नयन सागर महाराज के सेवक ने कॉलगर्ल मंगवाने का लगाया आरोप और कहा…

मुजफ्फरनगर। जैनमुनि नयन सागर महाराज अक्सर वहलना पर एक कथित सेवक ने गंभीर आरोप लगाया है। सेवक ने कहा कि अक्सर ही महाराज कॉलगर्ल मंगवाते थे। जैन मुनि का एक और वीडियो सामने आने के बाद मामला बेहद गरमा गया है। नयन सागर महाराज के प्रकरण में सुगंध सागर नाम का एक कथित सेवक सामने आया है।नयन सागर महाराज के सेवक ने कॉलगर्ल मंगवाने का लगाया आरोप और कहा...

उसने सोशल साइट्स पर अपना वीडियो जारी कर नयन सागर महाराज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि एक वर्ष तक दिल्ली प्रवास के दौरान वह नयन सागर महाराज के साथ रहा था। उसका आरोप है कि नयन सागर महाराज बाजार से कॉलगर्ल मंगवाते थे। सुगंध सागर का कहना है कि वह पहले इसलिए चुप रहा, ताकि धर्म की हानि न हो। बात जब सबके सामने आ गई है तो मैं बता दूं कि नयन सागर का जो वीडियो युवती के साथ वायरल हुआ है, वह सच है। इसमें नयन सागर महाराज जो स्पष्टीकरण दे रहे हैं, उसमें कोई सच्चाई नहीं है।

मंदिर के रजिस्टर में नहीं मिली कोई एंट्री

मंदिर कमेटी में आगंतुकों के लिए एक रजिस्टर बनाया है। कब-कब कौन और किस कमरे में ठहरा है। उसकी पूरी डिटेल रखी जाती है। ताज्जुब है युवती के बारे में कोई भी सबूत मंदिर कमेटी के पास मौजूद नहीं है। सवाल है कि युवती को कमरा किस आधार पर दिया गया था। सूत्रों के हवाले से मंदिर में महाराज के ठहरने के दौरान विशेष अनुयायियों, उसने मिलने वालों को सीधे प्रवेश मिलता है। ऐसे में युवती भी महाराज के करीब बताई गई है, जिसे महाराज के कहने के बाद कमरा दिया गया था।

करीब सौ मीटर चले थे महाराज

महाराज और युवती के बीच जिस रात का वह वीडियो है, उस रात महाराज संत ने कक्ष से युवती तक पहुंचने में करीब 100 मीटर की दूरी तय की थी। सीसीटीवी फुटेज को गौर से देखा जाए तो युवती का जैनमुनि से पहले से परिचित होना प्रतीत हो रहा है। धर्मशाला परिसर में बने कमरों तक जाने के लिए दो रास्ते बने हैं। एक मंदिर के बराबर से है, जबकि दूसरा बाहर से रखा गया है। ऐसे में युवती बाहरी रास्ते से डीलक्स-2 के ‘नैन कक्ष’ तक पहुंची थी। पहले युवती संत के कक्ष तक गई थी, इसके बाद यहां से निकलकर देर रात अपने रूम में पहुंची है।

इतना युवती के कमरे से निकलने के बाद नयन सागर महाराज डीलेक्स-1 के ‘निर्मल कक्ष’ तक पहुंचे थे। लॉबी में हर कमरे के दरवाजे के ऊपर नयन सागर महाराज की तस्वीर के साथ संदेश चस्पा है। ‘दैनिक जागरण’ की टीम ने दिगम्बर जैन मंदिर वहलना का दौरा कर सीसीटीवी कैमरों और कमरों की हकीकत जानी। लॉबी में नौ कमरे हैं, जबकि साधु-संतों को ठहराने के लिए अलग से कक्ष बनाए गए हैं। सभी डीलक्स रूम एसी से लैस हैं।

कौन हैं वो, किसकी ओर है जैनमुनि का इशारा

कथित वीडियो व युवती के अपहरण को लेकर नयन सागर महाराज की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महाराज श्री ने कहा है कि इस गेम के पीछे कौन हैं, वह अच्छी तरह जानते हैं। जैनमुनि ने 48 घंटे बाद दूध का दूध और पानी का पानी करने को कहा था, लेकिन यह समय अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्होंने कोई राजफाश नहीं किया है। मामले के पीछे मोटी रकम के लेनदेन की चर्चाएं भी जोरों पर हैं। युवती के महाराज से क्या संबंध हैं। क्या उसका अपहरण हुआ है या वह खुद गायब हुई, यह सच सामने आना बाकी है।

वीडियो वायरल होने के बाद 30 जुलाई को नयन सागर महाराज ने चंडीगढ़ से एक वीडियो वायरल कर सफाई पेश की थी। कहा था कि यह गेम प्लान किसका है, उसे वह अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब करने वाले उनके अपने ही लोग हैं। जैन संस्थाओं से जुड़े लोगों के करीबियों में चर्चा यह भी है कि मामले के पीछे मोटी रकम का विवाद है।

छात्रा के पिता ने बताया जान का खतरा

जैनमुनि नयन सागर की हरिद्वार के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से अपहृत खतौली निवासी एमटेक की छात्रा के परिवार के लोगों ने कथित वीडियो के वायरल होने के बाद नायन सागर महाराज पर आरोपों की बौछार कर दी है। उन्होंने नयन सागर को आसाराम की संज्ञा दे डाली। छात्रा के परिवार ने अपनी जान को खतरा बताया और सुबूत मिटाने के लिए छात्रा के साथ कोई भी अनहोनी की आशंका जताई है। अपने आवास पर बातचीत में छात्रा के पिता और चाचा ने नयन सागर पर आरोप जड़ दिए। पिता ने कहा वीडियो देखकर ही यह पुष्टि हुई कि उनकी पुत्री के साथ ऐसी हरकत की गई।

दिल्ली में भी गूंजा मामला

खतौली निवासी जैन समाज की एमटेक की छात्रा के अपहरण का मामला गुरुवार को दिल्ली में भी गूंजा। दिल्ली जैन समाज की बैठक में घटना की निंदा की गई। बैठक में नयन सागर महाराज को वस्त्र पहनाने का निर्णय लिया गया। मुनियों को मोबाइल, एसी की सुविधा न देने और महिलाओं से दूरी बनाए रखने का प्रस्ताव पारित किया गया। वहलना कमेटी के खिलाफ भी निंदा प्रस्ताव पास किया गया। खतौली से इस बैठक में शामिल होने वाले पंकज जैन ने मोबाइल पर बताया कि पुरानी दिल्ली के दरियागंज में हुई बैठक में दिल्ली के अलावा बड़ौत व अन्य क्षेत्रों के जैन समाज के विद्वान शामिल हुए। 

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