कई बार कुछ कहने से बेहतर होता है चुप रहना : अमिताभ बच्चन

- in मनोरंजन

जितने बड़े कलाकार हैं बिग बी, उतनी ही अधिक हैं प्रशंसकों और दर्शकों से उनकी नजदीकियां। हर रविवार घर के बाहर मौजूद भीड़ से मुलाकात हो या सोशल मीडिया पर विचार या दिनचर्या साझा करना, दोनों ही काम वे बिना चूके करते हैं। कई बार कुछ कहने से बेहतर होता है चुप रहना : अमिताभ बच्चन

आपके ब्लॉग के दस साल होने पर आपने एक विशेष पोस्ट भी लिखी, जो अंग्रेजी में थी। उम्मीद की जा रही थी कि आप इस अवसर पर हिंदी में भी कुछ लिखेंगे…

जब कभी अवसर मिलता है, तो हिंदी में भी लिखता हूं। हमारे ब्लॉग से जुड़ी टीम का भी आग्रह रहता है कि ब्लॉग अंग्रेजी में हो। इसकी दो वजहें हैं, एक तो हमारी टीम के लोगों को भी हिंदी बहुत अच्छी नहीं आती और दूसरी बात ये है कि अंग्रेजी विश्व भर में पढ़ी और समझी जाती है। फिर भी जब महसूस होता है कि हिंदी में कुछ लिखा जाए, तो अवसर को समझते हुए हिंदी में ही लिखने का प्रयास होता है। जैसे कि बाबू जी की कविताओं को लेकर कुछ लिखने का मन होता है, तो सदैव हिंदी में ही लिखता हूं। सिर्फ हिंदी या अंग्रेजी नहीं, कभी-कभी दूसरी भाषाओं में भी ब्लॉग लिखता हूं। अरब देशों में रहने वाले फैन्स के लिए कई बार अरबी भाषा में ट्विटर पर पोस्ट होते हैं। कभी बंगाली या उर्दू में भी लिख देता हूं। इन भाषाओं में गूगल से बहुत सहारा मिलता है।

तमाम व्यस्तताओं के बीच सोशल मीडिया के लिए समय निकालना आसान नहीं रहता होगा?

मै इसे अपने काम का हिस्सा मानता हूं, इसलिए रात को सोने से पहले ब्लॉग लिखना या कोई पोस्ट करने का काम पूरा कर लेता हूं। अगर चूक जाऊं तो डिजिटल टीम से शिकायतें आने लगती हैं कि आपने कुछ लिखा क्यों नहीं? कई बार तो वो डांट भी देते हैं कि कहां हैं आप, अब तक आपका ब्लॉग नहीं आया! कोशिश रहती है कि उनको शिकायत का मौका न दूं। रात में लिखने का एक कारण यह भी होता है कि जब हमारे यहां रात होती है, तो दूसरे देशों में दिन होता है और इसका भी डिजिटल दुनिया में महत्व है। इन बातों का भी ध्यान रखा जाता है।

सोशल मीडिया पर कई मौकों पर आप विवादों में आ जाते हैं, कई बार कई मुद्दों पर आपकी चुप्पी भी खलती है। ऐसा क्यों?

हम ऐसा मानते हैं कि सबको अपनी बातें व्यक्त करने का अधिकार है। यह मंच इसीलिए है कि इसका जो जैसे चाहे प्रयोग करे। जहां तक विवादों की बात है तो इसे मैं बहुत गंभीरता से नहीं लेता और जहां लगता है कि खामोश रहना उचित है, हम खामोश रहते हैं। ये हमसे उम्मीद कैसे कर सकते हैं कि हम हर विषय पर कुछ न कुछ कहें। हमारी निजता भी तो है। मेरा मानना है कि कई बार कुछ न कहना ज्यादा उचित रहता है।

आमिर खान के साथ ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ आने वाली है। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

अभी हमें इस फिल्म को लेकर ज्यादा कुछ कहने की इजाजत नहीं है। इतना कह सकता हूं कि हमने इस फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली है। आमिर का कुछ दिनों का काम बाकी है। आमिर के साथ काम करने का अवसर अब मिला। काफी बरसों पहले एक फिल्म शुरू होने वाली थी, जिसे इंद्र कुमार बनाने वाले थे। जिसमें हमारे अलावा माधुरी दीक्षित भी काम करने वाली थीं। दुर्भाग्यवश वो फिल्म शुरू नहीं सकी। ‘लगान’ के वक्त आमिर ने अनुरोध किया था कि हम सूत्रधार बनें, तो हमने सहर्ष स्वीकार किया। अब साथ में काम किया है तो अच्छा लगा। वे बहुत उम्दा किस्म के अभिनेता हैं और जिस शिद्दत से अपनी भूमिका करते हैं, वो काबिलेतारीफ है।

इस फिल्म की शूटिंग के दौरान आपको चोट भी लगी थी। अब वो चोट ठीक है?

