8500 करोड़ के पैकेज से यूपी के किसानों को राहत

लखनऊ। मिशन 2019 की तैयारी में जुटी योगी सरकार के लिए केंद्र ने दो बड़े तोहफे दिए। चीनी उद्योग के लिए 8500 करोड़ रुपये के पैकेज और इलाहाबाद के फाफामऊ में गंगा नदी पर छह लेन के नए पुल के निर्माण की केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है। गन्ना भुगतान को लेकर विपक्ष के सवालों से घिरी सरकार को चीनी उद्योग पैकेज से राहत मिली है।8500 करोड़ के पैकेज से यूपी के किसानों को राहत

गन्ना भुगतान उत्तर प्रदेश में एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। नूरपुर और कैराना के उपचुनाव में भी यह मुद्दा गर्म रहा। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश के लिए इन दो बड़े प्रस्तावों को मंजूरी देकर राज्य सरकार की राह आसान की है। यह उत्तर प्रदेश की जनता के लिए बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री योगी ने मोदी की सराहना करते हुए कहा कि चीनी उद्योग के लिए घोषित पैकेज से चीनी उद्योग सुदृढ़ होगा तथा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान संभव होने से राज्य के गन्ना किसान भी लाभान्वित होंगे। इलाहाबाद में गंगा नदी पर छह लेन के नए पुल के निर्माण से इलाहाबाद हेतु आवागमन सुगम होगा।

प्रयाग में होने वाले महाकुंभ, कुंभ तथा माघ मेला के दौरान अधिक से अधिक श्रद्धालुओं का प्रयाग पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे तीर्थाटन, पर्यटन और पवित्र नगरी प्रयाग की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने इलाहाबाद के फाफामाऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग-96 पर गंगा नदी पर 9.9 किलोमीटर लंबे छह लेन के नए पुल के निर्माण की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना पर 1948.25 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

फाफामऊ पुल 2021 तक हो जाएगा पूरा

फाफामऊ पुल परियोजना की निर्माण अवधि तीन साल है और इसके दिसंबर, 2021 तक पूरा होने का अनुमान है। नए पुल से इलाहाबाद में एनएच-96 पर मौजूद दो लेन के फाफामऊ पुल पर भीड़भाड़ की समस्या दूर होगी। यह छह लेन का नया पुल मध्य प्रदेश से राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के माध्यम से और नलिनी ब्रिज होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-76 से लखनऊ-फैजाबाद आने वाले यातायात के लिए फायदेमंद होगा।

नए पुल पर शिफ्ट हो जाएगा गंगापार का 70 फीसद ट्रैफिक

इलाहाबाद : राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-96 पर फाफामऊ में गंगा नदी पर सिक्स लेन पुल के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी से इलाहाबाद को बड़ी उपलब्धि मिली है। लखनऊ और फैजाबाद की ओर से आने वाले बड़े वाहन सीधे शहर से कनेक्ट हो जाएंगे। इस पुल पर फाफामऊ में गंगा पर बने टू लेन पुल का करीब 70 फीसद तक ट्रैफिक शिफ्ट हो जाएगा। इससे जहां वर्तमान टू लेन पुल का लोड कम हो जाएगा, वहीं बड़े वाहनों को जाम से राहत भी मिल जाएगी।

यह सिक्स लेन पुल फाफामऊ के निकट मलाक हरहर से स्टैनली रोड पर लाला लाजपत राय रोड मोड़ (निकट बेली विद्युत सबस्टेशन) तक आएगा। गंगा नदी पर बनने वाले 9.9 किमी लंबे इस पुल की लागत 1948.25 करोड़ रुपये आएगी। इसे तीन साल में यानी दिसंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी लखनऊ, रायबरेली, फैजाबाद, अयोध्या, सुलतानपुर, प्रतापगढ़ की ओर से इलाहाबाद आने वाले वाहनों का लोड फाफामऊ का टू लेन पुल झेल नहीं पाता था। लिहाजा घंटों जाम लगना रोज की नियति बन गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग के खंड-1 पीडब्ल्यूडी इलाहाबाद के अधिशाषी अभियंता प्रभात चौधरी का कहना है कि टू लेन पुल का करीब 70 फीसद बड़े वाहनों का ट्रैफिक इस नए पुल पर शिफ्ट हो जाएगा। धार्मिक और पर्यटन नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले शहर इलाहाबाद में आना आसान हो जाएगा।

इसके अलावा यह सिक्स लेन का नया पुल मध्य प्रदेश से राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के माध्यम से और राष्ट्रीय राजमार्ग-76 से लखनऊ-फैजाबाद जाने वाले यातायात के लिए भी फायदेमंद होगा। पर्यटन की दृष्टि से अयोध्या से संगमनगरी का सीधा जुड़ाव हो जाएगा। यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल कुंभ में आने वाले श्रद्धालु फाफामऊ के टू लेन पुल के जाम में फंसे बिना अयोध्या जा सकेंगे। सिक्स लेन पुल बनने के बाद प्रदेश की राजधानी लखनऊ व धार्मिक नगरी अयोध्या की ओर जाने वाले वाहन फर्राटा भरते हुए पलक झपकते ही शहर से बाहर निकल जाएंगे।  

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