कर्नाटक चुनाव: कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण में सोनिया, अखिलेश, ममता को न्योता

शरद पवार और सीताराम येचुरी समेत कई नेताओं ने शनिवार को बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद अपनी राय दी. नेताओं ने राज्यपाल वजुभाई वाला के इस्तीफे की मांग भी की. कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होने के बावजूद वाला ने गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में येदियुरप्पा को शपथ दिलाई. विपक्षी दलों की एकता को दिखाने के लिए जेडीएस के राज्य प्रमुख और जल्द ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने वाले, एचडी कुमारस्वामी ने क्षेत्रीय दलों और कांग्रेस को अपने शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया है.
कर्नाटक चुनाव: कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण में सोनिया, अखिलेश, ममता को न्योता
शनिवार को गवर्नर वाजूभाई वाला से मिलने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, ”मैं सभी क्षेत्रीय दलों को सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित करता हूं. यह दोनों पक्षों के लिए एक लोकतांत्रिक जीत है. हमारे पास विधायकों के विषय में कोई समस्या नहीं है.”  कर्नाटक में जेडीएस का उदय 2019 में संसदीय चुनावों के दौरान विपक्षी दलों, विशेष रूप से क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य कर सकता है. इसका बड़ा संकेत यह है कि तमाम क्षेत्रीय दलों के नेताओं को शपथग्रहण में आमंत्रित किया था.

शनिवार को कई विपक्षी नेताओं ने बीजेपी पर हमला किया. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने गवर्नर के इस्तीफे की मांग की.

वहीं माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा को सरकार गठन के लिए आमंत्रित करने का निर्णय ‘दुर्भावनापूर्ण’ था. उन्होंने कहा , ‘अगर कर्नाटक के राज्यपाल में थोड़ी सी भी शर्म बची है तो उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए. बेंगलुरु में बैठकर भ्रष्ट सौदे की कोशिश करने वाले केन्द्रीय मंत्री भी समान रूप से दोषी हैं.’ येदियुरप्पा के इस्तीफे के ठीक बाद येचुरी ने ट्वीट कर कहा , ‘भाजपा की भ्रष्ट और आपराधिक युक्तियां पराजित हुई हैं.

‘बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकता की दिशा में पहला कदम हो सकता है. कुमारस्वामी, बुधवार को कांतीवीरा स्टेडियम में शपथ लेंगे. कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ क्षेत्रीय दलों के कई प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया है. मायावती, अखिलेश यादव, चंद्रबाबू नायडू और ममता बनर्जी को भी आमंत्रित किया गया है.

जेडीएस प्रवक्ता रमेश बाबू ने कहा , ‘राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य आज क्षेत्रीय दलों के अनुकूल है. उत्तर प्रदेश , बिहार और अब कर्नाटक में क्षेत्रीय दलों के साथ कांग्रेस का गठजोड़ इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय दल राष्ट्रीय राजनीति में केंद्र में आयेंगे. ‘

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