मेरा तो पूरा शरीर टूटा हुआ है। चोट अब भी है लेकिन इलाज चलता रहता है। ट्रीटमेंट तो बंद नहीं होता। जब ठीक हो जाते हैं, तो काम आगे बढ़ा देते हैं। अब तो इसी प्रकार काम करना होता है।

यह फिल्म यशराज बैनर तले बन रही है। यशराज और विशेषकर यश चोपड़ा से तो आपका विशेष रिश्ता रहा है…

जी हां। मुझे अक्सर वो दिन याद आ जाते हैं, जब दादर में राजकमल स्टूडियो में यश जी का एक सिंगल रूम का दफ्तर हुआ करता था, जो दरअसल एक मेकअप रूम का हिस्सा था। उस कमरे का साइज भी बहुत छोटा था। उसी छोटे कमरे में एक तरफ कुर्सी पर वे बैठते थे। उनके सामने उनके एकाउटेंट बैठते थे। एक कोने में मेकअप का सामान रखा रहता था। वहां से उन्होंने अपना सफर शुरू किया और इतना बड़ा साम्राज्य (यशराज स्टूडियो) खड़ा किया। मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे उनके साथ इतना काम करने का अवसर मिला। आदित्य चोपड़ा जिस मेहनत से काम कर रहे हैं और अपने पिता के काम को आगे बढ़ा रहे हैं, वो अद्भुत है।

आपकी अगली फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ है। उसकी शूटिंग कब से शुरू करेंगे?

उसकी शूटिंग अगले महीने से शुरू होगी। वैसे फिल्म का निर्माण आरंभ हो चुका है। उसमें मेरी छोटी सी भूमिका है। मुख्य भूमिकाएं रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की हैं। 

रणबीर और आलिया पहली बार आपके साथ काम करेंगे…

मै भी पहली बार उनके साथ काम करूंगा। मैं इन दोनों को बहुत ही भयंकर किस्म के कलाकार मानता हूं। इस नई पीढ़ी को लेकर मैं इसलिए प्रभावित होता हूं कि जिस लगन और मेहनत से ये लोग काम करते हैं, वो लाजवाब है। आज भी उनकी लगन और कार्यशीलता से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। ये पहली फिल्म में भी इतने आत्मविश्वास से काम करते हैं कि कभी महसूस ही नहीं होता कि ये लोग पहली बार काम कर रहे हैं। 

सुजॉय घोष के साथ आपकी फिल्म शुरू होने जा रही है। उनका मानना है कि आपके साथ काम करना एक नशा है, जिसके बिना अब वे फिल्म नहीं बनाते…

वो हमारे मित्र हैं, जिनको हम आदर के साथ देखते हैं। वो मेरे पास प्रस्ताव ही ऐसे लाते हैं कि उनको मना नहीं कर पाता हूं। इस बार भी एक रोचक विषय है, जिसे एक स्पेनिश फिल्म का रीमेक कह सकते हैं। हमारे साथ तापसी पन्नू हैं, जो बेहतरीन अभिनेत्री हैं। जून में ये फिल्म शुरू हो जाएगी। सुजॉय अकेले ऐसे फिल्मकार नहीं हैं।

आर. बाल्की भी कहते हैं कि आपके बिना वे कोई फिल्म नहीं सोच पाते?

ये उन लोगों की उदारता है, जो ऐसा कहते हैं। मुझे इन बातों में कोई सच्चाई नहीं लगती। हर फिल्मकार का विजन होता है। बाल्की हों या सुजॉय, दोनों बेहतरीन निर्देशक हैं और मैं आभारी हूं कि वो मुझे अपने साथ काम करने का अवसर देते हैं।

ये फिल्मकार आपके फैन हैं, जो आपके साथ काम करते हैं। तो क्या सेट पर भी वे फैन ही रहते हैं?

ऐसा बिल्कुल नहीं होता। डायरेक्टर हमेशा डायरेक्टर ही रहता है। मैं भी बाल्की का फैन हूं मगर सेट पर एक ही रिश्ता होता है, कलाकार और निर्देशक का। वो जैसा कहते हैं, हम उनके निर्देशों का पालन करते हैं और यथासंभव श्रेष्ठ करने की कोशिश करते हैं।

‘कौन बनेगा करोड़पति’ का नया सीजन लौट रहा है। पिछले साल इसको टीआरपी चार्ट में मिली बढ़त से माना गया कि छोटा सीजन होने से फायदा मिला। क्या इस बार भी छोटा सीजन होगा?

ये तो टीम को तय करना है। हम इतना कह सकते हैं कि केबीसी का नया सीजन आएगा और छोटा सीजन वाली बात को लेकर अनुरोध है कि वे इस बार भी छोटा सीजन रखें, तो बेहतर रहेगा। जुलाई-अगस्त तक शायद हम सेट पर होंगे। इस बारे में अभी तैयारियां हो रही हैं, कुछ कहना जल्दबाजी होगी। वेब सीरीज और शॉर्ट फिल्मों के नए माध्यमों को किस प्रकार से देखते हैं? दोनों ही बहुत रोमांचकारी माध्यम है। अगर मुझे इनसे जुड़ने का प्रस्ताव मिलेगा, तो खुशी होगी। एक प्रयत्न किया था धारावाहिक ‘युद्ध’ में काम करने का। उसका फल अच्छा नहीं रहा। इन दोनों को लेकर मैं उत्सुक हूं।

अभी कुछ दिनों पहले आपने शुजित सरकार की ‘शू बाइट’ की रिलीज को लेकर पोस्ट किया था। मामला कहां अटका है?

ये मामला स्टार फॉक्स के पास अटका हुआ है। इससे पहले इस फिल्म के अधिकार वॉर्नर ब्रदर्स के पास थे। उससे पहले डिज्नी कंपनी इसका निर्माण कर रही थी। मै दिल से चाहता हूं कि यह फिल्म यथाशीघ्र रिलीज हो। हमें आश्वासन भी मिला है कि स्टार फॉक्स कंपनी इस ओर प्रयासरत है। फिल्म पूरी तरह से रिलीज के लिए तैयार है। एक रोचक कहानी है। उम्मीद और कामना है जल्दी से रिलीज हो। मैं चाहता हूं कि मीडिया में भी इस बात को उठाया जाए, ताकि वे लोग और ज्यादा प्रयत्न करें।

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