प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को अमेरिका आने का भेजा निमंत्रण

रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन अपने व्यक्तिगत रिश्तों को लेकर आलोचनाओं का शिकार रहे अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप बिना किसी की परवाह किए हुए अपने रिश्तों को आगे बढ़ाना चाहते हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोगी को निर्देश दिया है कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को साल के अंत में अमेरिका आने का न्योता भेजें. बता दें कि इस हफ्ते हेलसिंकी में पुतिन के साथ मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए बयानों को लेकर ट्रंप को विपक्ष, अपनी पार्टी और समर्थकों के निशाने पर हैं.

व्हाइट हाउस ने ये घोषणा करते हुए शुक्रवार को बताया कि इस संबंध में बातचीत का दौर जारी है. हेलसिंकी में सोमवार को ट्रंप और पुतिन के बीच हुई पहली शिखर वार्ता के कुछ ही दिन बाद यह घोषणा की गई. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा, ”हेलसिंकी में अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के सुरक्षा परिषदों के कर्मियों के बीच कार्यकारी स्तर के संवाद को जारी रखने पर सहमति जताई थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन से कहा है कि वह पुतिन को जल्दी ही वॉशिंगन आने का न्योता भेंजे. इस पर चर्चा पहले से चल रही है.”

यह ट्वीट ट्रंप के उस ट्वीट के काफी घंटे बाद किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह फिर से पुतिन से मुलाकात करने के बारे में सोच रहे हैं ताकि इस हफ्ते हुई वार्ता के दौरान जिन मुद्दों पर चर्चा की गई उनपर काम करना शुरू किया जा सके. हालाकि, पुतिन के अमेरिका आने की तारीख की अभी घोषणा नहीं की गई है. कोलराडो में एस्पेन सुरक्षा सम्मेलन में मौजूद नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक डैन कोट्स से जब पुतिन को आमंत्रित किए जाने पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा ”यह खास होने वाला है.”

बड़ा फैसला: अब फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं पर फेसबुक लगाएगा रोक

कोट्स ने सम्मेलन को बताया कि उन्हें पता नहीं है कि हेलसिंकी में ट्रंप और पुतिन के बीच क्या चर्चा हुई. इस हफ्ते पुतिन के साथ बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में दिए गए बयानों को लेकर ट्रंप को विपक्ष के साथ – साथ अपनी पार्टी और समर्थकों की भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. पक्ष और विपक्ष दोनों को ही लगता है कि पुतिन के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने 2016 राष्ट्रपति चुनावी में रूसी हस्तक्षेप की बात और इस संबंध में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन को तवज्जो नहीं दी.

आरोपों के बाद ट्रंप और व्हाइट हाउस की ओर से दिये जा रहे स्पष्टीकरण ने अजीबो – गरीब हालात पैदा कर दिए हैं. राष्ट्रपति और उनके कार्यालय की ओर से जारी बयानों में लगातार विरोधाभास नजर आ रहा है. हालांकि, ट्रंप ने इन सारी बातों से पल्ला झाड़ लिया है और गुरुवार को इसे फर्जी समाचार मीडिया का किया धरा बताया जो उनकी उपलब्धियों की पहचान नहीं कर पा रही है.

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