स्विफ्ट की खामी पर जागा RBI, विशेषज्ञ पहले भी उठाते रहे हैं सवाल

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बैंकिंग सेक्टर का नियामक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) बैंकिंग प्रणाली में व्याप्त एक बड़ी खामी को लेकर अब जागा है। केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों को अपनी स्विफ्ट व्यवस्था को कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) से जोड़ने का निर्देश दिया है। बैंकों को अप्रैल अंत तक इस काम को अंजाम देना होगा।

स्विफ्ट की खामी पर जागा RBI, विशेषज्ञ पहले भी उठाते रहे हैं सवाल

स्विफ्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भुगतान करने का आदेश देने वाला एक खास इलेक्ट्रॉनिक वित्तीय संदेश प्लेटफार्म है। पीएनबी की शाखा से इलाहाबाद बैंक, एक्सिस बैंक व अन्य कई भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं को नीरव मोदी के पक्ष में भुगतान के लिए इसी तकनीक के इस्तेमाल से संदेश भेजे जा रहे था। स्विफ्ट के संदेशों को कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) से जोड़ने की बाध्यता नहीं है। नियम के इस पेंच का फायदा ही पीएनबी की दक्षिण मुंबई स्थित शाखा के कर्मचारियों ने उठाया। उन्होंने नीरव मोदी व उसकी सहयोगियों की कंपनियों के पक्ष में भुगतान के लिए स्विफ्ट के जरिये भेजे संदेशों यानी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) का सीबीएस में कहीं उल्लेख नहीं किया। पीएनबी प्रबंधन का कहना है कि इस वजह से इतने वर्षो तक यह धोखाधड़ी नहीं पकड़ी जा सकी।

आरबीआइ के नियम के मुताबिक हर बार स्विफ्ट भुगतान को सीबीएस में दर्ज करने की जरूरत नहीं है। अब देश का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आने के बाद रिजर्व बैंक को सुध आई है। सूत्रों के मुताबिक, बैंकों को 30 अप्रैल तक अपनी स्विफ्ट प्रणाली को सीबीएस से जोड़ने का निर्देश दिया गया है।

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निगरानी प्रणाली की समीक्षा जरूरी: पीएनबी की पूर्व प्रमुख उषा अनंतसुब्रमणियन का भी मानना है कि स्विफ्ट का सीबीएस से नहीं जुड़ा होना घोटाले का कारण हो सकता है। ऐसे में बैंक को तत्काल अपनी निगरानी प्रणाली की नए सिरे से जांच कर हर तरह की खामी को दूर करना चाहिए। अनंत सुब्रमणियन फिलहाल इलाहाबाद बैंक की एमडी एवं सीईओ हैं। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद बैंक की स्विफ्ट प्रणाली भी सीबीएस से नहीं जुड़ी है और फिलहाल दोनों प्रणालियों को जोड़ने का काम चल रहा है। अनंत सुब्रमण्यन अगस्त, 2015 से मई 2017 के दौरान पीएनबी की एमडी व सीईओ थीं। वह जुलाई, 2011 से नवंबर, 2013 तक पीएनबी की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी रही थीं।

विराट कोहली अब भी ब्रांड एंबेसडर:

पीएनबी ने स्पष्ट किया है कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली अब भी बैंक के ब्रांड एंबेसडर हैं। बैंक ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा जा रहा था कि विराट बैंक से अपना करार खत्म कर सकते हैं। बैंक ने घोटाले की जांच का जिम्मा प्राइसवाटरहाउस कूपर्स को दिए जाने और ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा तय करने जैसी खबरों का भी खंडन किया है।

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