पंजाब के इस गाँव में कभी लोग तरसते थे बूंद-बूंद पानी के लिए, आज मिलता है चौबीसों घंटे पानी

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बठिंडा। विकास संबंधी कार्यों के लिए हर समय सरकारों पर आश्रित रहने वाले लोगों को पंजाब के बठिंडा जिले के चक्कफतेह सिंह वाला गांव के ग्रामीणों से सबक सीखने की जरूरत है। यहां के लोगों ने बिना सरकार की मदद से गांव के लिए नासूर बन चुके पानी के संकट का समाधान कर दिया। खास बात है कि इसी गांव में राज्‍य के कई बार मुख्‍यमंत्री बने प्रकाश सिंह बादल की ससुराल है। चक्क फतेह सिंह वाला गांव के लोगों ने पानी की किल्लत का खुद निकाला हलपंजाब के इस गाँव में कभी लोग तरसते थे बूंद-बूंद पानी के लिए, आज मिलता है चौबीसों घंटे पानी

यह थी समस्या..

भुच्चो मंडी से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव में 1029 घर हैं। गांव में वाटर वर्क्‍स की टंकी है, लेकिन इससे सभी घरों को पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही थी। इसका कारण था गांव का एक तरफ ऊंचा और दूसरी तरफ नीचा होना। लोगों तक पहुंचने की जगह पानी व्यर्थ चला जाता था। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब समाधान नहीं हुआ तो यहां के लोगों ने खुद ही इसका हल निकालने की ठानी। जनसहयोग से गांव में वाटर वर्क्‍स की टंकी जैसी दस मिनी टंकियों का निर्माण करवाया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री बादल की ससुराल है यहां..

विशेष बात यह है कि चक्क फतेह सिंह वाला में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का ससुराल भी है। इसके बावजूद यहां के लोगों को पानी की किल्लत का सामना कर पड़ रहा था। वर्ष 2002 में मेजर सिंह मान, एडवोकेट महिंदर मान व सुरिंदर मान परिवार ने अपने आसपास के 20 बीस घरों के सहयोग से एक लाख रुपये जुटाकर अपने मोहल्ले मानां वाली पत्ती में कुएं के पास वाटर वर्क्‍स जैसी मिनी टंकी बनवा दी। कुएं में मोटर लगाकर टंकी में पानी की सप्लाई दे दी। फिर इस टंकी से सभी 20 घरों में पाइप डालकर सप्लाई दी जानी लगी।

यह कोशिश सफल रहा तो इसे आगे बढ़ाया गया। यह प्रयोग इतना सफल रहा कि आज इस गांव में दस ऐसी टंकियां बन चुकी हैं आैर इससे गांव में घरों में पानी की आपूर्ति की जा रही है। गांव में तीन कुएं हैं। पहले सभी ने कुएं में ही मोटरें लगाकर सप्लाई ली थी। पानी अच्छा न होने के कारण बाद में जमीन में गहरे बोर कर उस पर मोटरें लगा लीं। ग्रामीणों ने बताया कि एक मोटर का करीब तीन से लेकर पांच हजार रुपये तक का बिजली बिल आता है। जिसे जितने घरों को कनेक्शन होता है, उसमें बांट लिया जाता है।

सरपंच हरदीप कौर के अनुसार गांव में करीब 400 घरों को मुख्य वाटर वर्क्‍स से पानी की सप्लाई होती है। अन्य घर अपनी टंकियों से ही पानी लेते हैं। किसी टंकी की क्षमता 10 हजार लीटर है तो किसी की इससे अधिक है। इन टंकियों से घरों को 24 घंटे पानी की सप्लाई होती है। लोगों ने यह अच्छी पहल की है।

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