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PM मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, आपातकाल को लोकतंत्र पर बताया काला धब्बा

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को लोकतंत्र पर काला धब्बा बताते हुए कांग्रेस को संविधान का दुरुपयोग करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी कांग्रेस की इस मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया है। वह लोकतंत्र को अपने परिवार से ऊपर कतई नहीं देख पाती।PM मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, आपातकाल को लोकतंत्र पर बताया काला धब्बा

आपातकाल लोकतंत्र पर काला धब्बा

प्रधानमंत्री मंगलवार को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आपातकाल की तैंतालिसवीं बरसी पर आयोजित विचार संबोधन सभा को संबोधित कर रहे थे। हाल की दो घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि किस प्रकार कांग्रेस संवैधानिक संस्थानों को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने गांधी परिवार की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन लोगों ने कभी सोचा नहीं था कि इस परिवार के लोगों पर कभी भ्रष्टाचार के आरोप में अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल हो सकता है। या इन्हें जमानत लेनी पड़ सकती है, लेकिन ऐसा हुआ। इस घटना की कसक उन्हें छोड़ नहीं रही है। यही कारण है कि वह न्यायपालिका को डराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध महाभियोग लेकर आए। इसी प्रकार चुनाव आयोग को भी यह परिवार बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

जिस चुनाव व्यवस्था पर हम सभी राजनीतिक दल गर्व करते आए हैं। जिस चुनाव व्यवस्था के कारण वह कभी 400 सीटें लेकर आए थे। पंचायत से संसद तक राज किया। उसी चुनाव व्यवस्था ने जब उन्हें 400 से 44 पर पहुंचा दिया तो वे ईवीएम पर टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन कर्नाटक चुनाव के बाद उन्हें ईवीएम याद नहीं आया।

इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री सवाल करते हैं कि क्या यह आपातकाल की मानसिकता नहीं है ? क्या ऐसे लोगों के भरोसे लोकतंत्र और संविधान सुरक्षित रह सकता है? फिर वह कहते हैं कि कांग्रेस की मानसिकता में आपातकाल के बाद से अब तक कोई सुधार नहीं आया है।

मोदी के अनुसार इस देश में जब-जब कांग्रेस पार्टी, खासतौर से इस परिवार को कुर्सी जाने का संकट नजर आने लगता है, ये चिल्लाना शुरू कर देते हैं कि देश संकट में है। भय का माहौल है। बस हम ही बचा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने स्वयं इंदिरा गांधी द्वारा किए कांग्रेस तोड़ने की घटना की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह कौन सी मानसिकता होगी, जो सत्ता के लिए अपनी ही पार्टी के दो टुकड़े कर दे। जब उन्होंने पार्टी तोड़ी, तभी यह संकेत मिल गया था कि इनके लिए परंपराएं, संविधान, लोकतंत्र कुछ मायने नहीं रखता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस पार्टी के अंदर लोकतंत्र न हो, उससे लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम लोकतंत्र के प्रेमी लोग आपातकाल के दिन को हम केवल कांग्रेस की आलोचना करने मात्र के लिए याद नहीं करते। बल्कि हम वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को जागरूक करने और स्वयं को लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध करने के लिए इस दिन को हमेशा याद करते हैं।

मोदी ने कहा कि जिस प्रकार पहले मुसलमानों में भय का माहौल बनाया गया, उसी प्रकार अब दलितों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि ये मोदी है, संविधान खत्म कर देगा। फिर कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि आपने कभी संविधान दिवस नहीं मनाया। सत्ता में आने के बाद पहली बार हमने न सिर्फ संविधान दिवस मनाया, बल्कि संसद में तीन दिन तक उस पर चर्चा भी करवाई।

मोदी के अनुसार हम लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बार-बार स्मरण करते हैं। दलित, शोषित, वंचित को उसका हक दिलाने के प्रयास करते हैं। तीन तलाक की बात हम इसलिए करते हैं क्योंकि संविधान में मुस्लिम महिलाओं को भी बराबरी का हक दिया गया है। लेकिन हमारा विरोध करनेवाले लोग इन मुद्दों पर भ्रम फैलाना चाहते हैं।

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