मोदी को गले लगाने पर राहुल गांधी ने कही ये बड़ी बात, कहा…

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने एमएसएमई के नकद प्रवाह को बर्बाद कर दिया और अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग बेरोजगार हो गए. बड़ी संख्या में छोटे व्यवसायों में काम करने वाले लोगों को वापस अपने गांव लौटने को मजबूर होना पड़ा. इससे लोग काफी नाराज़ हैं. लिंचिंग के बारे में जो कुछ भी हम सुनते हैं, वो इसी का परिणाम है.

मालूम हो कि राहुल गांधी जर्मनी के दौरे पर हैं. उनके इस दौरे का मकसद वहां रह रहे छात्रों और भारतीय समुदाय के लोगों के साथ संवाद करना है. बुधवार रात राहुल गांधी ने जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित बूसेरियस समर स्कूल में छात्रों को संबोधित किया और फिर उनके सवालों के जवाब दिए. उनको सुनने के लिए काफी संख्या में छात्र पहुंचे थे.

पढ़िए जर्मनी में क्या-क्या बोले राहुल गांधी

एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि अगर भारत में हम सभी लोगों को रोजगार दे पाते हैं, तो जनसंख्या अपने आप में कोई समस्या नहीं है.

महिला को समान अधिकार देने के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब मैं संसद और राजनीतिक दलों को देखता हूं, तो वहां महिला प्रतिनिधि काफी कम दिखाई देती हैं. हम महिला आरक्षण के लिए विधेयक लेकर आए हैं, लेकिन ये पूरी तरह से सामाजिक मुद्दा है. यदि हम महिलाओं को शामिल नहीं करते हैं, तो  देश का निर्माण नहीं कर सकते. भारतीय पुरुषों को महिलाओं को अपने बराबर देखना होगा.

सवाल-जवाब सत्र के दौरान एक श्रोता ने राहुल गांधी से गले मिलने की इच्छा जताई, तो राहुल गांधी ने बेहिचक उनको मंच पर बुलाया और गले मिले. राहुल गांधी से गले मिलने वालेे यह शख्स मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है. उसने संसद में राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी को गले लगाने की तारीफ भी की.

एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि अगर चीन से प्रतिस्पर्धा करनी है, तो भारत को छोटे और मध्यम बिजनेस को प्रोत्साहित करना होगा.

एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका के साथ भारत के अहम सामरिक संबंध हैं और  हम उनके साथ लोकतंत्र जैसे कुछ विचार साझा करते हैं. हालांकि भारत इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकता है कि चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है और वह भविष्य में प्रभावी भूमिका निभाएगा. ऐसे में भारत को दोनों देशों के बीच संतुलन बनाना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि इसको संतुलित करने में भारत और यूरोप की भूमिका होगी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चीन और भारत के बीच कोई होड़ नहीं है. हो सकता है कि चीन भारत की तुलना में तेज़ी से बढ़ रहा हो, लेकिन यह मायने नहीं रखता है. वहीं, भारत में लोग जो चाहते हैं वो व्यक्त कर सकते हैं और यही मायने रखता है.

एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि साल 1991 में मेरे पिता को आतंकवादी ने मार डाला था. जब मैंने श्रीलंका में अपने पिता के हत्यारे को मृत पड़ा देखा, तो मुझे अच्छा नहीं लगा. मैंने उसमें उसके रोते हुए बच्चों को देखा. मालूम हो कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) प्रमुख वी प्रभाकरण राजीव गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार था. उसे श्रीलंकाई सैनिकों ने 2009 में मार गिराया था.

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने हिंसा को झेला है और मैं आपको बता सकता हूं कि इससे निकलने का एकमात्र तरीका है- माफ करना और माफ करने के लिए आपको यह समझना होगा कि ये कहां से आ रही है?

मोदी को गले लगाने पर राहुल गांधी ने कहा कि मैंने उनको गले लगाकर नफरत का जवाब प्यार से दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में लोगों को नफरत की बजाय चर्चा करनी चाहिए. नफरत फैलाने वाले भाषण और राजनीति करने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय का मतलब ही अहिंसक है.

पीएम मोदी को गले लगाने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, ‘अहिंसा भारत का दर्शन है और भारतीय होने का सार है. मेरे खिलाफ पीएम मोदी नफरत फैलाने वाली टिप्पणियां कर रहे हैं. मैंने उनके प्रति स्नेह दिखाया. हालांकि मोदी को गले लगाने का कदम मेरी पार्टी के कुछ सदस्यों को पसंद नहीं आया. मैं इस पर उनसे असहमत हूं.’

