2013 से पाकिस्तानी जेल में बंद रहे एमपी के 21 साल के जितेंद्र अर्जनवाल को रिहा कर दिया. मध्य प्रदेश के रहने वाले जितेंद्र ने कहा कि वह वापस लौटने से खुश है. उसने कहा, “मुझे टीबी और कैंसर है, पाकिस्तान की जेल में मेरा इलाज किया गया था, मुझे खुशी है कि मैं वापस आ गया हूं.”

अटारी नायब तहसीलदार करणपाल सिंह ने बताया कि उन्हें अर्जनवाल को आईसीपी अटारी से अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी. उन्होंने कहा, “लड़के को आईसीपी अटारी से अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी. वे उसे एक मेडिकल ऑफिसर के साथ एम्बुलेंस से लाए थे. ”

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पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बुधवार को घोषणा की कि वह अपने खराब स्वास्थ्य के कारण एक भारतीय कैदी को रिहा करेगा. जिओ टीवी के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के एक बयान में कहा गया था कि पाकिस्तान भारतीय नागरिक जितेंद्र को मानवीय आधार पर रिहा करेगा, वह रोग से पीड़ित है.

भटकते हुए पार कर गया था पाक सीमा

जितेंद्र अगस्त 2013 में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भटककर पाकिस्तानी सीमा में पहुंच गया था. उसे पाकिस्तानी रेंजरों ने पकड़ा था. वह घर से भागकर महीनों तक भटकने हुए भारत-पाकिस्तान सीमा पर पहुंच गया था. जितेंद्र मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट का रहने वाला है.