बता दें कि पूर्वांचल का माफिया डॉन प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की नौ जून को बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसी दिन पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में मुन्ना बजरंगी की पेशी होनी थी. मुन्ना बजरंगी को एक दिन पहले यानी रविवार को झांसी जेल से बागपत जिला जेल लाया गया था. उसे तन्हाई बैरक में कुख्यात सुनील राठी ओर विक्की सुंहेड़ा के साथ रखा गया था.

सुनील राठी ने की मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या

सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार ने कहा था कि बागपत जेल में मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या सुनील राठी ने ही की है. इस घटना की जानकारी जानकारी राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी दी गई है. उन्होंने बताया था कि मुन्‍ना बजरंगी के शव का पोस्‍टमार्टम कराया जा रहा है.

डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार ने मजिस्‍ट्रेटी जांच के अलावा इस मामले की जांच डीआईजी जेल आगरा करेंगे. उन्‍होंने यह भी बताया था कि चश्‍मदीदों की गवाही के बाद सुनील राठी के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है. घटनास्‍थल से 10 खोखे, 17 जिंदा कारतूस और 2 मैगजीन बरामद की गई हैं. इसके अलावा घटनास्‍थल पर फॉरेंसिक टीम भी जांच-पड़ताल कर रही है. डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि हत्‍या जेल में हुई है, इसलिए मामले की जांच मजिस्‍ट्रेट से कराई जा रही है.