लंदन में हुआ उपन्यासकार और नोबेल विजेता VS नायपॉल का निधन

लंदन में हुआ उपन्यासकार और नोबेल विजेता VS नायपॉल का निधन

भारतीय मूल के प्रसिद्ध उपन्यासकार सर वीएस नायपॉल का शनिवार देर रात लंदन स्थित आवास में निधन हो गया. 85 वर्षीय इस नोबेल पुरस्कार विजेता के परिजनों ने उनके निधन की पुष्टि की. नायपॉल के निधन को लेकर उनकी पत्नी नादिरा ने कहा,  ‘वह उन लोगों के साथ थे, जिन्हें वह प्यार करते थे. नायपॉल का जीवन अद्भुत रचनात्मकता और प्रयासों से भरा हुआ था.’लंदन में हुआ उपन्यासकार और नोबेल विजेता VS नायपॉल का निधन

17 अगस्त 1932 तो त्रिनिडाड में जन्मे नायपॉल ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और साल 1957 में उनका पहला उपन्यास ‘द मिस्टिक मैसूर’ प्रकाशित हुआ था. उन्हें साल 2001 के साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था. साल 1961 में प्रकाशित उनका उपन्यास ‘अ हाउस ऑफ मिस्टर बिस्वास’ को लिखने में उन्हें 3 साल से ज्यादा का समय लगा.  नायपॉल ने 30 से अधिक किताबें लिखी थीं. पॉल की The Mimic Men को साल 1967 में डब्ल्यू एच स्मिथ अवार्ड मिला. साल 1971 में In a Free State को बुकर प्राइज मिला था.

खुद को यथार्थवादी बताने वाले पॉल औपनिवेशवाद की आलोचना करते थे, हालांकि वह खुद किसी सामाजिक आंदोलन में शामिल नहीं रहे. साल 1955 में उन्होंने पेट्रिसिया हेल से शादी की थी. हेल से पॉल की मुलाकात साल 1950 में हुई थी, जब वह स्कॉलरशिप हासिल कर इंग्लैंड पढ़ने गए थे. ग्रैजूएशन के बाद नायपॉल को गरीबी और बेरोजगारी में दिन गुजारने पड़े.

साल 1996 में उनकी पत्नी हेल का ब्रेस्ट कैंसर के चलते देहांत हो गया. अपनी पत्नी के निधन के बेहद टूट चुके नायपॉल ने एक बायोग्राफर पैट्रिक फ्रेंच को बताया था, ‘यह कहा जा सकता है कि मैंने उसे मारा.’ हेल के देहांत के दो महीने बाद उन्होंने अखबारों में समीक्षा लिखने वाली पाकिस्तान मूल की नादिरा खानुम अल्वी से दूसरी शादी की.

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