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जेल की सजा का सामना करने पाकिस्तान आ रहा हूँ: लंदन में नवाज शरीफ

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह जवाबदेही अदालत द्वारा उन्हें 10 साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद वह पाकिस्तान आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें इसलिए सजा दी गई है, क्योंकि उन्होंने देश के 70 साल के इतिहास को बदलने की कोशिश की है. फैसला सुनाए जाने के कुछ घंटों बाद शरीफ ने अपनी बेटी मरयम नवाज के साथ लंदन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की.जेल की सजा का सामना करने पाकिस्तान आ रहा हूँ: लंदन में नवाज शरीफ

तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज ने कहा कि यदि “वोट के लिए सम्मान की मांग करने की सजा जेल है, तो मैं उसका सामना करने के लिए आ रहा हूं.” उन्होंने कहा कि वह उन लोगों के गुलाम नहीं रहेंगे, जो अपनी शपथ और पाकिस्तान के संविधान का उल्लंघन करते हैं. नवाज ने कहा, “मैं वादा करता हूं कि मैं तबतक यह संघर्ष जारी रखूंगा, जब तक कि पाकिस्तानियों को उन बेड़ियों से मुक्ति नहीं मिल जाएगी, जिसे उन्हें सच बोलने के लिए पहनाई गई हैं.” शरीफ ने हालांकि, पाकिस्तान लौटने की किसी निश्चित समय या तिथि के बारे में नहीं बताया. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी कुलसुम नवाज की बिगड़ती सेहत के कारण वह तत्काल लौटने में अक्षम हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जवाबदेही अदालत के फैसले पर अपनी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, “अदालत में मेरी तरफ से जितनी याचिकाएं दायर की गईं किसी को मंजूर नहीं किया गया, उनमें से अधिकांश खारिज कर दी गईं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि ऐसा अधिकांश मामलों में नहीं होता है.”

नवाज शरीफ को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा

पाकिस्तान की एक एहतिसाब (जवाबदेही) अदालत ने अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की गैरहाजिरी में उन्हें पनामा पेपर्स कांड से जुड़े भ्रष्टाचार के तीन मामलों में से एक में शुक्रवार को 10 साल कैद-ए-बामुशक्कत की सजा सुनाई और 80 लाख पौंड का जुर्माना लगाया. इस तरह, देश में 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव से पहले उनकी पार्टी पीएमएल -एन को एक तगड़ा झटका लगा है.

एहतिसाब अदालत ने शरीफ की 44 वर्षीय बेटी एवं सह-आरोपी मरयम को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और उन पर 20 लाख पौंड का जुर्माना लगाया. मरयम के पति और शरीफ के दामाद कैप्टन (सेवानिवृत) मोहम्मद सफदर को एक साल की कैद की सजा सुनाई. जांच अधिकारियों से सहयोग नहीं करने पर उन्हें यह सजा सुनाई गई.

अपील के लिए 10 दिन का वक्त

सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत ने आज की सुनवाई पांच बार स्थगित करने के बाद एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामले की सजा सुनाई. यह मामला लंदन के पॉश एवेनफील्ड हाउस में चार फ्लैटों के मालिकाना हक से जुड़ा है. कौमी एहतिसाब ब्यूरो (एनएबी) ने पिछले साल ऐतिहासिक पनामागेट फैसले के तहत आए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह मामला दर्ज किया था. एनएबी की अभियोजन टीम के प्रमुख सरदार मुजफ्फर अब्बासी ने कहा कि आरोपी के पास अपील दायर करने के लिए 10 दिनों का वक्त है.

कड़ी सजा के साथ एक करोड़ पाउंड का जुर्माना

अब्बासी ने अदालत परिसर के बाहर मीडिया को बताया, ” अदालत ने शरीफ को 10 साल की कैद-ए-बामुशक्कत की सजा सुनाई और 80 लाख पाउंड का जुर्माना लगाया. मरयम को सात साल की कैद-ए-बामुशक्कत की सजा सुनाई गई और 20 लाख पौंड का जुर्माना लगाया गया और उनके पति मोहम्मद सफदर को एक साल की कैद-ए-बामुशक्कत सुनाई गई.”

लंदन में पत्नी का चल रहा इलाज

पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके 68 साल के शरीफ अभी लंदन में हैं, जहां उनकी पत्नी कुलसूम नवाज के गले के कैंसर का इलाज चल रहा है. इस्लामाबाद की एहतिसाब अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद बशीर ने बंद कमरे में यह फैसला सुनाया.

नवाज के दोनों बेटे भगोड़े घोषित

फैसले के बाद मरयम और सफदर चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए हैं. मीडिया में आई खबरों के अनुसार जब यह फैसला सुनाया जा रहा था तब शरीफ और मरयम लंदन के एवेनफील्ड स्थित अपने अपार्टमेंट में थे. शरीफ की बेटी और उनके दो बेटे-हसन और हुसैन अभी लंदन में हैं, जबकि दामाद सफदर पाकिस्तान में हैं, लेकिन अदालत में उपस्थित नहीं हुए. अदालत ने हसन और हुसैन, दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया है.

आत्म सपर्मण के लिए कुछ इंतजार

डॉन अखबार की खबर के मुताबिक एनएबी तीनों दोषियों के आत्मसमर्पण करने के लिए कुछ समय तक इंतजार करेगा. यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो एनएबी मरयम और शरीफ को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और सफदर को गिरफ्तार किया जाएगा.

मरयम ने ये बात कही

फैसले के तुरंत बाद मरयम ने ट्विटर पर कहा, ”अनदेखी ताकतों के आगे दृढता से खड़े होने के लिए यह बहुत छोटी सजा है. अत्याचार से लड़ने का मनोबल आज बढ़ गया.” मरयम को शरीफ का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है.

आम चुनाव पर पड़ सकता है असर

– शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ यह फैसला 25 जुलाई के आम चुनाव के कुछ ही हफ्ते पहले आया है.
– विश्लेषकों ने कहा है कि यह पीएमएल – एन की चुनावी संभावनाओं पर प्रतिकूल असर डाल सकता है.
– राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि यदि शरीफ और मरयम लौटते हैं तो चुनाव में पीएमएल
– एन को सहानूभति वोट का फायदा मिल सकता है
– पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के प्रमुख इमरान खान ने शरीफ पर अपनी पत्नी की बीमारी का बहाना बनाते हुए भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया

मामले और फैसले की कुछ खास बातें

– मामले की सुनवाई के दौरान एनएबी ने करीब 21 गवाह पेश किए.
– अदालत ने एवेनफील्ड अपार्टमेंट्स भी पाकिस्तान के पक्ष में जब्त करने का भी आदेश दिया.
– एनएबी ने सुनवाई के दौरान आरोप लगाया कि शरीफ के दो बार प्रधानमंत्री रहने के दौरान 1990 के दशक में कथित तौर पर ये संपत्तियां खरीदी गई थी.
– पीएमएल – एन प्रमुख एवं नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ ने अदालत के फैसले को खारिज करते हुए इसे अनुचित तथा राजनीति से प्रेरित बताया.

कड़ी सुरक्षा रही

प्रशासन ने फेडरल ज्यूडिशियल अकेडमी परिसर में और उसके इर्दगिर्द बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था
– फेडरल ज्यूडिशियल अकेडमी परिसर में यह अदालत स्थित है
– अकेडमी परिसर से जुड़ी सभी सड़कों पर यातायात बंद कर दिया गया था.

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