राज्‍यसभा में खूब हुआ हंगामा, राज्‍यसभा 2 बजे तक के लिए स्‍थगित

- in राजनीति

देश के कुछ हिस्‍सों में प्रतिमा विध्‍वंस का मामला संसद तक पहुंच गया है। त्रिपुरा, तमिलनाडु समेत कुछ अन्‍य जगहों पर प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ की घटनाअों पर आज राज्‍यसभा में खूब हंगामा हुआ, जिसके बाद इसकी कार्यवाही को फिलहाल दो बजे तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया है। इसके अलावा टीडीपी ने भी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्‍य का दर्जा दिए जाने की मांग और कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड के गठन को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

राज्‍यसभा में खूब हुआ हंगामा, राज्‍यसभा 2 बजे तक के लिए स्‍थगित

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार तीसरे दिन भी कई मुद्दों पर दोनों सदनों में हंगामा जारी रहने के आसार थे और यही हुआ। विपक्ष ने कई मुद्दों पर खास तौर से पीएनबी घोटाले को लेकर सरकार को चौतरफा घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं टीडीपी जैसे सहयोगी दल भी अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश में हैं। टीडीपी सांसद आज भी संसद भवन में महात्‍मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध-प्रदर्शन करते नजर आए। 

इससे पहले दूसरे दिन मंगलवार को भी पीएनबी घोटाला समेत अन्य मुद्दों को लेकर जारी हंगामे की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही। लोकसभा में तो सत्‍तारूढ़ राजग के घटक दल शिवसेना के सांसद भी मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग को लेकर हंगामा करते हुए अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए। वहीं, तेलुगू देसम पार्टी के सांसदों ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने तथा अन्नाद्रमुक सदस्यों ने कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर हंगामा किया। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने पीएनबी घोटाले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बयान की मांग की।

अभी-अभी: सड़क हादसे में बसपा के इस बड़े नेता समेत 4 लोगों की मौत

राज्यसभा में सदस्यों ने बैंकिंग घोटाला, आंध्र प्रदेश को विशेषष पैकेज और कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड गठन के मामले पर हंगामा किया। हंगामे पर सभापति एम. वेंकैया नायडू ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘यह कोई तरीका नहीं है। यह संसद है, बाजार नहीं।’ पहले दिन भी संसद के दोनों सदनों में खूब हंगामा हुआ। राज्‍यसभा और लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई। विपक्ष ने विरोध-प्रदर्शन किया और फिर दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्‍थगित कर दी गई। विरोध-प्रदर्शन का आलम ये था कि दोनों सदनाें की कार्यवाही कई बार स्‍थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस की अगुआई में विपक्षी पार्टियों ने एनडीए सरकार को घेरने के लिए पीएनबी घोटाले को उठाने की रणनीति तैयार की है। विपक्षी पार्टियां संयुक्त संसदीय समिति से पीएनबी घोटाले की जांच कराने की मांग भी करने वाली हैं। हालांकि तीन राज्यों की ताजा चुनावी कामयाबी से उत्साहित सरकार भी घोटाले की जांच में बरती जा रही तेजी के सहारे विपक्ष के दांव को थामने के लिए तैयार है। 

You may also like

राफेल डील: कांग्रेस के आरोपों पर रक्षा मंत्री ने किया पलटवार

राफेल विमानों की खरीद को लेकर भाजपा सरकार