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बेटे ने सुसाइड नोट में लिखा- महिला व उसके पति ने पापा को हनी ट्रैप में फंसाया

अमृतसर। चीफ खालसा दीवान (सीकेडी) के पूर्व प्रधान चरणजीत सिंह चड्ढा के पुत्र इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा ने आत्महत्या करने से पहले दो सुसाइड नोट में खुद पर दबाव और पीड़ा का उल्लेख किया है। सीकेडी के मैनेजमेंट सदस्यों व करीबियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा है कि महिला और उसके पति ने उसके पिता को हनी ट्रैप में फंसाया है। उधर, देर रात डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने इंद्रप्रीत आत्महत्या के मामले की जांच आइजी क्राइम एलके यादव को सौंप दी। हालांकि इस बाबत कोई भी अधिकारी खुलकर बताना के तैयार नहीं है।बेटे ने सुसाइड नोट में लिखा- महिला व उसके पति ने पापा को हनी ट्रैप में फंसाया

इंद्रप्रीत का एक सुसाइड नोट 14 पेज का है तो दूसरा चार पेज का है। इंद्रप्रीत सिंह ने लिखा है कि उसने बीते दिन एसआइटी ज्वाइन की है। वह अश्लील वीडियो के बारे में बात नहीं करना चाहता, क्योंकि उस पर जांच चल रही है। पिता चरणजीत सिंह चड्ढा ने सुरजीत सिंह और सीए उमट से अपने आठ करोड़ रुपये मांगे थे, जिसे लौटाने से उन्होंने इन्‍कार कर दिया था। भाई हरजीत सिंह ने भी परिवार को बर्बाद कर दिया। हालांकि हरजीत ने कहा कि उसका भाई व पिता से कोई विवाद नहीं है। भाई ने किन हालातों में मेरा नाम लिया इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता है। फिलहाल अभी मेरी प्राथमिकता परिवार को बिखरने से संभालने की है।

सुसाइड नोट में लिखा कि हरजीत सिंह को पापा से पुरानी शिकायत थी। उसने कई संपत्तियों के दस्तावेज घर से चोरी किए और पंजाब नेशनल बैंक हाल बाजार और एसबीआइ दिल्ली से करोड़ों का कर्ज ले लिया। कर्ज लेने के लिए उसने पिता और भाभी के फर्जी हस्ताक्षर भी किए। हालांकि पिता ने इसके विरोध में बैंक को शिकायत भी की थी। ग्रीन एवेन्यू की कोठी पर भी लोन की कोशिश की थी।

उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि कारोबारी इंद्रप्रीत आनंद, सुरजीत सिंह उनके पिता को यहां से हटाना चाहते थे। उन्होंने अपने गुट को मजबूत करने के लिए चीफ खालसा दीवान के सदस्य हरी सिंह, भाग सिंह अणखी और निर्मल सिंह को अपने साथ लगा लिया। इसके बाद गुरसेवक सिंह पिता का नौकर (जिसने वीडियो वायरल करने में भूमिका निभाई) को मिला लिया। गुरसेवक सिंह लालची आदमी है। इंद्रप्रीत सिंह आनंद ने भी 1.37 लाख रुपये का उसकी पत्नी से धोखा किया और  पिता से 4.65 लाख रुपये वीडियो के मांग रहा है। यह सारा मामला जालंधर पुलिस ने रिकॉर्ड भी किया है।

इंद्रप्रीत ने सुसाइड नोट में लिखा है कि हर पिता अपने बच्चे की सहायता के लिए आगे आता है, उसी तरह हर बच्चे को अपने पिता के साथ खड़े होना चाहिए। मैं अपने पिता के साथ अंत तक खड़ा रहा। हर कोई जानता है कि मेरे पिता को महिला व उसके पति ने हनी ट्रैप लगाकर साजिश के तहत फंसाया है। महिला और उसके पति ने उसके पिता को ब्लैकमेल किया है। महिला के पति के बैंक खाते में पांच लाख रुपये भी शिफ्ट किए। पैसों के लिए गलत कहानी बनाई गई। मैंने पिता के वाट्सएप पर महिला द्वारा पिता को प्रपोज करने वाले शब्द भी देखे हैं। मेरे पिता उसमें फंसे जो उन्हें नहीं करना चाहिए था।

