमें 79.5 प्रतिशत युवा थे। परामर्श लेने वालों में 32.52 प्रतिशत की आयु 18 से 24 वर्ष और 30.17 प्रतिशत की आयु 25 से 34 वर्ष के बीच थी। वहीं, 5.47 प्रतिशत कॉलर 17 वर्ष से कम आयु वर्ग के थे। हेल्पलाइन से परामर्श लेने वाले 8,047 लोगों ने सफलतापूर्वक तंबाकू का सेवन छोड़ने में सफलता हासिल की।</p>



<p><strong>आयुष्मान भारत से एकीकरण की जरूरत</strong><br />उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर क्विट लाइन सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा शिक्षा में तंबाकू मुक्ति प्रशिक्षण को शामिल करने और आयुष्मान भारत योजना के साथ इसके एकीकरण की आवश्यकता है। अब सवाल यह नहीं है कि राष्ट्रीय क्विट लाइन प्रभावी है या नहीं, बल्कि यह है कि इसे वह विस्तार कब मिलेगा जिसकी यह वास्तव में हकदार है। गौरतलब है कि देश में तंबाकू सेवन के कारण हर वर्ष 13.5 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु होती है। यह कैंसर से होने वाली लगभग एक-तिहाई मौतों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।</p>



<p><strong>हर साल 8 से 13 लाख कॉल मिल रहीं</strong><br />डॉ. राज कुमार ने बताया कि वर्ष 2016 में क्विट लाइन को 50 हजार से अधिक आईवीआर कॉल प्राप्त हुई थीं, जबकि 2019 में यह संख्या बढ़कर 18 लाख से अधिक हो गई। कोविड-19 महामारी के बाद भी हर वर्ष 8 से 13 लाख कॉल लगातार प्राप्त हो रही हैं। वर्ष 2021 में पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या पहली बार एक लाख के पार पहुंची थी।</p>



<p><strong>18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के 91 हजार से अधिक युवाओं ने छोड़ा तंबाकू</strong><br />डॉ. राज कुमार के अनुसार, आयु वर्ग के आधार पर 18 से 24 वर्ष के युवाओं ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इस आयु वर्ग के 91,933 युवा तंबाकू छोड़ने में सफल रहे। राष्ट्रीय तंबाकू क्विट लाइन सेवा की सफलता दर 34.46 प्रतिशत है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित कई सफल क्विट लाइन सेवाओं के बराबर मानी जाती है। सबसे अधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश से हुए, जहां 2,09,964 लोगों ने इस सेवा का उपयोग किया।</p>
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		<title>डीयू में बीटेक दाखिले के लिए आवेदन शुरू; जेईई मेन 2026 पेपर-1 में शामिल होना अनिवार्य</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:07:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="628" height="361" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/pypo.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2/">डीयू में बीटेक दाखिले के लिए आवेदन शुरू; जेईई मेन 2026 पेपर-1 में शामिल होना अनिवार्य</a></p>
<p>दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से बीटेक प्रोग्राम में एडमिशन लेने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। यूनिवर्सिटी ने बीटेक कोर्स में दाखिले के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल admission.uod.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित &#8230;</p>
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<p>दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से बीटेक प्रोग्राम में एडमिशन लेने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। यूनिवर्सिटी ने बीटेक कोर्स में दाखिले के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल admission.uod.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।</p>



<p><strong>कौन कर सकता है आवेदन?<br /></strong>उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा पास की हो।<br />भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में कुल मिलाकर कम से कम 60% अंक होने चाहिए। साथ ही अंग्रेजी विषय में पास होना जरूरी है।<br />अलग-अलग वर्गों के लिए न्यूनतम अंक इस प्रकार निर्धारित हैं: अनारक्षित (UR) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 60%, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) के लिए 55%, तथा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwBD) उम्मीदवारों के लिए 50% अंक आवश्यक हैं।<br />उम्मीदवार का JEE (Main) 2026 (Paper-I) में शामिल होना अनिवार्य है।<br />जो छात्र 2026 में 12वीं परीक्षा में कंपार्टमेंट में हैं, वे इस प्रवेश सत्र के लिए पात्र नहीं होंगे।</p>



<p><strong>इतना लगेगा शुल्क<br /></strong>आवेदन के लिए जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों को 1500 रुपये शुल्क देना होगा। जबकि एससी, एसटी और पीडब्ल्यूबीडी वर्ग के लिए यह शुल्क 1200 रुपये रखा गया है। भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।</p>



<p><strong>जानें प्रवेश शुल्क के सभी नियम<br /></strong>प्रवेश शुल्क 2,35,200 (दो लाख पैंतीस हजार दो सौ रुपये मात्र) निर्धारित है। यह शुल्क शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संशोधित किया जा सकता है।<br />सीट आवंटन के बाद उम्मीदवार को 1,00,000 (एक लाख रुपये मात्र) प्रवेश पुष्टि शुल्क के रूप में जमा करना होगा।<br />प्रवेश की पुष्टि केवल इस शुल्क के सफल भुगतान के बाद ही मानी जाएगी। निर्धारित समय पर शुल्क न भरने पर आवंटित सीट रद्द कर दी जाएगी और उम्मीदवार को आगे के किसी भी राउंड में शामिल नहीं किया जाएगा।<br />सभी प्रवेश राउंड समाप्त होने के 10 दिनों के भीतर शेष शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा, अन्यथा प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा।</p>



<p><strong>कैसे करें आवेदन?<br /></strong>पहले आप आधिकारिक वेबसाइट engineering.uod.ac.in पर जाएं।<br />होमपेज पर “New Registration” (नया पंजीकरण) या “Existing User” (मौजूदा उपयोगकर्ता) विकल्प चुनें।<br />यदि पहले से पंजीकृत हैं तो JEE आवेदन संख्या और पासवर्ड दर्ज करके लॉग इन करें।<br />आवेदन फॉर्म को ध्यान से भरें और आवश्यक जानकारी अपडेट करें।<br />निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।<br />सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म को सबमिट कर दें।<br />आवेदन पत्र डाउनलोड करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।</p>
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