वैसे तो कहते हैं कि पीरियड्स सेक्स सेफ होता है क्योंकि इस दौरान प्रेग्नेंसी का खतरा नहीं रहता बावजूद इसके कई बार पीरियड सेक्स की वजह से भी प्रेग्नेंसी हो जाती है। हम आपको बता रहे हैं उन 5 परिस्थितियों के बारे में जब पीरियड सेक्स के दौरान गर्भधारण करने की आशंका बनी रहती है…

सामान्य तौर पर पीरियड्स का मासिक चक्र 28-30 दिनों का होता है। लेकिन अगर किसी महिला का मेन्स्ट्रूअल साइकल छोटा हो यानी 21 से 24 दिन का तो इस बात की संभावना है कि वह महिला समय से पहले ऑव्यूलेट करे। ऐसी स्थिति में इस बात की संभावना भी रहती है कि वह महिला न सिर्फ पीरियड्स के दौरान बल्कि उसके तुरंत बाद भी गर्भधारण कर सकती है। किसी महिला की शरीर में 3-5 दिन तक स्पर्म्स रह सकते हैं और मेंस्ट्रुअल साइकल अगर छोटा हो तो इसका मतलब है कि महिला जल्दी ऑव्यूलेट करेगी। ऐसे में अगर स्पर्म शरीर में जिंदा है और एग फर्टिलाइज हो जाए तो पीरियड सेक्स के दौरान भी महिला गर्भवती हो सकती है।

सामान्य तौर पर एक उपजाऊ स्पर्म किसी महिला के शरीर में 3-5 दिन तक जिंदा रहता है। साथ ही अगर स्पर्म गर्भाशय नाल (फैलोपियन ट्यूब) तक पहुंच जाए तो इसके जीवित रहने की संभावना और बढ़ जाती है और यह 7 दिनों तक जिंदा रह सकता है। ऐसे स्थिति में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने सेक्स कब किया था, अगर स्पर्म जीवित है और एग फर्टाइल है तो आप प्रेग्नेंट हो सकती हैं।

पीरियड्स अगर अनियमित हों तो इससे न सिर्फ स्वास्थ्य से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं बल्कि ऑव्यूलेशन की सटीक डेट जानने में भी मुश्किल होती है। साथ ही अनियमित पीरियड्स की वजह से हॉर्मोन्स बिगड़ जाते हैं और मोटापा और PCOS जैसी कई दूसरी समस्याएं भी खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में चूंकि आपका ऑव्यूलेशन आपकी उम्मीद से पहले या बाद में हो सकता है लिहाजा आप पीरियड सेक्स से भी प्रेग्नेंट हो सकती हैं।

कई बार लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ फैक्टर्स जैसे स्ट्रेस और बीमारी की वजह से भी आप अपनी उम्मीद से पहले ऑव्यूलेट करने लगती हैं। इस वजह से पीरियड सेक्स के बाद प्रेग्नेंसी की आशंका बढ़ जाती है। कई बार ऑव्यूलेशन की वजह से भी हल्की-फुल्की ब्लीडिंग हो सकती है। ऐसे में अगर इसे आप पीरियड्स ब्लीडिंग समझकर बिना किसी प्रोटेक्शन के सेक्स कर लें तो प्रेग्नेंसी की आशंका कई गुणा बढ़ जाएगी।