जबलपुर में नकाबपोश डकैतों ने वारदात को दिया अंजाम, हुई 65 लाख की डकैती

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जबलपुर। शहर के पाश इलाके नेपियर टाउन में रविवार-सोमवार की रात 2.30 बजे एक दर्जन नकाबपोश युवकों ने सनसनी खेज डकैती वारदात को अंजाम दिया। अज्ञात नकापोश अग्रवाल निवास से नकद 5 लाख और करीब 60 लाख रुपए के जेवर साथ ले गए हैं। इस वारदात को अंजाम देने आए डकैत अग्रवाल निवास में मुख्य दरवाजे से घुसे और उन्होंने निखिल अग्रवाल व उनके पिता केके अग्रवाल से मारपीट करके परिवार के सभी 5 सदस्यों को बंधक बना लिया। करीब एक घंटे में वारदात को अंजाम देकर आरोपित डकैत रेलवे लाइन की ओर भाग गए। रात 3.30 बजे क्षेत्रवासियों ने डायल 100 नंबर से पुलिस को डकैती वारदात की सूचना दी। तब ओमती पुलिस और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

इस वारदात के बाद जिले में डकैतों की तलाश में पुलिस टीमें जगह-जगह दबिश दे रही है, लेकिन एक भी आरोपित हाथ नहीं लगा। वहीं अग्रवाल परिवार का मानना है कि डकैत किसी ट्रेन में सवार होकर भागे हैं। पीड़ित केके अग्रवाल ने बताया है कि रात 2.30 बजे रेलवे लाइन की ओर से आए डकैतों ने दरवाजे पर दस्तक दी। तब पालतू कुत्ता शेरू जोर-जोर से भौंकने लगा। तेज आवाज सुनकर ऊपर के कमरे से बेटा निखिल व नाती तनुष्क नीचे आ गए। निखिल ने जैसे ही दरवाजा खोला मुंह पर कपड़ा लपटेकर आए एक युवक ने उसके सिर पर भारी चीज से हमला कर दिया। वह कुछ समझ पाता कि नकाब से चेहरे को ढंके हुए 4-6 युवक अंदर आए और निखिल को पीटना शुरू कर दिया।

मौके पर मौजूद तनुष्क के चींखने पर उसकी मां वर्षा अग्रवाल दौड़कर ऊपर से नीचे आई। उसने देखा कि रिवाल्वर, राड, हैमर, आरी लेकर ड्राइंगरूम में खड़े डकैतों ने निखिल, तनुष्क को पकड़ रखा है, तो वह चाहकर भी कुछ नहीं कर सकी। तभी एक युवक ने वर्षा का गला पकड़ लिया और पूछा ‘बताओ, 50 लाख रुपए कहां रखे हैं…? लॉकर की चॉबियां कहा हैं? इसके बाद डकैतों ने तीनों को पकड़ा और पूजन कक्ष के आगे वाले कमरे तक पहुंचे।

डकैतों ने यहां निखिल को पिता के कमरे का दरवाजा खुलवाने कहा और केके अग्रवाल के दरवाजा खोलते ही उनके सिर पर राड मारकर घायल कर दिया। डकैतों ने इसी कमरे में घायल केके अग्रवाल, उनकी पत्नी श्रीमती शांति, घायल बेटे निखिल, बहू वर्षा व नाती तनुष्क की आंखों में पट्टी और हाथ-पैर में रस्सी, चादर बांधी और बंधक बना लिया। इसके बाद नकाबपोश डकैत 3 हिस्सों में बट गए और अग्रवाल निवास के 4 कमरों में अलग-अलग तलाशी ली। आधा घंटे में डकैतों ने अग्रवाल निवासी की आलमारी, लॉकर, दीवान में रखी नकद रकम, डायमंड, सोने के जेवर, मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए। तड़के 3.20 बजे सभी डकैत इस मकान से बाहर निकले और भाग गए।

जान नहीं, 50 लाख चाहिए

अग्रवाल परिवार से मारपीट करते डकैतों ने लगभग जबलपुरिया अंदाज में कहा कि किसी की जान नहीं, 50 लाख चाहिए। जल्दी से लॉकर की चाबी दो और बताओ रकम कहां रखी है? इन डकैतों ने निखिल को डराने के लिए तनुष्क को मारने की धमकी भी दी।

कैमरों के कनेक्शन काटे

नेपियर टाउन के कबीर मार्ग स्थित मकान नं. 535ए ‘रूपविला में लगे सीसीटीवी कैमरे रिकॉर्ड बना लेते हैं, इसकी जानकारी डकैतों को भी रही। इसलिए डकैतों ने बाहर और ड्राइंगरूम में लगे कैमरों का कनेक्शन काटकर टेप लपेट दिया। इसके बाद भी अंदर लगे एक कैमरे ने आरोपितों की तस्वीरें कैद की हैं।

उसको छोड़ो, 6 वां कहां है?

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस वारदात को अंजाम देने से पहले डकैतों ने रैकी की थी। वजह डकैतों ने अग्रवाल परिवार के 5 सदस्यों को मारपीट कर एक कमरे में बंधक बना लिया। इसके बाद 2-3 बार पूछा कि बताओ 6 वां व्यक्ति कहां है? परिवार के सदस्यों ने डरकर बताया कि ड्राइवर सौरभ का भाई पीछे कमरे में सो रहा है। इसपर डकैतों का कहना रहा कि उसको छोड़ो, 6 वां कहां है?

एक मोबाइल तोड़ा

आरोपित नकाबपोश डकैतों ने वारदात के दौरान अग्रवाल परिवार के 5 मोबाइल छुड़ा लिए। एक डकैत ने भागने से पहले एक मोबाइल तोड़कर यहीं रख दिया, जिसे पुलिस के जब्त कर लिया है।

संदेहियों से पूछताछ शुरू

ओमती पुलिस ने ‘रूपविला की डकैती का खुलासा करने के लिए संदेहियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ करना शुरू कर दिया है। इसमें अग्रवाल निवास व उसके आस-पास के मकानों में काम करने वाले नए-पुराने कर्मचारियों की गतिविधियों की जांच की जा रही है। पुलिस ने डकैती के दौरान इस मकान के पीछे के कमरे में कूलर चलाकर सो रहे ड्राइवर के छोटे भाई देवेन्द्र झारिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।

दो साल बाद फिर डकैती

नेपियर टाउन में इसी तर्ज पर 13 मई 2016 को गुप्ता निवास पर 20 लाख की डकैती वारदात हुई थी। इस घटना के दौरान आरोपितों ने परिवार के मुखिया राम अवतार गुप्ता व उनके बेटे के साथ मारपीट करके घायल कर दिया था। तब भी डकैत खेज वारदात को अंजाम देने रेलवे लाइन की ओर से आए व भागे थे।

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