भीमा कोरेगांव मामले में हथियार के लिए नेपाली माओवादियों के संपर्क में थे नक्सली

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भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुणे पुलिस का दावा है कि भारत में सक्रिय नक्सली नेपाल के माओवादियों से हथियार खरीदने वाले थे. इस मामले में दिल्ली से गिरफ्तार किेए गए रोना जैकब विल्सन के घर से मिली चिट्ठी से यह खुलासा हुआ है.भीमा कोरेगांव मामले में हथियार के लिए नेपाली माओवादियों के संपर्क में थे नक्सली

पुलिस का कहना है कि रोना विल्सन ने यह चिट्ठी अपने किसी नक्सल समर्थित साथी कॉमरेड प्रकाश को लिखी थी. बता दें कि इसी चिट्ठी में राजीव गांधी की तर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की बात भी कही गई थी. इतना ही नहीं इस चिट्ठी में BJP को आगामी चुनावों में हराने, PM मोदी की रैलियों को निशाना बनाने और M4 राइफल्स की खरीदारी की बातें भी लिखी हैं. भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की जांच कर रही पुलिस टीम के हेड कर रहे ज्वाइंट कमिश्नर रवींद्र कदम महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सल-रोधी अभियान से बतौर IG जुड़े रहे हैं.

भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े एक सीनियर IPS अफसर ने बताया कि वास्तव में यह चिट्ठी रितुपर्णा गोस्वामी को लिखी गई थी, जिसे नक्सलियों के बीच कॉमरेड नवीन नाम से बुलाते हैं. रितुपर्णा गोस्वामी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से पीएडी कर चुका है और इन दिनों नक्सलियों की अंडरग्राउंड गतिविधियों में सक्रिय है. उन्होंने बताया कि रितुपर्णा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की सेंट्रल कमिटी के महासचिव नक्सली नेता गणपति का सहयोगी है. साथ ही वह नक्सलियों का समर्थन और सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार प्रोफेसर जीएन साईबाबा के भी संपर्क में रहा है.

उन्होंने बताया कि इस चिट्ठी में किसी बसंत नाम के व्यक्ति का भी जिक्र है. दरअसल यह बसंत नेपाल में सक्रिय माओवादी संगठन का वरिष्ठ सदस्य है. चिट्ठी में बसंत से हथियारों की खरीद और फंड इकट्ठा करने को लेकर बातचीत करने के लिए एक नया दल भेजे जाने की बात भी लिखी है. गौरतलब है कि अफगानिस्तान के तालिबान आतंकी यह M4 राइफल इस्तेमाल करते हैं. अफगानिस्तान के ये तालिबानी इन M4 राइफल्स को नेपाल के अवैध हथियार कारोबारियों को भी बेचते हैं. इस चिट्ठी से ऐसा लग रहा है कि बसंत भारतीय नक्सलियों को हथियारों की खरीद में मदद करता था.

रोना विल्सन के साथ ही गिरफ्तार किए गए सुरेंद्र गाडलिंग के खिलाफ भी पुलिस ने और सबूत जुटा लिए हैं. पुलिस का कहना है कि गाडलिंग को सीनियर नक्सली वरवर राव से एक चिट्ठी मिली थी. इस चिट्ठी में वरवर राव ने गाडलिंग को गडचिरौली के सूरजगढ़ हमले की बधाई दी थी. बता दें कि सूरजगढ़ में नक्सलियों ने एक खनन कंपनी के 80 वाहनों को फूंक डाला था.

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