उत्तराखंड में बारिश से मची तबाही, दून में सात की मौत, पिथौरागढ़ में पुल बहा

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देहरादून: रातभर से लगातार हो रही बारिश ने उत्तराखंड में तबाही मचा दी। देहरादून में मकान के धवस्त होने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हैं। वहीं अलग-अलग स्थानों पर नदियों में बहने से तीन की मौत हो गई। बारिश के दौरान राजधानी देहरादून की सड़कों ने नालों का रूप ले लिया।

इसमें कई दोपहिया वाहन भी वह गए। इसके रिस्पना नदी के किनारे कई घरों में पानी घुसने की सूचना भी है। साथ ही दीवार व पुश्ते ध्वस्त होने की भी सूचना है। कुमाऊं के पिथौरागढ़ में राम गंगा नदी में बागेश्वर जिले को जोड़ने वाला झूला पुल बह गया। साथ ही दो वाहन के बहने की सूचना है। कुमाऊं में भारी बारिश के चलते कई मार्ग बंद हो गए। 

राजधानी में रात करीब दो बजे से हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने सुबह के समय विकराल रूप ले किया। शहर की गलियां और सड़कें नालों में तब्दील हो गईं। देहरादून के कई इलाकों में जलभराव के चलते घरों और दुकानों में पानी घुस गया। एमडीडीए भगत सिंह कॉलोनी में लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान को पहुंचे। एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम लगातार रेस्क्यू में जुटी है। 

देहरादून के सीमाद्वार स्थित शासत्रीनगर में मकान के ध्वस्त होने से मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दंपती और दो बच्चे शामिल हैं। इसी घटना में दो अन्य भी घायल हुए। मृतकों के शव के साथ ही घायलों को भी मलबे से निकाल लिया गया। मृतक मूल रूप से बिहार के निवासी हैं।

मृतकों में संतोष साहनी (35 वर्ष) पुत्र रामचंद्र साहनी निवासी शास्त्रीनगर खाला, वसंत विहार देहरादून, सुलेखा देवी (30 वर्ष) पत्नी संतोष साहनी निवासी उपरोक्त, धीरज कुमार (5 वर्ष) पुत्र संतोष साहनी निवासी उपरोक्त, नीरज कुमार (3 वर्ष) पुत्र संतोष साहनी निवासी हैैं। सभी तारसराय गुड़िया जिला दरभंगा, बिहार के मूल निवासी हैं। दो घायलों में घायल प्रमोद साहनी  (35 वर्ष) पुत्र सखीलाल साहनी, जगदीश साहनी, (70 वर्ष)  को अस्पताल भेजा गया है। 

वहीं, सहसपुर क्षेत्र में ग्राम छरबा में शीतला नदी के रपटे को पार कर रहे व्यक्ति की बहने से मौत हो गई। सहसपुर पुलिस ने पानी के तेज बहाव से रेस्क्यू कर व्यक्ति के शव को निकाल लिया। मृतक की पहचान अब्दुल अजीज (65 वर्ष) पुत्र मखदूम निवासी ग्राम छरबा थाना सहसपुर देहरादुन के रूप में हुई। वह आम के बाग में चौकीदारी करता था और सुवह बाग में जा रहा था। तभी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया।

थाना नेहरू कॉलोनी को सूचना मिली की मोथरोवाला क्षेत्र में दौड़वाला के पास रिस्पना नदी में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। उक्त सूचना पर थाना नेहरू कॉलोनी से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। मृतक के संबंध में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ की उक्त व्यक्ति राजेश पुत्र बलदेव बलवीर रोड, डालनवाला निवासी है। वह आज प्रातः थाना डालनवाला क्षेत्र से रिस्पना नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से बह गया था। 

वहीं, थाना रायपुर क्षेत्र में नफीस अहमद (50 वर्ष) पुत्र मुस्तफा अहमद निवासी एलआइजी ब्लाक एमडीडीए कालोनी रिस्पना के तेज बहाव में बह गए। सूचना पर पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया और थाना क्लेमंटाउन क्षेत्र में दूधली से शव को बरामद किया। इसके साथ भी बिंदाल के पास जलभराव से पांच मवेशियों की मौत हो गई। प्रेमनगर के कोटला संतूर में नदी का बहाव बढ़ने से मजदूरों की चार झोपड़ियां बही। यहां कोई जनहानि की सूचना नहीं है ।पुलिस कंट्रोल रूप से मिली सूचना के मुताबिक दून स्कूल की दीवार, गढ़वाल यूनिवर्सिटी की पुलिया भी टूट गई।