इंद्रप्रीत के सुसाइड नोट में लिखा है, ‘ मन्ना एक स्थानीय नेता भी उनसे मैसेंजर के जरिए पचास लाख रुपये मांग रहा है, जिसे देने के लिए उन्होंने इनकार कर दिया है।’  दूसरी ओर, कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता मंदीप सिंह मन्ना का कहना है कि उनपर ब्लैकमेलिंग के आरोप निराधार हैं। उनका कोई मैसेंजर इंद्रप्रीत सिंह से कभी मिला ही नहीं और न ही कभी फोन पर बात की या एसएमएस किया। उनपर लगाए आरोपों का कोई साक्ष्य नहीं है। पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करे और वह कानून के साथ हैं।

सुसाइड नोट पर दर्ज हो केस

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अजीत सिंह बैंस की अगुवाई में काम कर रहे मानवाधिकार संगठन के चीफ इनवेस्टीगेटर सरबजीत सिंह वेरका ने बताया कि इंद्रप्रीत सिंह के करीबी दोस्त ने उन्हें यह सुसाइड नोट दिया है। उन्होंने सीएम से मांग की है कि किसी डीजीपी रैंक के अधिकारी से अश्लील वीडियो और सुसाइड वाले मामले में निष्पक्ष जांच हो ताकि दोनों पीडि़त परिवारों को इंसाफ मिल सके। एफआइआर भी सुसाइड नोट के आधार पर ही दर्ज होनी चाहिए न कि किसी पारिवारिक सदस्य के बयान पर।

तीसरा सुसाइड नोट मिलने की भी चर्चा

सरबजीत सिंह वेरका ने बताया कि दोनों नोट इंद्रप्रीत सिंह ने मौत से पहले अपने होटल में बैठकर लिखे थे। जिन्हें वह होटल में ही छोड़ गया था। घटना के बाद परिवार ने देखा कि एक सीएम के नाम पत्र है। पता चला है कि पुलिस के पास भी एक सुसाइड नोट है। जो छह पेज का बताया जा रहा है। उसमें 35 नाम लिखे हैं, जिनसे दुखी होकर इंद्रप्रीत ने आत्महत्या की। बताया जा रहा है कि पुलिस के पास पड़े सुसाइड नोट में पुलिस अफसरों के नाम और कारोबारियों के नाम भी शामिल हैं।

शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ आरोपियों पर केस

सीकेडी के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह  के बेटे पूर्व उपाध्यक्ष इंद्रप्रीत की आत्महत्या के मामले में शिकायत के आधार पर ही 11 आरोपियों पर केस दर्ज किया है। चूंकि सुसाइड नोट बाद में बरामद हुआ, इसलिए केस शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ है। आगे सुसाइड नोट की जांच होगी। जांच के बाद जो बनती कार्रवाई होगी उसे की जाएगी।

इंद्रप्रीत ने कैप्टन को पत्र लिख कहा, मेरे पिता को पक्ष रखने का मौका जरूर देना

इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा ने आत्महत्या से पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को एक पत्र भी लिखा था। इसमं लिख गया है कि उसके पिता को कुछ लालची लोगों द्वारा फंसाया गया है। उन्होंने कैप्टन से मांग की थी कि उनके पिता को अपना पक्ष रखने का एक मौका जरूर दिया जाए।अपने पत्र में उन्होंने लिख है, उनके पिता को संबंधित महिला और उसके पति ने पैसों के लालच में हनी ट्रैप में फंसाया है। इस बात के पुख्ता सबूत भी हैं लेकिन यह वीडियो वायरल हो गया और उक्त महिला और उसके पति ने पिता के साथ मेरे ऊपर भी शोषण का आरोप लगा दिया जो कि सरासर गलत है। इंद्रप्रीत ने लिखा है कि उक्त महिला द्वारा बहाए गए मगरमच्छ के आंसू के अलावा इसमें कुछ भी सच्चाई नहीं है। इंदरप्रीत ने अपने पत्र में पुलिस अफसरों पर भी उंगली उठाई है और कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए ताकि उसके पिता को इंसाफ मिल सके।

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