श्रीनगर: अलगाववादियों की बंद की घोषणा के तीसरे दिन श्रीनगर के कुछ हिस्सों में आज भी प्रतिबंध लागू रहे. बंद के कारण घाटी में जनजीवन प्रभावित हुआ है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहर के सात थाना क्षेत्रों में अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लागू हैं. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने शहर के सात थाना क्षेत्रों महराजगंज, रैनवारी, खानयार, नौहट्टा और सफाकदल में कड़े प्रतिबंध और मैसूमा एवं करालखुद में आंशिक प्रतिबंध लगाया है.श्रीनगर: कुछ हिस्सों में तीसरे दिन भी धारा 144 लागू, घाटी में बंद से लोग परेशान

पुलवामा और शोपियां शहरों में भी पाबंदियां

अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और शोपियां शहरों में भी पाबंदियां लगाई गई हैं जबकि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी घाटी में भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर ये प्रतिबंध लगाए गए हैं. सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासिन मलिक के नेतृत्व में अलगाववादी समूहों के एक संगठन ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने सुरक्षा बलों के साथ संघर्षों के दौरान हुई नागरिकों की मौत के विरोध में कल पूर्ण बंद की घोषणा की है. यह संघर्ष उस मुठभेड़ के बाद हुए, जिसमें कश्मीर विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर समेत पांच आतंकवादी मारे गये थे.

गिलानी और मीरवाइज नजरबंद 

जहां गिलानी और मीरवाइज को घर में नजरबंद किया गया है वहीं मलिक को शनिवार से एहतियातन हिरासत में रखा गया है. अलगाववादियों की ओर से बंद की घोषणा के कारण पूरी घाटी में आज सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ. उन्होंने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्कूल , कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को एहतियाती तौर पर बंद कर दिया गया है. कश्मीर विश्वविद्यालय के साथ साथ इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने सभी शैक्षणिक गतिविधियां रद्द कर दी हैं और आज के लिए निर्धारित परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है. बंद के आह्वान के कारण दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सार्वजनिक परिवहन वाहन सड़कों पर नहीं उतरे. अधिकारी ने बताया कि अब तक समूची घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है.