तो इसलिए ओबामा ने खेला था अफ्रीकी-अमेरिकी कार्ड, चली थी ये चाल

साल 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पेरिस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने पाले में करने के लिए अफ्रीकी-अमेरिकी कार्ड का इस्तेमाल किया था. दरअसल भारतीय अधिकारी जलवायु परिवर्तन के समझौते पर हामी भरने के लिए तैयार नहीं थे. इस बात का खुलासा एक नई किताब में हुआ, जो बराक ओबामा के राष्ट्रपति कार्यकाल पर लिखी गई है.तो इसलिए ओबामा ने खेला था अफ्रीकी-अमेरिकी कार्ड, चली थी ये चाल

‘द वर्ल्ड एट इज़: ए मेमोयर ऑफ द ओबामा व्हाइट हाउस’ नाम की इस किताब को लिखा है उस दौरान विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में ओबामा के शीर्ष सलाहकार रहे बेन रोड्स ने. ये किताब आज यानी बुधवार को बाज़ार में आएगी. पेरिस शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन को लेकर अमेरिका-भारत वार्ता के बारे में रोड्स ने विस्तार से लिखा है. वो लिखते हैं, “पेरिस में जलवायु परिवर्तन को लेकर समझौते पर भारत हामी भर दे इसके लिए ओबामा को खुद भारतीय अधिकारियों के साथ निजी तौर पर बातचीत करनी पड़ी.”

इसके बाद ओबामा ने पेरिस में मोदी के साथ लगभग एक घंटे तक बातचीत की. किताब के मुताबिक आखिरकार जब बात नहीं बनी तो ओबामा ने अफ्रीकी-अमेरिकी कार्ड खेला. करीब एक घंटे तक ओबामा के सामने मोदी ये तर्क देते रहे कि उनके यहां करीब 30 करोड़ लोग बिना बिजली के रहते हैं और कोयला भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का सबसे सस्ता तरीका है. मोदी ने कहा कि उन्हें पर्यावरण की परवाह की जरूर है लेकिन उन्हें गरीबी में रहने वाले लोगों के बारे में भी चिंता करनी पड़ती है. रोड्स ने अपनी किताब में लिखते हुए कहा, “ओबामा सौर ऊर्जा और क्लीन एनर्जी के बारे में तर्क देते रहे. लेकिन मोदी मानने को तैयार नहीं थे.”

रोड्स ने आगे लिखा है, “ओबामा ने बाद में मोदी से कहा कि वो अफ्रीकी-अमेरिकी मूल के हैं. मोदी जानबूझकर मुस्कुराए और उन्होंने ओबामा के हाथों को देखा, वास्तव में वो पीड़ा में थे.” रोड्स ने लिखा है “हम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए तैयार थे. ओबामा और हमारा एक ग्रुप मीटिंग रूम के बाहर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का इंतजार कर रहा था. ओबामा ने उनसे बात करने के लिए कहा, और अगले बीस मिनट के लिए वो दो भारतीय लोगों के साथ एनिमेटेड बातचीत करते रहे. ये कुछ अभूतपूर्व था और प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं था.”

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