खुद की 7 गाड़ियां, फिर भी किराये की दो गाड़ियों पर खर्च रहे 18 लाख

- in पंजाब, राज्य

सरकारी तंत्र में किस तरह पैसों का गोलमाल किया जाता है, इसका एक ताजा उदाहरण नई दिल्ली स्थित पंजाब भवन में देखने को मिला है। यहां वीआइपी सेवा के लिए हॉस्पिटेलिटी (मेहमाननवाजी) विभाग दो गाड़ियां किराये पर लेकर 18 लाख रुपये सालाना खर्च कर रहा है। हालांकि, विभाग के पास अपनी सात गाड़ियां हैं। यह सिलसिला पिछले दस वर्षों से चल रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब तक इन गाड़ियों पर किराये के रूप में एक करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च हो चुकी है।

खुद की 7 गाड़ियां, फिर भी किराये की दो गाड़ियों पर खर्च रहे 18 लाख

दिलचस्प बात यह है कि इन गाड़ियों का इस्तेमाल विधायकों के लिए करने का प्रावधान नहीं है। सिर्फ मंत्री और मुख्य सचिव ही इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भी हैरत की बात है कि विधायकों को इन गाड़ियों के बारे में कोई जानकारी भी नहीं है। पंजाब विधानसभा की तरफ से हॉस्पिटेलिटी विभाग के चेयरमैन एवं राजस्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया के नेतृत्व में गठित समिति ने इन गाड़ियों पर खर्च की जा रही राशि पर गंभीर सवाल उठाए हैं। साथ ही इस बड़े घोटाले पर कार्रवाई की सिफारिश की है। समिति ने कहा है कि 18 लाख रुपये में तो दो नई गाड़ियां खरीदी जा सकती हैं, जबकि दस वर्षों से प्राइवेट गाड़ियां किराये पर ली जा रही हैं।

वीआइपी को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन से लाने की सुविधा

पंजाब सरकार के 1982 में जारी एक पत्र के अनुसार पंजाब भवन में प्रोटोकॉल के तहत यह सेवा मुहैया करवाई जाती है। समिति ने हैरानी प्रकट की है कि आज तक इस बारे में किसी को जानकारी क्यों नहीं है। इन गाड़ियों पर हर माह तकरीबन डेढ़ लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि आम तौर पर मंत्री या अधिकारी अपनी गाड़ी से ही दिल्ली जाते हैं। ऐसे में गाड़ियों का इस्तेमाल किन मंत्रियों और प्रमुख सचिवों के लिए किया गया, यह बड़ा सवाल है। समिति ने इसकी जांच करवाने की बात कही है।

समिति ने उठाए यह सवाल

  • प्राइवेट गाड़ियां किराये पर लेने का सिलसिल कब से शुरू हुआ?
  • इन गाड़ियों पर सालाना कितनी राशि खर्च की गई?
  • इन गाड़ियों से कौन-कौन से वीआइपी को कौन से स्थान से पंजाब भवन लाया गया?
  • इन दो गाड़ियों के इस्तेमाल के दौरान विभाग की सात गाड़ियां कौन-कौन से वीआइपी के साथ ड्यूटी पर रहीं?
  • ये गाड़ियां किराये पर लेने के लिए किस विशेष कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया गया?

अधिकारियों की जिम्मेदारी हो फिक्स

समिति ने 27 मार्च को बजट सेशन के दौरान विधानसभा में पेश रिपोर्ट में गइसे बड़ा घोटाला बताते हुए लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी फिक्स करने को कहा है। समिति ने विधायक के एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन से पंजाब भवन आने के लिए जरूरी इंतजाम करने और संपर्क नंबर पंजाब भवन की रिसेप्शन , सूचना कार्ड और पंजाब सरकार की डायरी भी डिसप्ले करने की सिफारिश की है।

 

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