मराठा कार्यकर्ताओं ने आरक्षण की मांग को लेकर अब शुरू किया जेल भरो आंदोलन

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महाराष्ट्र में बुधवार को मराठा कार्यकर्ताओं ने आरक्षण की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 355 लोगों को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया। किसी भी हिस्से से हिंसा की जानकारी नहीं मिली है। दक्षिणी मुंबई के आजाद मैदान में मराठा क्रांति मोर्चा के नेतृत्व में आरक्षण समर्थक समूहों ने जेल भरो का आयोजन किया था। यहां पुलिस ने 34 लोगों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया। विरोध प्रदर्शन का रेल और सड़क यातायात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की थी।

प्रदर्शनकारियों ने लातुर में श्रम मंत्री संभाजी पाटिल-निलंगेकर के घर के सामने प्रदर्शन किया। सोलापुर में प्रदर्शनकारियों ने पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आंशिक रूप से जाम भी लगाया। मराठा क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से सबसे ज्यादा आक्रामक प्रदर्शन करने वाले जिले हिंगोली में किसानों ने बैलगाड़ी जुलूस आयोजित किया।

पुलिस ने बताया है कि पुणे में 65, सोलापुर में 50, पंधरपुर में 11, नासिक के मालेगांव में 150 और बीड़ जिले के अंबेजोगाइ में 25 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। नासिक-पुणे महामार्ग पर तो आंदोलनकारी पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर यातायात बाधित करते आ रहे हैं। दो दिन पहले इस हाइवे पर 80 से ज्यादा सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था।

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भावनाओं के आधार पर नहीं होते फैसले : फड़नवीस 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा है कि मराठा आरक्षण का फैसला सिर्फ भावनाओं के आधार पर नहीं लिया जा सकता। इसके लिए कोर्ट में टिकने लायक कानूनी आधार बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज के एक वंशज छत्रपति राजाराम की किताब के विमोचन समारोह को संबोधित थे। उन्होंने पिछले कुछ दिनों से मराठा आरक्षण की मांग को लेकर हो रही हिंसा और आत्महत्याओं को निराशाजनक बताया।

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