देहरादून के वसंत विहार स्थित हिल व्यू कालोनी में एशियन स्कूल के पास जलभराव हो गया। इस दौरान दीवार ढह गई। ओएनजीसी से मदद मांगने पर सीआईएसएफ की दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर पानी निकालने में जुटी रही। मसूरी-चकराता हाईवे कैंप्टीफॉल और कांडीखाल के पास सड़क पर मलबा आने से बंद हो गया। कैंप्टीटीफॉल में जेसीबी मलवा हटाने में लगी है। वहं, कांडीखाल में सड़क पर लगातार मलबा गिर रहा है। मलबा आने से सहस्त्रधारा रोड भी बंद हो गई। मसूरी रोड़ शिव मंदिर के पास और ओल्ड मसूरी रोड में मलबा आने की सूचना है। रायपुर क्षेत्र में भी कई घरों में पानी घुसने की सूचना है।

दून के स्कूलों में अवकाश 

देहरादून के जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने अवगत कराया कि आज तेज आंधी और बरसात को देखते हुए जनपद में स्थित समस्त आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा एक से कक्षा 12 तक के समस्त स्कूलों का अवकाश घोषित कर दिया गया है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी को उक्त निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 

पिथौरागढ़ में मची तबाही 

पिथौरागढ़ के तल्लाजोहार क्षेत्र में बारिश ने भारी मचाई तबाही। नाचनी में उफनाई रामगंगा नदी में बागेश्वर को जोड़ने वाला 70 मीटर स्पान का झूलापुल बहा। पुल के पास खड़ी जेसीबी सहित दो वाहन नदी में बह गए। नदी किनारे रहने वाले लोगों ने सुरक्षित स्थानों में शरण ली है। इस दौरान बिजली के कई पोल भी बह गए। मुनस्यारी मदकोट तल्ला जोहार का संपर्क भी अन्य इलाकों से कट गया। मुनस्यारी थल सहित क्षेत्र के सभी मार्ग बंद हैं। 

राम गंगा नदी बागेश्वर ओर पिथौरागढ़ जिले की सीमा पर बहती है। नाचनी के बाद पिथौरागढ़ जिले में बहती है। थल में नदी के जल स्तर बढ़ने से पेयजल टैंक डूब गया है। पुलों को खतरा बना है। उधर गोरिछाल क्षेत्र में भी तबाही मची है। बताया जा रहा है कि बागेश्वर जिले के कपकोट के क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है। इससे राम गंगा नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। साथ ही गदेरे (बरसाती नदी) नाले उफान पर हैं। बागेश्वर में कपकोट हरसिंघीयबगड मोटर मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया। 

नदी किनारे दस परिवारों को हटाया 

पिथौरागढ़ में दोपहर बाद धूप खिलने से आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। मुनस्यारी के प्रवेश द्वार नाचनी में रामगंगा नदी रौद्र रूप लिए है। नदी किनारे पूर्व ब्लाक प्रमुख कुंदन सिंह बथीयाल के मकान का एक हिस्सा बह गया। नदी किनारे दस परिवारों को हटाया गया है। एक जेसीबी मशीन और मिक्सर बहे। पिथौरागढ़ जिले में नौ प्रमुख सड़को सहित 39 मोर्टर मार्ग बंद है। 

खतरे के निशान के करीब पहुंचा नदियों का जलस्तर 

काली, गोरी, सरयू, रामगंगा नदिया खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं। धारचूला में काली नदी 889 मीटर पर पहुंची है, खतरे का निशान 890 मीटर है। जौलजीबी में गोरी नदी 606 मीटर पर बह रही है खतरे का निशान 606.80 मीटर है। सरयू नदी घाट में 551 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान के करीब है। गढ़वाल मंडल में चारधाम यात्रा सुचारू है। चमोली में बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ के पास भूस्खलन से सुबह बंद हुआ हाईवे को खोल दिया गया है। पौड़ी, रुद्रप्रयाग सहित पूरे गढ़वाल में भारी बारिश हो रही है। उत्तरकाशी में गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु है। 

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