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SC ने दिल्ली पुलिस से मांगा 50000 लीटर ईंधन का जाएजा, कहा…

नई दिल्ली। दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए कोई तय समय सीमा नहीं दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से ट्रैफिक जाम से निपटने की तय समय सीमा बताने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने थानों में खड़े जब्त वाहनों के बारे में नीति बनाने के लिए भी कहा है। कोर्ट के पिछले आदेश पर अमल करते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक सोमवार को कोर्ट में पेश हुए।SC ने दिल्ली पुलिस से मांगा 50000 लीटर ईंधन का जाएजा, कहा...

यह निर्देश जस्टिस मदन बी. लोकुर व जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने दिल्ली में यातायात जाम की समस्या के मामले में सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त से दिल्ली के ट्रैफिक कंजेशन के 77 स्थानों को जाम मुक्त करने की समय सीमा बताने को कहा। इस पर पुलिस आयुक्त ने संबंधित अथॉरिटी से बात करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा।

अब फिल्म बनेगी मीटिंग पर मीटिंग

इससे पहले कोर्ट ने ट्रैफिक जाम को लेकर 54 बैठकें होने के बावजूद समय सीमा तय नहीं होने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि यह उसी तरह हो गया है जैसे एक फिल्म में कहा गया था तारीख पर तारीख वैसे ही फिल्म होगी मीटिंग पर मीटिंग। दिल्ली सरकार की ओर से पेश एएसजी पिंकी आनंद ने कहा कि 77 बिंदुओं को जाम मुक्त करने के लिए काफी काम हुए हैं। इस पर जस्टिस लोकुर ने कहा कि वह काम पूरा होने की समय सीमा जानना चाहते हैं।

निजामुद्दीन थाने के सामने जब्त वाहन हैं समस्या

कोर्ट ने पुलिस आयुक्त से पूछा कि निजामुद्दीन थाने के सामने जब्त वाहनों और अन्य वाहनों के खड़े होने से जाम रहता है। उसे कब तक खत्म कर दिया जाएगा। पटनायक ने कहा कि 15 दिन में जाम खत्म कर दिया जाएगा। पीठ ने सवाल किया कि क्या थाने में खड़े जब्त वाहनों के बारे में कोई नीति नहीं है? इस बारे मे जरूर कोई नीति बनाई जानी चाहिए ताकि नियम उल्लंघन के कारण जब्त वाहन थाने में खड़े खड़े कबाड़ में न तब्दील हों, उनमें मच्छर न पैदा हों।

जब्त वाहनों का छह महीने में हो निपटारा

जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि इन वाहनों को छह महीने में निस्तारित करने की नीति क्यों नहीं बनाई जा सकती? इस पर आयुक्त ने कहा कि ज्यादातर वाहन केस प्रॉपर्टी होते हैं। कोर्ट केस खत्म होने के बाद उन्हें सुपुर्द किया जाता है। इस पर जस्टिस लोकुर ने कहा कि ऐसे में जब्त वाहन की फोटो वीडियो आदि बना उसे मालिक को वापस क्यों नहीं कर दिया जाता? जब कोर्ट में जरूरत हो तब पेश किया जाए।

पीडब्ल्यूडी के लंबित काम पर उठाया सवाल

कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी इंजीनियर से कहा कि दिल्ली में हर जगह पानी भरा है। बाढ़ आ रही है। पीडब्ल्यूडी के इतने काम लंबित हैं कि लगता है कुछ नहीं हो रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी के 221 में से 104 काम लंबित हैं। 26 के बारे में कहा गया है कि इनका होना संभव नहीं है।

केवल 8 जंक्शन पर बर्बाद होता है 50 हजार किलो लीटर ईंधन

सेट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआइ) के वर्ष 2017 के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के सिर्फ 8 जंक्शन पर रोजाना जाम के कारण 40 हजार किलोलीटर ईंधन बर्बाद होता है। वाहनों की संख्या और जाम बढ़ने से ये आंकड़ा अब लगभग 50 हजार किलोलीटर तक पहुंच चुका है।

आश्रम के आसपास सबसे अधिक करीब 11,038 किलो लीटर ईधन धुएं में उड़ता है। पीरागढ़ी में लगभग 8260 किलो लीटर और बादली क्रासिंग पर तकरीबन 5617 किलो लीटर ईधन बर्बाद होता है। प्रीत विहार, शक्ति नगर, पहाड़गंज, केजी मार्ग, लोधी रोड पर भी जमकर ईधन की बर्बादी होती है।

