73 के करीब पहुंचा रुपया, नहीं हुई पेट्रोल डीजल के दाम में तब्दीली 

- in कारोबार
बुधवार को रुपया अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपया 9 पैसे की कमजोरी के साथ खुला। वहीं, शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 100 अंकों की तेजी के साथ खुला। रुपये में गिरावट बढ़ने से महंगाई के और ज्यादा बढ़ने की आशंका हो गई है।  वहीं आज पेट्रोल डीजल के दाम में किसी तरह की कोई तब्दीली नहीं हुई है। 73 के करीब पहुंचा रुपया, नहीं हुई पेट्रोल डीजल के दाम में तब्दीली 

रुपया आज 72.78 के स्तर पर खुला। खुलने के बाद रुपये में कमजोरी और बढ़ गई है और इसने 72.86 का निचला स्तर छू लिया है। रुपये में कल भी कमजोरी आई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया कल 24 पैसे टूटकर 72.69 के स्तर पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स 107 अंक के उछाल के साथ 37,520 के स्तर पर और निफ्टी 14 अंक  की बढ़त के साथ 11,302 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 11,340 तक पहुंचा था जबकि सेंसेक्स ने 37,638.2 तक दस्तक दी थी। वहीं, ऊपरी स्तरों से फिसलकर निफ्टी 11,282.85 तक गिर गया जबकि सेंसेक्स ने 37,409 तक गोता लगाया। 

बढ़ गया घर का बजट

डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और कच्चा तेल महंगा होने से घर के बजट में 10 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। पेट्रोलियम पदार्थों खासकर डीजल के मूल्य में बढ़ोतरी का असर दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर दिखना शुरू हो गया है। इसकी वजह से आलू-प्याज और हरी सब्जियों की कीमत में 30 फीसदी तक का इजाफा हो चुका है, वहीं डबल रोटी व अंडा जैसी दैनिक उपयोग की चीजें भी महंगी हो गई हैं। 
  
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत काम करने वाले पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) के मुताबिक, बीते जुलाई महीने में इंडिया बास्केट क्रूड की औसत कीमत 73.73 डॉलर प्रति बैरल थी, जबकि उस समय डॉलर के मुकाबले रुपया 67.68 के स्तर पर था।

वहीं, बीते छह सितंबर को इंडियन बास्केट क्रूड की कीमत बढ़कर जहां 75.58 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, वहीं उस दिन डॉलर के मुकाबले रुपया 71.92 के स्तर पर था। इसी का असर बाजार पर पड़ रहा है। 

माल ढुलाई पर खर्च बढ़ा

इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आईएफटीआरटी) के सीनियर फेलो एसपी सिंह का कहना है कि सिर्फ बीते अगस्त में ही दिल्ली में डीजल की कीमत में प्रति लीटर 2.39 रुपये, जबकि पेट्रोल की कीमत में 2.21 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

इस महीने सात दिनों में ही डीजल 1.65 रुपये प्रति लीटर, जबकि पेट्रोल 1.31 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। इसके कारण माल ढुलाई पर खर्च चार से पांच फीसदी बढ़ गया है, जिससे आलू-प्याज से लेकर तमाम फल-सब्जियों का ढुलाई खर्च तो बढ़ा ही है, उद्योग जगत की परिवहन लागत भी बढ़ी है। 

बिगड़ा घरेलू बजट

बीते एक पखवाडे़ में गृहस्थी चलाना 30 फीसदी तक महंगा हो गया है। दिल्ली के उपनगरीय इलाकों में पिछले पखवाडे़ पहाड़ी आलू 20 रुपये किलो मिल रहा था, जो बढ़कर अब 25 रुपये हो गया है। नासिक वाला प्याज 20 रुपये किलो बिक रहा था, जो अब 25 रुपये किलो हो गया है।

इसी तरह भिंडी व कद्दू की कीमत भी पांच से 10 रुपये प्रति किलो बढ़ गई है। यही नहीं, चावल-दाल भी 10 रुपये किलो तक महंगे हो गए हैं। डबल रोटी के 700 ग्राम वाले लोफ की कीमत 35 से बढ़कर 40 रुपये हो गई है, तो अंडे की कीमत 50 रुपये दर्जन से बढ़कर 55 रुपये दर्जन हो गई है।

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