अब मुगलसराय जंक्शन नहीं दीनदयाल उपाध्याय के नाम से जाना जायेगा ये स्टेशन

चंदौली।  भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेलमंत्री पीयूष गोयल और प्रदेश अध्यक्ष डा.महेंद्रनाथ पांडेय रविवार को मुगलसराय में होंगे। वहां यह लोग बाकले ग्राउंड पर होने वाली जनसभा के जरिये पं.दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि देंगे। इस संबंध में जारी बयान में भाजपा अध्यक्ष ने मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन किए जाने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया। डा.पांडेय ने कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पं.दीनदयाल के बताए रास्तों पर चलते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार आम आदमी के कल्याण में लगी हुई है।अब मुगलसराय जंक्शन नहीं दीनदयाल उपाध्याय के नाम से जाना जायेगा ये स्टेशन

देश के विशालतम रेलवे जंक्शन में शामिल मुगलसराय रविवार को एकात्मवाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम समर्पित हो जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं रेलमंत्री पीयूष गोयल समेत कई दिग्गज संयुक्त रूप से रिमोट से रेलवे के इतिहास में नामकरण का नया अध्याय जोड़ेंगे। रेल प्रशासन इस सुखद यादों को समेटने के लिए उत्सव सरीखे तैयारी किए हुए है। एक लाख से ज्यादा की भीड़ को इस आयोजन का साक्षी बनाने की तैयारी है। 

रविवार को बड़ा समारोह होगा 

मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलने को लेकर हो रहे एक समारोह में रेलमंत्री पीयूष गोयल, रेल राज्यमंत्री व संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्रनाथ पांडेय बाकले मैदान के मंच से रिमोट बटन दबाकर औपचारिक घोषणा करेंगे। रिमोट का बटन दबते ही जंक्शन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की एलईडी लाइटों से जगमगा उठेगा। इसके साथ ही संघ परिवार समेत कई संगठनों का सपना अरसे बाद ही सही लेकिन साकार हो जाएगा।

दीनदयाल उपाध्याय की यादें

1968 में 11 फरवरी को पं. दीनदयाल  का शव रेलवे जंक्शन के निकट पोल संख्या 1276 के पास पड़ा मिला था। संघ परिवार में उसके बाद ही शहर एवं जंक्शन का नाम उनको समर्पित करने की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। 1992 में सूबे के सीएम रहे कल्याण सिंह ने पंडित दीनदयाल नगर के नाम की घोषणा भी की थी, जो साकार नहीं हो सका। एशिया में पहचान रखने वाले यहां के विशालतम मार्शिलिंग यार्ड को स्मार्ट यार्ड, आधुनिक सिग्नल रूट रिले इंटरलाकिंग प्रणाली, स्टेशन का विकास के साथ एकात्मता एक्सप्रेस का सप्ताह में दो दिन सेवा की सौगात मिलेगी। आधी आबादी से पूर्णतया संचालित मालगाड़ी का शुभारंभ होगा। चंदौली के पड़ाव स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में 63 फीट मूर्ति का भी शिलान्यास होगा। भाजपा सरकार एवं संगठन के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के एक साथ मंच साझा करने से रेलवे ने बारिश में भी व्यापक तैयारियां की है। 

इतिहास बनेगा 150 साल पुराना स्टेशन 

उल्लेखनीय है कि मुगलसराय जंक्शन उत्तर प्रदेश का 150 साल पुराना स्टेशन है। यह दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पर स्थित उत्तर भारत का बड़ा रेलवे जंक्शन है। इसका नाम बदलकर संघ विचारक दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने के साथ ही यह इतिहास के पन्नों में चला जाएगा। इतिहासकार और विरासत विशेषज्ञ इसे रेलवे की विरासत को क्षति पहुंचाने वाला कदम मानते हैं। यह भारतीय रेलवे के विस्तार का एक बड़ा अध्याय है। 

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