गौर करने वाली बात है कि सरकार ने दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत 2020 से पहले सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का उपयोग करने वालों की संख्या 80 फीसद तक लाने का लक्ष्य तय कर रखा है। अभी दिल्ली में वाहनों की संख्या एक करोड़ के आंकड़े तक पहुंच चुकी है। जबकि सड़कों की लंबाई महज 33,198 किमी है। इसमें 49 फीसद कार, 30 फीसद दोपहिया वाहन और 13 फीसद ऑटो रिक्शा है।

दिल्ली में वाहनों की औसत गति 16 किमी प्रति घंटा है

शहरी विकास मंत्रालय के अध्ययन के अनुसार दिल्ली में औसत गति 16 किलोमीटर प्रतिघंटा है, वहीं स्वयंसेवी संगठनों के हालिया सर्वे के अनुसार पुरानी दिल्ली के 30 फीसद इलाकों में औसत गति 10 किमी प्रतिघंटा है। कनॉट प्लेस में चार लेन होने के बावजूद पीक आवर में औसत स्पीड 20-25 किमी रहती है। एक अध्ययन के मुताबिक शास्त्री पार्क लालबत्ती पर वाहन गुजरने में 11 मिनट व निर्माण विहार में 9 मिनट से अधिक समय लगता है। किंग्सवे कैंप सिग्नल पर लगभग 12 मिनट तक का समय लग जाता है।

वर्किंग ऑवर मैनेजमेंट हो सकता है बेहतर विकल्प

अधिकारियों के अनुसार सड़कों की क्षमता से कहीं ज्यादा वाहनों का पंजीकरण किया जा रहा है। बिजनेस सेंटर समेत फ्लाई ओवरों के पास एक समय में अधिक वाहनों के आने की वजह से ट्रैफिक एक ही मार्ग पर मिलता है। जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है। ऐसे में कोई वाहन ब्रेक डाउन होता है तो जाम लग जाता है। वर्किंग ऑवर मैनेजमेंट की बात तो होती है लेकिन अमल नहीं हुआ, जबिक ये एक बेहतर विकल्प हो सकता है। कॉलोनियों के गेट पर ताले लगा आतंरिक मार्गों पर अवैध पार्किंग होती है। पहले मुख्य मार्ग पर जाम लगने की दशा में लोग आतंरिक मार्ग से गुजरते थे जिससे जाम कम हो जाता था। अब ऐसा नहीं हो पा रहा है।

इन क्षेत्रों में है हालात खराब

– पश्चिमी व दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली अंतर्गत मायापुरी सर्किल में रिंग रोड-लोहा मंडी-नारायणा तक। पंजाबी बाग, राजौरी गार्डन, द्वारका सेक्टर 6, 10, 4, 12, रामफल चौक मार्केट, ड्रेन रोड ओल्ड, पालम डाबड़ी रोड, पालम मार्केट। तिलक नगर व उत्तम नगर मार्केट, पालम एयरपोर्ट के पास एनएसजी लाल बत्ती।

– पूर्वी दिल्ली अंतर्गत मधुबन चौक, लक्ष्मी नगर टी प्वाइंट, भजनपुरा चौक, शाहदरा, गीता कालोनी, आनंद विहार आइएसबीटी, शाहदरा मुख्य मार्ग।

– बाहरी दिल्ली व उत्तरी दिल्ली अंतर्गत बुराड़ी मुख्य सड़क, संत नगर मार्केट, जीटीबी मेट्रो स्टेशन, मुखर्जी नगर, किराड़ी तिराहा चौक, सुल्तानपुरी जलेबी चौक, संजय गाधी अस्पताल चौक, मंगोलपुरी, राशन दफ्तर चौक किराड़ी, नरेला मुख्य सड़क, रोहिणी में मार्ग नंबर 41, मंगोलपुरी फ्लाईओवर से मुकरबा फ्लाईओवर, सब्जी मंडी से घंटा घर तक, अशोक विहार में नेताजी सुभाष पैलेस मार्ग, रामलीला ग्राउंड पीतमपुरा, वीआईपी पार्क, लारेंस रोड केशवपुरम।

– मध्य दिल्ली व नई दिल्ली अंतर्गत सदर बाजार, आजाद मार्केट चौक, कोतवाली इलाका, चांदनी चौक, भगीरथ पैलेस, खारी बावली, करोल बाग, पहाड़गंज, कमला मार्केट, पटेल नगर, रेस कोर्स, मथुरा रोड।

