…तो इस वजह से शरीफ की बेटी मरियम ने जेल में सुविधाएं लेने से किया इनकार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम शरीफ ने जेल में सुविधाएं लेने से इनकार कर दिया है। मरियम को उनकी पिता के साथ जेल की सजा दी गई है। एक अमीर परिवार से आने के कारण मरियम ‘बी-श्रेणी’ के जेल की हकदार हैं। इस श्रेणी के तहत निजी खर्च पर उन्हें गद्दा, टेबल, कुर्सी, पंखा, 21 इंच टीवी और एक अखबार मिलता। हालांकि उन्होंने इससे इनकार कर दिया है। 

‘ए-श्रेणी’ के हकदार शरीफ ने ली बी-श्रेणी की सुविधाएं, दामाद सफदर ने भी ली सुविधा

उनके द्वारा लिखित और हस्ताक्षर किया गया एक पत्र मीडिया में तेजी से फैल रहा है। पत्र में उन्होंने लिखा है ‘जेल अधीक्षक ने मुझे बेहतर श्रेणी की सेवाओं की पेशकश की थी। नियमों के अनुसार अपनी इच्छानुसार मैंने इससे इनकार कर दिया। यह पूरी तरह से मेरा फैसला है और मैं इसे बिना किसी दबाव के ले रही हूं।’

जेल अधिकारियों ने कहा कि हालांकि उनके पिता और पति मोहम्मद सफदर ने ‘बी-श्रेणी’ की सेवाओं के आवेदन किया और उन्हें वह मिला। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री होने के कारण शरीफ ‘ए-श्रेणी’ की सेवाओं के हकदार हैं। वहीं पूर्व सैन्य अधिकारी और सांसद होने के कारण सफदर ‘बी-श्रेणी’ के ही हकदार हैं। बता दें कि 68 वर्षीय शरीफ और 44 वर्षीय मरियम को आय से अधिक संपत्ति के मामले में क्रमश: 10 और सात साल की सजा दी गई है। उन्हें शुक्रवार रात लंदन से लाहौर हवाईअड्डे पर पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

हर बृहस्पतिवार मिल सकेंगे परिवार से 

जेल अधिकारियों ने शरीफ को उनके परिवार से मिलने के लिए बृहस्पतिवार का दिन निर्धारित किया है। आम कैदियों के अपने परिवारों से मिलने का दिन शुक्रवार है। गिरफ्तारी के बाद शरीफ ने जेल अधीक्षक के कमरे में अपनी मां शमीम अख्तर, भाई शाहबाज, मरियम की बेटी मेहरून निसा और भतीजे हमजा शाहबाज से मुलाकात की थी।

नवाज शरीफ की बेटी होने के कारण सलाखों के पीछे हूं 

जेल जाने से पहले मरियम का रिकॉर्ड किया हुआ एक संदेश जारी हुआ है। इसमें वह कह रही हैं, ‘वह एक बहादुर व्यक्ति की बेटी होने के कारण जेल में हैं। उन्होंने देश से अपील की कि वे उनकी मां के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने कहा, ‘आप सभी जानते हैं कि मैं अपनी मां को नाजुक हालत में छोड़ कर आई हूं। काश मैं उन्हें स्वस्थ हालत में गले सकती। वे मुझे मेरे पिता की कमजोरी बनाना चाहते हैं लेकिन सौभाग्य से अब मैं उनकी ताकत बन गई हूं।’ बता दें कि लंदन में गले के कैंसर का इलाज करा रहीं कुलसुम नवाज दिल का दौरा पड़ने के बाद वेंटीलेटर पर हैं।

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