अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले पर कांग्रेस ने मोदी सराकर पर बोला हमला, कहा…

करीब 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में कांग्रेस ने मोदी सराकर पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि ‘इस मामले में मोदी सरकार कांग्रेस को फंसाने का षड्यंत्र रच रही है और अपने काले कारनामों पर पर्दा डाल रही है। और इस षडयंत्र के बाद देश के लोग कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफ नहीं करेंगे।’ 

सुरजेवाला ने आगे कहा ‘दो दिन पहले ही इस मामले में क्रिस्टियन माइकल को दुबई से गिरफ्तार किए गए हैं, लेकिन उनके वकील का कहना है कि सीबीआई माइकल पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए दबाव बना रही है।’

उन्होंने आगे कहा ‘भारत सरकार की कठपुतली एजेंसियां सीबीआई/ईडी एक तरफ तो दुबई की अदालत में कोई भी साक्ष्य या सबूत पेश करने में विफल रहे हैं, और दूसरी तरफ क्रिश्चन मिशेल को एक षडयंत्रकारी पुर्जे की तरह इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं के खिलाफ दुर्भावना व पूर्वाग्रह से साजिश कर रहे हैं।’

सुरजेवाला ने कहा ‘देश के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री व सरकार की विपक्षी नेताओं के खिलाफ ऐसी झूठी साजिश जगजाहिर हुई है, और वो भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर। क्या प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की संलिप्तता साफ जाहिर नहीं हो जाती। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मोदी सरकार सीबीआई/ईडी को एक राजनैतिक हथियार के तौर पर राजनैतिक विरोधियों से बदला लेने के लिए इस्तेमाल कर रही है, न कि अपराधों की जांच और कानून के शासन की अनुपालना के लिए। भारतीय जनता पार्टी का चाल,चेहरा और चरित्र आज देश और दुनिया के सामने पूरी तरह बेनकाब हो गया है।’

घोटाले से गांधी परिवार का कोई लेना-देना नहीं

पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने ही अगस्ता वेस्टलैंड मामले की जांच शुरू करने का आदेश दिया था। ऐसे में गांधी परिवार का इस मामले से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। बता दें कि कांग्रेस की नई कार्य समिति में (सीडब्ल्यूसी) एंटनी को सदस्य के तौर पर जगह दी गई है। 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले बुधवार को ईडी ने दिल्ली अदालत में पूरक आरोप पत्र दाखिल कर एयर फोर्स के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी, उनके दो चचेरे भाईयों, वकील गौतम खेतान, दो इटैलियन दलाल और फिनमेक्कानिका को आरोपी बनाया है। बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट में विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष दायर आरोपपत्र 20 जुलाई को विचार के लिए लिया जाएगा।

आरोप पत्र में उन पर करीब 2.8 करोड़ यूरो की मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया गया है। आरोप पत्र में ईडी ने कहा कि इन पैसों की कई विदेशी कंपनियों की मदद से लांड्रिंग की गई। अदालत 3,600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे से संबंधित मनी लांड्रिंग मामले की सुनवाई कर रही है।

क्या है ये रिश्वत घोटाला

भारत को 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदने थे। ब्रिटिश कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड ने करीब 3600 करोड़ रुपये के ये हेलिकॉप्टर सप्लाई करने में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन उड़ान की ऊंचाई के तय मानकों के दायरे में उसके हेलिकॉप्टर नहीं आ रहे थे। गेरोसा व अन्य दोनों दलालों ने वर्ष 2005 में भारतीय वायुसेना में रिश्वत के जरिए मानकों को 6 हजार मीटर से घटाकर 4500 मीटर करा दिया। इसके लिए 423 करोड़ रुपये की रिश्वत दिए जाने का आरोप है। केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2014 को ये सारी बाते सामने आने पर सौदा खारिज कर दिया था।

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