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राजस्थान में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने किया भाजपा का विरोध करने का ऐलान

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव निकट आते देख प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी है। राजनीतिक दलों के अतिरिक्त इस बार विभिन्न समाजों और कर्मचारियों के संगठनों ने भी 6 माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है।राजस्थान में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने किया भाजपा का विरोध करने का ऐलान

एक ओर जहां एससी वर्ग के लिए आरक्षित 34 विधानसभा सीटों पर गुजराज के निर्दलिय विधायक जिग्नेश मेवाणी,भीम सेना और रिपब्लिकन पार्टी आॅफ इंडिया ने अपना ध्यान केन्द्रीत किया है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी नौकरियों में पद्दोन्नति में आरक्षण समाप्त करने और क्रीमीलेयर को आरक्षण का लाभ नहीं देने को लेकर कई सालों से आंदोलन कर रही समता आंदोलन समिति ने विधानसभा चुनाव में “मिशन-59″पर काम करने का निर्णय लिया है।

सामान्य वर्ग के सरकारी कर्मचारियों की संस्था समता आंदोलन समिति ने प्रदेश में एससी और एसटी के लिए आरक्षित 59 विधानसभा सीटों पर अपनी पसंद के प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है। ये सभी प्रत्याशी होंगे तो आरक्षित वर्ग के ही,लेकिन ये जातिगत आरक्षण का विरोध करने के साथ ही आरक्षित वर्ग में क्रीमीलेयर को आरक्षण का लाभ नहीं देने और वंचित वर्ग को आरक्षण का लाभ देने को लेकर समिति की मांग के समर्थन में शपथ-पत्र लिखकर देंगे।

समिति का दावा है कि इन प्रत्याशियों को सामान्य वर्ग के मतों का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा ने बताया कि एससी,एसटी के लिए आरक्षित 9 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है। शेष सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा जून तक कर दी जाएगी। शर्मा ने बताया कि बुधवार को समिति के पदाधिकारियों ने चुनाव को लेकर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि समिति ने 10 बड़े राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों को पत्र लिखकर पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने,क्रीमीलेयर को आरक्षण का लाभ नहीं देने और दलित उत्पीड़न से जुड़े मामलों में जांच से पहले गिरफ्तारी नहीं करने को लेकर शपथ-पत्र मांगा है,जो भी दल शपथ-पत्र देगा समिति चुनाव में उसका समर्थन करेगी।

इधर गुजरात के निर्दलिय विधायक जिग्नेश मेवाणी,रिपब्लिकन पार्टी और भीम सेना ने प्रदेश में एससी वर्ग के लिए आरक्षित 34 विधानसभा सीटों पर अपना ध्यान केन्द्रीत किया है। जिग्नेश मेवाणी ने दलित समाज के युवाओं की टीम बनाकर चुनाव अभियान शुरू करने की रणनीति बनाई है। मेवाणी अब तक छह विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके है। वहीं केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले अपनी रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे है।

भीम सेना और बहुजन समाज पार्टी ने पहले ही 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। वहीं राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने भाजपा का विरोध करने की घोषणा की है। करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी का कहना है कि वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में राजपूत समाज का अपमान हुआ है,इस कारण संगठन चुनाव में भाजपा का विरोध करेगा।

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