– दक्षिणी दिल्ली अंतर्गत लाजपत नगर, जामिया विश्वविद्यालय मार्ग, साउथ एक्स पार्ट 1 व 2, आईएनए, जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम आसपास, आरकेपुरम, सरोजनी नगर, एनएस-8, नेल्सन मंडेला मार्ग, मुनीरका फ्लाई ओवर, महरौली, चितरंजन पार्क, ग्रेटर कैलाश पार्ट 1 व 2, सरिता विहार मेट्रो, मोदी मिल फ्लाई ओवर, आश्रम चौक और डीएनडी।

– पूर्वी जिला अंतर्गत पांडव नगर (पटपड़गंज रोड), मधुवन चौक, मदर डेयरी, गीता कॉलोनी मुख्य मार्ग, एनएच- 24, लालबहादुर शास्त्री अस्पताल, वसुंधरा एंक्लेव से दल्लुपुरा, न्यू पटपड़गंज रोड, कड़कड़ी मोड़, नवीन शाहदरा, श्याम लाल कॉलेज, शहादरा मेट्रो स्टेशन, विवेकानंद कॉलेज चौराहा।

– उत्तर-पूर्वी दिल्ली अंतर्गत भजनपुरा चौक, वजीराबाद रोड, सीलमपुर, शास्त्री पार्क चौराहा, जीटीबी अस्पताल, नंद नगरी चौराहा, खजूरी चौराहा।

जाम से जुड़े कुछ हैरतअंगेज और रोचक तथ्य

– ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और आइआइएम कोलकाता द्वारा किये गए एक अध्ययन के अनुसार ट्रैफिक जाम से भारत को हर वर्ष 60 हज़ार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होता है।

– देश के 17 बड़े रूट पर वाहनों के माइलेज का राष्ट्रीय औसत सिर्फ़ 3.96 किलोमीटर प्रति लीटर है। यानी एक लीटर पेट्रोल या डीज़ल में लगभग 4 किलोमीटर।

– ट्रैफिक जाम की वजह से प्रतिदिन लोगों के करीब 90 मिनट बर्बाद होते हैं। मतलब एक वर्ष के 547 घंटे (23 दिन) जाम में बर्बाद होते हैं।

– एक व्यक्ति की औसत उम्र 60 वर्ष मान लें तो 60 वर्ष में जिंदगी के लगभग 4 वर्ष ट्रैफिक जाम में बर्बाद हो जाते हैं।

– एक सर्वे के मुताबिक दुनिया भर में पार्किंग स्पेस के लिए सबसे ज्यादा विवाद दिल्ली और बेंगलुरू में होते हैं। दिल्ली के 58 फीसद और बेंगलुरू के 44 फीसद वाहन चालक रोज़ पार्किंग के लिए बहस करते हैं।

– पार्किंग को लेकर होने वाली बहस के मामले में केन्या की राजधानी नैरोबी तीसरे और इटली का शहर मिलान चौथे नंबर पर है।

– भारत में एक वाहन चालक को पार्किंग स्पेस तलाशने में कई बार 31 से 40 मिनट तक का वक्त लग जाता है।

– आइबीएम की एक स्टडी के मुताबिक, ट्रैफिक जाम में बर्बाद होने वाले समय से उत्पादकता 40% तक कम हो जाती है।

– केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के मुताबिक दिल्ली में रहने वाला एक कर्मचारी अपने 30 वर्ष के करियर में ट्रैफिक जाम में फंसकर लगभग 6 वर्ष के बराबर का समय बर्बाद कर देता है।

– इसी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली से नोएडा या गुड़गांव जाने वाला कर्मचारी अपने 30 वर्ष के करियर में ट्रैफिक जाम में फंसकर लगभग 8 वर्ष के बराबर का समय बर्बाद कर देता है।

– नॉर्वे में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को जेल के साथ-साथ अपनी वार्षिक आय का 10 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर देना पड़ता है।

– आइसलैंड में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 1 लाख 80 हज़ार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।

– फ्रांस में कार चलाते हुए हमेशा ब्रीथ एनलाइजर साथ में रखना होता है। ब्रीथ एनलाइजर से पुलिस ये पता लगाती है कि चालक ने कितनी शराब पी है। ब्रीथ एनलाइजर ना रखने पर ड्राइवर को 11 यूरो यानी करीब 814 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है।

– जापान में अगर आप किसी ऐसे ड्राइवर के साथ बैठे हैं जिसने शराब पी हुई है तो आपको भी कानून सज़ा देगा फिर चाहे आप खुद शराब पीते हों या नहीं।

– रूस में कार की सफाई ना करना एक अपराध है। रूस में गंदी कार चलाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया जाता है।

– टर्की में कार में अग्निशमन सिलेंडर रखना अनिवार्य है। ऐसा ना करने पर ड्राइवर को जुर्माना और सज़ा भी हो सकती है।

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