आरएसएस की मानहानि मामले में भिवंडी कोर्ट में होगी राहुल गांधी की पेशी

ठाणे : भिवंडी की एक अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक पदाधिकारी राजेश कुंटे की ओर से दर्ज कराए मानहानि के मामले में 12 जून को अदालत के समक्ष पेश होने और अपना पक्ष रखने को कहा है. बुधवार को कोर्ट में राहुल गांधी की पेशी होने थी लेकिन व्यस्तताओं का हवाला देते हुए उनके वकील ने कोर्ट से अगली तारीख मांगी.आरएसएस की मानहानि मामले में भिवंडी कोर्ट में होगी राहुल गांधी की पेशी

गांधी जी की हत्या में आरएसएस से जुड़े लोगों का हाथ : राहुल गांधी

2014 की एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने बयान दिया था कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी की हत्या में आरएसएस से जुड़े लोगों का हाथ था. राहुल गांधी के इसी बयान को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक स्थानीय कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस नेता का भाषण सुनने के बाद छह मार्च 2014 को उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था. भिवंडी के न्यायिक मजिस्ट्रेट एए शेख इस मामले में आरोप तय करने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष का बयान दर्ज करवाना चाहते हैं जिसके लिए बुधवार को भिवंडी कोर्ट में उनकी हाजिरी सुनिश्चित थी. लेकिन चुनावी व्यस्तताओं के चलते राहुल गांधी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए. भिवंडी कोर्ट ने मामले पर संक्षिप्त सुनवाई के बजाय साक्ष्य की विस्तृत रिकॉर्डिंग के लिए राहुल गांधी कोर्ट में पेश होने को कहा था लेकिन उनके आवेदन पर मामले को 12 जून तक के लिए स्थगित कर दिया.

राहुल के बयान से आरएसएस की छवि धूमिल होने का आरोप

कांग्रेस के वकील नारायण अय्यर ने कोर्ट को सूचित किया कि उनके मुवक्किल राहुल गांधी राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण कोर्ट में हाजिर होने में असमर्थ हैं. जिसके बाद कोर्ट ने मामले में 12 जून 2018 की अगली तारीख मुकर्रर की. इसी के साथ ही राहुल के वकील ने अपने मुवक्किल के खिलाफ पेश किए गए सुबूत का ब्योरा हासिल करने के लिए भी अर्जी दायर की. अदालत ने कहा कि 12 जून को वह आवेदन पर फैसला सुनाएगी और बचाव पक्ष को भी सुनेगी. कोर्ट ने उन्हें 12 जून को मौजूद रहने को भी कहा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने ठाणे में चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस नेता का भाषण सुनने के बाद 6 मार्च 2014 को उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था. कुंटे ने दावा किया है कि राहुल गांधी के बयान से आरएसएस की छवि धूमिल हुई है.

मामला ऐतिहासिक तथ्यों से जुड़ा है – अय्यर

राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने कहा , ‘‘ संक्षिप्त सुनवायी छोटी होती है और लिखित तर्क जमा कराने के बाद ही समाप्त हो जाती है. हमने समन सुनवाई की मांग की है जिससे कि साक्ष्यों की विस्तृत रिकॉर्डिंग की जा सके. साथ ही उन्होंने कहा कि मामला ऐतिहासिक तथ्यों से जुड़ा है और इसलिए हमें कई दस्तावेजों पर निर्भर रहने की जरूरत है और हम इस पर विशेषज्ञों के साक्ष्य भी रिकॉर्ड कराना चाहेंगे.

राहुल गांधी को अपने बयान पर खेद प्रकट करने का सुझाव

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी ने आपराधिक मानहानि से जुड़े भिवंडी कोर्ट के मामले को रद्द करने की मांग की थी. हालांकि राहुल गांधी कोर्ट के माफी मांगने के सुझाव को ठुकरा चुके हैं. राहुल की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने जो कहा वह महात्मा गांधी की हत्या के ट्रायल पर आधारित है. जुलाई 2016 में राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि उन्हें संगठन की निंदा नहीं करनी चाहिए थी और अगर वह अपने बयान पर खेद प्रकट नहीं करते तो उन्हें सुनवाई का सामना करना पड़ेगा. कांग्रेस ने कोर्ट के इस सुझाव को मानने से इनकार कर दिया था और मुकदमे का सामना करने की इच्छा जाहिर की थी.

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