राहुल गांधी ने कहा कि अगर आप लोगों को गले नहीं लगाते और उन्हें कोई दृष्टि नहीं देते, तो कोई और ऐसा करेगा और हो सकता है कि वो विचार आपके लिए अच्छा न हो. आपस में जुड़ी दुनिया में आपको सुनना होगा कि दूसरे क्या कह रहे हैं और वे कहां से आ रहे हैं. मैं किसी व्यक्ति से लड़ सकता हूं और उससे असहमत हो सकता हूं, लेकिन नफरत खतरनाक चीज है.

राहुल गांधी ने कहा कि अगर भारत को इस जोखिम भरे बदलाव से गुज़रना पड़ा, तो हम चाहते थे कि सभी समुदायों और भाषाओं को इस बदलाव में शामिल किया जाए.

रोजगार गारंटी योजना, भोजन का अधिकार, सूचना का अधिकार, बैंकों का राष्ट्रीयकरण ये कुछ ऐसे विचार थे, जो सभी सरकारें करना चाहती हैं, लेकिन अब ये विचार काफी हद तक नष्ट हो गए हैं. दलितों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों को अब सरकार से कोई फायदा नहीं मिलता है. उनको फायदा देने वाली सारी योजनाओं का पैसा चंद बड़े कॉर्पोरेट के पास जा रहा है.

पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कुछ साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में नोटबंदी का फैसला किया और एमएसएमई के नकद प्रवाह को बर्बाद कर दिया, अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग बेरोजगार हो गए. बड़ी संख्या में छोटे व्यवसायों में काम करने वाले लोगों को वापस अपने गांव लौटने को मजबूर होना पड़ा. इससे लोग काफी नाराज़ हैं. लिंचिंग के बारे में जो कुछ भी हम सुनते हैं, वो इसी का परिणाम है.

उन्होंने कहा कि भारत में धीरे-धीरे बदलाव शुरू हुआ. ये बदलाव जाति आधारित सोच को खत्म कर रहा था और ‘एक व्यक्ति, एक मत’ के विचार को बढ़ावा दे रहा था.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत में कोई कहीं पर जा सकता है, लेकिन चीन में कौन कहां जाएगा, इसका फैसला वहां की कम्युनिस्ट सरकार करती है. हमारे देश में विभिन्न संस्कृति, भाषा और धर्म हैं. भारत गांव को देश हैं, जो बदल रहा है. इस बदलाव में सबसे ज्यादा निचले तबके के लोग प्रभावित होते हैं. ऐसे में उनको सहयोग करने की जरूरत होती है. भारत में मनरेगा के जरिए लोगों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई.

जर्मनी में राहुल गांधी व्यापारियों, राजनेताओं, एकेडमिक्स और एनआरआई से भी मिलेंगे. इससे पहले राहुल गांधी ने जर्मनी के राज्यमंत्री और सांसद नील्स अन्नेन से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच केरल बाढ़, जीएसटी और राजनीति पर चर्चा की. कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर किए गए ट्वीट के मुताबिक राहुल गांधी और अन्नेस ने भारतीय व जर्मन राजनीति, केरल की विनाशकारी बाढ़, जीएसटी व नौकरियों के बारे में बातचीत की.

कांग्रेस अध्यक्ष जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल से भी मुलाकात कर सकते हैं. जर्मनी में वो हैम्बर्ग के अलावा बर्लिन में भी सभा को संबोधित करेंगे. बर्लिन में वो प्रवासीी भारतीय कांग्रेस को संबोधित करेंगे. इसके बाद वो ब्रिटेन जाएंगे, जहां भारतीय मूल के स्थानीय सासंदों के साथ मिलकर प्रवासी भारतीय कांग्रेस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी बात रखेंगे.

आपको बता दें कि राहुल ब्रिटेन और जर्मनी की यात्रा पर हैं. वो 22 व 23 अगस्त को जर्मनी और 24 व 25 अगस्त को लंदन में रहेंगे. उनकी यह यात्रा प्रवासी भारतीयों से संपर्क स्थापित करने के पार्टी के कार्यक्रम का हिस्सा है. जर्मनी के बाद वो ब्रिटेन जाएंगे, जहां कुछ स्थानीय भारतीय मूल के सांसदों के सहयोग से ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे.

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