यौन लत मानसिक बीमारी: डब्ल्यूएचओ

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यौन हिंसा की बढ़ती घटनाओं के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने माना है कि इसके पीछे यौन एडिक्शन यानी यौन संबंधों के प्रति लत बड़ा कारण है। यह मानसिक बीमारी का लक्षण है, जिसे कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर (जबरन यौन संबंध) भी कहा जाता है। इसे बीमारी की सूची में रखते हुए इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजीज में स्थान दिया गया है।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, इस बीमारी से ग्रस्त इंसान खुद को यौन संबंध बनाने से रोक नहीं पाता है। मेडिकल विश्वविद्यालय के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके कार कहते हैं कि डब्ल्यूएचओ का यह फैसला ऐसे लोगों के इलाज में मदद करेगा। क्यों कहा मेंटल डिसऑर्डरइस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति सेक्स की वजह से हर जरूरी कार्य टालने के साथ ही अपनी सेहत को भी नजरअंदाज करने लगता है। इसके लक्षण छह माह में खुलकर सामने आते हैं।

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लत के लक्षण

– कहीं भी संबंध बनाना चाहते हैं। अपने पार्टनर को सेक्स ऑब्जेक्ट के तौर पर ही देखते हैं।

– लत से ग्रस्त लोग अवसाद, चिंता और अकेलेपन से ग्रसित होते हैं।

– कई शोध दावा करते हैं कि यह हार्मोंस के असंतुलन और बचपन की कोई यौन हिंसा के कारण होता है।

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