राज्य कर्मचारियों को जल्द मिलेंगे सातवें वेतनमान के भत्ते: वित्त मंत्री प्रकाश पंत

देहरादून: राज्य के वित्त, आबकारी, पेयजल, विधायी एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के भत्ते जल्द मिलेंगे। भत्तों के संबंध में उनकी अध्यक्षता में गठित समिति कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं का निराकरण भी करेगी। आगामी वर्षो में विकास की योजनाओं के लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी। 15वें वित्त आयोग में केंद्र से मिलने वाली मदद को बढ़ाने के लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं।राज्य कर्मचारियों को जल्द मिलेंगे सातवें वेतनमान के भत्ते: वित्त मंत्री प्रकाश पंत

काबीना मंत्री प्रकाश पंत गुरुवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की ओर से सातवें वेतनमान के भत्तों को लेकर गठित समिति का उद्देश्य इस मामले को टालना नहीं है।

इस मामले में सातवां वेतनमान समिति के अध्यक्ष इंदुकुमार पांडे की समिति और फिर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने सरकार को अपनी सिफारिशें दी हैं। इन सिफारिशों के मद्देनजर कर्मचारियों की मांगों के बीच सामंजस्य बिठाने की चुनौती है। समिति यह कार्य करेगी। कर्मचारियों की मांगों पर भी सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। राज्य पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए ऋण लेना उचित है।

सरकार अपने संसाधनों को बढ़ाने के प्रयास कर रही है। आबकारी, समेत राजस्व के विभिन्न मदों में इजाफा भी हुआ है। 15वें वित्त आयोग के जरिये केंद्र से मिलने वाली मदद में कमी न हो, इसके सरकार ने कमर कसी हुई है। राज्य में कुल जीएसटी में 191 फीसद इजाफा हुआ है, लेकिन एसजीएसटी में यह इजाफा महज सात फीसद है। इस मामले को भी 15वें वित्त आयोग के समक्ष उठाया जा रहा है।

मलिन बस्तियों के लिए एक्ट लाए जाने की जरूरत पर उन्होंने कहा कि जो बस्तियां नोटिफाई नहीं हैं, उनके विस्थापन की चुनौती है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन बस्तियों के लोगों को आवास देकर विस्थापित किया जाएगा। राज्य के पास सात लाख हेक्टेयर राजस्व भूमि है। इसमें विस्थापितों के लिए मानकों के अनुरूप आवासीय बंदोबस्त किए जाएंगे। आपदा प्रभावित 352 गांवों के पुनर्वास को लेकर भी केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में राज्य की आर्थिकी मजबूत होगी। 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के तौर पर विकसित करने की सरकार की योजना से आमूलचूल बदलाव देखने को मिलेगा। न्याय पंचायतों के जरिये ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों पर भर्तियों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। टिहरी जिले में वर्ष 2013 के आपदा प्रभावितों को मदद नहीं मिलने के बारे में उन्होंने मामले का परीक्षण कराने की बात कही।

रिवर्स पलायन शुरू, 15 घोस्ट विलेज हुए कम 

काबीना मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन का सिलसिला शुरू हो गया है। 1065 घोस्ट विलेज में से अब 1048 ही रह गए हैं।

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