चौथी बार जर्मनी की चांसलर बनीं मर्केल, खत्म हुआ छह महीने पुराना संकट

जर्मनी की संसद ने चौथी बार एंजेला मर्केल को चांसलर पद के लिए चुन लिया है। यह देश में संभवत: उनका आखिरी कार्यकाल होगा। जर्मनी की संसद में 364 में से 315 सांसदों ने मर्केल के पक्ष में वोट देकर यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में करीब छह माह से चला आ रहा राजनीतिक गतिरोध खत्म कर दिया है। वोटिंग के दौरान 9 सांसद अनुपस्थित रहे। 

संसद में यह संसदीय मतदान चुनाव के 171 दिनों बाद हुआ जिसमें 35 सांसदों ने मर्केल का समर्थन नहीं किया। चांसलर पद के लिए शपथ से पहले राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर द्वारा औपचारिक रूप से  क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) की नेता मर्केल को नियुक्त करेंगे।

64 वर्षीय एंजेला मर्केल अब एक बदली हुई कैबिनेट की अध्यक्षता करेंगी। जर्मनी की कैबिनेट में नतीजे के बाद नाटकीय तौर पर बदलाव हुआ है, जिसमें कई नए चेहरों को अहम पद दिए गए। इनमें विदेश, वित्त और आंतरिक मंत्रालय जैसे विभाग शामिल हैं। 

सीडीयू पार्टी के ट्विटर एकाउंट पर मर्केल ने लिखा कि मैं स्पष्ट नतीजों के लिए एसपीडी को मुबारकबाद देती हूं और जर्मनी के विकास के लिए और भी सहयोग की उम्मीद करती हूं।

नए गठबंधन के मसौदे में इस बात पर भी सहमति बनी है कि 2015 की तरह शरणार्थियों की भीड़ को जर्मनी में घुसने नहीं दिया जाएगा और नए शरणार्थियों की तादाद हर साल 180,000 से 220,000 के बीच में ही रखी जाएगी। मर्केल ने सार्वजनिक रूप से चार साल का कार्यकाल पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

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